15 सितंबर को ऋषि पंचमी व्रत उद्यापन में निकलेगी सप्त ऋषियों की सम्मान यात्रा. शक्ति की महिला सनातन जागरण परिवार द्वारा परम पूज्य महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती भारत जी महाराज के सानिध्य में आयोजित है कार्यक्रम 108 महिलाओं का होगा संगीतमय ऋषि पंचमी उद्यापन. शहर वासी करेंगे सप्त ऋषियों की सम्मान यात्रा का पुष्प वर्षा से अभिनंदन




15 सितंबर को ऋषि पंचमी व्रत उद्यापन में निकलेगी सप्त ऋषियों की सम्मान यात्रा. शक्ति की महिला सनातन जागरण परिवार द्वारा परम पूज्य महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती भारत जी महाराज के सानिध्य में आयोजित है कार्यक्रम 108 महिलाओं का होगा संगीतमय ऋषि पंचमी उद्यापन
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सकती -जिला मुख्यालय शक्ति शहर की धार्मिक संस्था महिला सनातन जागरण परिवार द्वारा परम पूज्य महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती (भरत जी) महाराज के पावन सानिध्य में 108 महिलाओं का संगीतमय ऋषि पंचमी व्रत उद्यापन कार्यक्रम 15 सितंबर 2026 को श्री राधा कृष्ण मंदिर शक्ति में आयोजित किया गया है। तथा इस अवसर पर श्री पराशक्ति ज्योतिष पीठम परिसर से सुबह 9 बजे सप्त ऋषियों के सम्मान में एक भव्य शोभायात्रा निकलेगी।यह सम्मान यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए पुष्प वर्षा के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी। तथा ऋषि पंचमी उद्यापन कार्यक्रम एवं सप्त ऋषियों की सम्मान यात्रा के लिए शहर के प्रमुख मार्गो में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं एवं शहर वासी जहां इस सम्मान यात्रा में स्वयं उपस्थित होकर पुष्प वर्षा के माध्यम से सप्त ऋषियों का अभिनंदन- स्वागत करेंगे l।तो वही सुबह 10:30 से श्री राधा कृष्ण मंदिर सभागार में ऋषि पंचमी उद्यापन का कार्यक्रम प्रारंभ होगा तथा इस आयोजन को लेकर जहां सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। तो वही परम पूज्य महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती भरत जी महाराज के सानिध्य में यह संपूर्ण कार्यक्रम संपन्न होगा।
सप्त ऋषियों की होगी पूजा अर्चना
श्री पराशक्ति ज्योतिष पीठम परिवार एवं आचार्य बसंत जी महाराज जी ने बताया कि ऋषि पंचमी उद्यापन को लेकर श्री पराशक्ति ज्योतिष पीठम से निकलने वाली सम्मान यात्रा में सप्त ऋषियों की प्रतिमा रथ पर सवार रहेगी। जिसे बैंड बाजे एवं आतिशबाजी के साथ कार्यक्रम स्थल तक ले जाया जाएगा एवं सप्त ऋषियों की जहां उद्यापन के दौरान पूजा अर्चना भी होगी तो वहीं सप्त ऋषियों में प्रमुख रूप से महर्षि कश्यप. महर्षि अत्रि. महर्षि भारद्वाज. महर्षि विश्वामित्र. महर्षि गौतम. महर्षि जामदअग्नि। ब्रह्म ऋषि वशिष्ठ जी एवं वशिष्ठ जी की धर्मपत्नी अरुंधति जी की प्रतिमा रहेगी
प्रत्येक महिला को विवाह के 1 वर्ष पश्चात जरूर करना चाहिए ऋषि पंचमी व्रत- भरत जी महाराज
तथा इस संबंध में महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती भरत जी महाराज ने बताया कि ऋषि पंचमी का उद्यापन विवाह के 1 वर्ष के पश्चात प्रत्येक महिलाओं को जरूर करना चाहिए तथा इस उद्यापन से जहां तीन प्रकार के ऋणों से मुक्ति मिलती है।जिसमें प्रमुख रूप से पितृ ऋण। देव ऋण एवं ऋषि ऋण शामिल है। तथा भरत जी महाराज ने बताया कि ऋषि पंचमी उद्यापन को लेकर यह बात कही जाती है कि इस उद्यापन के लिए महिलाओं हेतु एक समय सीमा निर्धारित है लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। विवाह के 1 साल के पश्चात कोई भी महिला इस उद्यापन को कर सकती है। एवं यथासंभव महिलाओं को प्रत्येक वर्ष ऋषि पंचमी का व्रत भी संभव हो तो जरूर करना चाहिए एवं यह ऋषि पंचमी का उद्यापन जहां विभिन्न प्रकार के दोषों के निवारण के लिए भी सहायक होता है
आयोजन को लेकर हुई तैयारी पूर्ण
15 सितंबर को होने वाले ऋषि पंचमी उद्यापन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण हो गई है. एवं महिला सनातन जागरण परिवार के सभी सदस्य तैयारियो को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। तथा जिला मुख्यालय शक्ति के श्री राधा कृष्ण मंदिर में एक भव्य आयोजन के रूप में यह कार्यक्रम होगा। एवं आयोजक संस्था ने सभी श्रद्धालु भक्तजनो को 15 सितंबर को सुबह 9:00 बजे सप्त ऋषियों की सम्मान यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है










