शुद्ध शाकाहारी एवं लजीज व्यंजनों के लिए पूरे प्रदेश में मशहूर है शक्ति का पापा का ढाबा. छोटे बड़े सेलिब्रेशन एवं वैवाहिक आयोजनों के लिए भी बनाया गया है पापा लॉन. 30 वर्ष पूर्व शहर में लोगों को सह परिवार ढाबा संस्कृति के प्रति विश्वास मजबूत करने का काम किया पापा का ढाबा ने. प्रतिदिन अन्य जिलों से भी लोग फैमिली के साथ पहुंचते हैं लंच- डिनर के लिए

शुद्ध शाकाहारी एवं लजीज व्यंजनों के लिए पूरे प्रदेश में मशहूर है शक्ति का पापा का ढाबा. छोटे बड़े सेलिब्रेशन एवं वैवाहिक आयोजनों के लिए भी बनाया गया है पापा लॉन. 30 वर्ष पूर्व शहर में लोगों को सह परिवार ढाबा संस्कृति के प्रति विश्वास मजबूत करने का काम किया पापा का ढाबा ने. प्रतिदिन अन्य जिलों से भी लोग फैमिली के साथ पहुंचते हैं लंच- डिनर के लिए kshititech
शक्ति जिला मुख्यालय से लगे हरेठी में स्थित मशहूर पापा का ढाबा

शुद्ध शाकाहारी एवं लजीज व्यंजनों के लिए पूरे प्रदेश में मशहूर है शक्ति का पापा का ढाबा. छोटे बड़े सेलिब्रेशन एवं वैवाहिक आयोजनों के लिए भी बनाया गया है पापा लॉन. 30 वर्ष पूर्व शहर में लोगों को सह परिवार ढाबा संस्कृति के प्रति विश्वास मजबूत करने का काम किया पापा का ढाबा ने

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से शक्ति शहर के तत्कालीन नेशनल हाईवे मार्ग में ग्राम हरेठी में स्थित शुद्ध शाकाहारी पापा का ढाबा ने लोगों को खाने के लिए जहां ढाबा संस्कृति के प्रति आकर्षित किया तथा पापा का ढाबा शुद्ध शाकाहारी एवं लजीज व्यंजनो के लिए करीब तीन दशक से आज भी लोगों के एक विश्वास का बड़ा ढाबा बना हुआ है। एवं इस पापा का ढाबा के संचालक भारत ठाकुर ने करीब तीन दशक पूर्व अल्प संसाधनों से लोगों को शुद्ध भोजन वाजिब मूल्य पर देने की जहां एक अच्छी शुरुआत की तो वहीं इस पापा के ढाबा में शहर सहित प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले लोग भी सह परिवार यहां भोजन करते हैं।तथा वर्तमान समय के अनुरूप जहां पापा ढाबा में छोटे-बड़े सेलिब्रेशन एवं वैवाहिक आयोजनों के लिए भी ढाबे के ठीक सामने पापा लॉन की स्थापना की गई है। तो वहीं प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से लेकर रात्रि 11:00 तक पापा ढाबा में लंच एवं डिनर करने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती है। तथा लोगों का कहना है कि इस ढाबे में जहां शुद्ध शाकाहारी भोजन विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के साथ मिलता है। तो वहीं अन्य होटल रेस्टोरेंट की तुलना में यहां की कीमत भी बड़ी की किफायती है। तथा यहां का टेस्ट लोगों में रच -बस गया है। जिसके चलते नियमित रूप से देखा जाए तो शक्ति जिला मुख्यालय को छोड़कर खरसिया। रायगढ़। चांपा बाराद्वार कोरबा।जांजगीर। अकलतरा तक के लोग यहां प्रतिदिन भोजन करने आते हैं

ढाबे में पार्सल की भी सुविधा है उपलब्ध

शक्ति के मशहूर पापा का ढाबा में पार्सल की भी सुविधा नियमित रूप से दी जाती है. तथा दोनों समय लंच एवं डिनर के पार्सल जहां लोग अपने घरों के लिए मंगाते हैं।तो वहीं पापा ढाबा के विभिन्न प्रकार के लजीज व्यंजन है

पापा ढाबा में बैठने की है बहुत ही सुंदर व्यवस्था

शक्ति के पापा ढाबा में आने वाले लोगों के लिए लंच एवं डिनर करने के लिए जहां बहुत ही सुंदर बैठक की व्यवस्था की गई है. तो वहीं पूरे परिसर में स्वच्छता का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है

छोटे-बड़े आयोजनों के लिए बड़े वातानुकूलित हाल की भी है व्यवस्था

शक्ति के पापा ढाबा में आए दिन छोटी-बड़ी पार्टियों के लिए वातानुकूलित बड़े हाल की भी समुचित व्यवस्था है। जहां किसी भी परिवार या की संस्था द्वारा बहुत ही व्यवस्थित ढंग से अपने कार्यक्रम किए जाते हैं

पापा ढाबा परिसर में हरियाली का भी रखा गया है विशेष ध्यान

शक्ति के हरेठी में स्थित पापा का ढाबा में हरियाली का भी विशेष ध्यान रखा गया है। तथा बारहो महीने जहां लोग यहां बाहर बैठकर लंच- डिनर का आनंद लेते हैं तो वहीं पूरे परिसर में चारों तरफ बहुत ही सुंदर वृक्ष भी लगाए गए हैं। तथा इन वृक्षों से ताजा- ताजा हवा लोगों को काफी राहत देती है

ढाबे के प्रशिक्षित कुक लोगों की पसंद के अनुसार देते हैं उन्हें व्यंजनों की सुविधा

पापा का ढाबा जहां टेस्ट के लिए जाना जाता है. तो वहीं यहां बरसों से काम करने वाले कुक भी लोगों को उनकी पसंद के अनुरूप व्यंजनों का स्वाद प्रदान करते हैं। तथा वर्तमान समय में आज प्रत्येक व्यक्ति की अपनी एक अलग-अलग पसंद होती है। किसी को चटपटा भोजन पसंद होता है तो किसी को अलग स्वाद। किंतु पापा ढाबा के कुक यहां आने वाले लोगों की पसंद को समझ चुके हैं तथा पसंद के अनुरूप ही उन्हें व्यंजन मिलता है

विदेशों में रहने वाले परिवार भी अपने घर आने पर पापा ढाबा आते हैं जरूर

शक्ति क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र में अनेकों परिवार आज विदेश में अलग-अलग पदों पर सेवाएं दे रहे हैं. तथा ये परिवार जब भी छुट्टियों में अपने घर आते हैं। तो वे पापा ढाबा का भोजन करने जरूर पहुंचते हैं

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