मेट्रो रेल की पटरियों के बीच लगाए गए सोलर पैनल. 70000 यूनिट ग्रीन एनर्जी होगी पैदा

मेट्रो रेल की पटरियों के बीच लगाए गए सोलर पैनल. 70000 यूनिट ग्रीन एनर्जी होगी पैदा kshititech

मेट्रो रेल की पटरियों के बीच लगाए गए सोलर पैनल. 70000 यूनिट ग्रीन एनर्जी होगी पैदा

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -भारतीय मेट्रो अब सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा भी तैयार कर रही है।इसी सोच को हकीकत में बदलते हुए माहा मेट्रो ने नागपुर में एक बेहद स्मार्ट और अनोखा प्रयोग किया है मेट्रो पटरियों के बीच की खाली जगह को सोलर पावर प्लांट में बदल दिया गया है।जहाँ आमतौर पर यह जगह बेकार पड़ी रहती है, वहीं अब वही हिस्सा हर साल लगभग 70,000 यूनिट स्वच्छ बिजली पैदा कर रहा है। यही ऊर्जा मेट्रो स्टेशनों की लाइटिंग और जरूरी सुविधाओं को चलाने में काम आ रही है यानि बचत भी, और पर्यावरण की सुरक्षा भी।यह पहल इसलिए खास है क्योंकि इसमें न कोई अतिरिक्त जमीन ली गई, न ही बड़े बदलाव किए गए बस सोच बदली गई। आज जब दुनिया प्रदूषण और ऊर्जा संकट से जूझ रही है, ऐसे छोटे लेकिन असरदार कदम ही असली बदलाव लाते हैं। भारतीय रेलवे देश के और बाकी शहरों के मेट्रो नेटवर्क अगर इस मॉडल को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में भारत न सिर्फ सफर में, बल्कि ऊर्जा के मामले में भी आत्मनिर्भर बन सकता है।संदेश साफ है जहाँ लोग खाली जगह देखते हैं,वहीं नई सोच भविष्य की ऊर्जा ढूंढ लेती है।

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