टनाटन व्यवस्था है शक्ति जिले में-शक्ति जिले में सरकारी खाद के भंडारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था। कलेक्टर तोपनो के निर्देशन में 16894 मेट्रिक टन खाद का हो चुका है भंडारण. किसानों को मिलेगा समय पर खाद. उप संचालक कृषि शक्ति ने दी जानकारी. नई गाइडलाइन के अनुसार होगा खाद का वितरण

टनाटन व्यवस्था है शक्ति जिले में-शक्ति जिले में सरकारी खाद के भंडारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था। कलेक्टर तोपनो के निर्देशन में 16894 मेट्रिक टन खाद का हो चुका है भंडारण. किसानों को मिलेगा समय पर खाद. उप संचालक कृषि शक्ति ने दी जानकारी. नई गाइडलाइन के अनुसार होगा खाद का वितरण kshititech
फाइल फोटो एक नजर में

शक्ति जिले में सरकारी खाद के भंडारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था। कलेक्टर तोपनो के निर्देशन में 16894 मेट्रिक टन खाद का हो चुका है भंडारण. किसानों को मिलेगा समय पर खाद. उप संचालक कृषि शक्ति ने दी जानकारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -उप संचालक कृषि, जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को शासन की नई व्यवस्था के तहत खाद वितरण में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जा रही है। विशेष रूप से यूरिया एवं सुपर फास्फेट की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है तथा किसानों को आवश्यकता अनुसार यूरिया और सुपरफॉस्फेट सतत उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार यूरिया पिछले साल की कुल मात्रा का 80 प्रतिशत ही पारंपरिक यूरिया के रूप में पहले उपलब्ध कराया जा रहा है। शेष 20 प्रतिशत आपूर्ति होने पर दिया जायेगा, अन्यथा उसकी जगह नैनो यूरिया का विकल्प रहेगा। डीएपी पिछले साल की मात्रा का 60 प्रतिशत ही उपलब्ध कराया जा रहा है। बाकी बचा 40 प्रतिशत कोटा अन्य वैकल्पिक एनपीके खाद या नैनो डीएपी के माध्यम से पूरा किया जाएगा। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे प्रति एकड़ डीएपी की 01 बोरी के बराबर पोषक तत्व अन्य विकल्पों से भी प्राप्त किये जा सकते हैं। किसानों को सुझाव दिया जाता है कि 01 बोरी डीएपी के स्थान पर 03 बोरी एसएसपी के साथ या 02 बोरी अमोनियम फास्फेट सल्फेट का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा 01 बोरी टीएसपी के साथ 02 बोतल नैनो यूरिया 500 मिली. और 02 बोतल नैनो डीएपी 500 मिली. प्रभावी विकल्प हैं। जिससे डीएपी की खपत कम होगी तथा फसल को संतुलित पोषक तत्व प्राप्त होंगें। कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि जिले के 96 समितियों में उर्वरक का भण्डारण पर्याप्त मात्रा में है। अभी भी सतत् जिले में रेक लग रही हैं तथा उर्वरक का भण्डारण किया जा रहा हैं। किसानों से अपील की जाती है कि आवश्यकता अनुसार जल्द से जल्द खाद का उठाव करावें। निजी विक्रेताओं द्वारा सरकारी दर से अधिक कीमत पर विक्रय पर रोक लगाने हेतु जिला स्तरीय निगरानी दल एवं विकासखण्ड स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा सतत् निगरानी की जा रही है। जिले के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा कुल 113 विक्रय स्थलों का निरीक्षण किया जा चुका है। 05 विक्रय केन्द्रों को विक्रय प्रतिबंध कर प्राधिकार पत्र निलंबन की कार्यवाही की गयी तथा 58 विक्रय केन्द्रों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। बिना पोस मशीन के वितरण करते हुए पाये जाने पर कठोर कार्यवाही की जावेगी। किसानो को खाद्य के लिए किसी भी प्रकार की किल्लत नहीं होगी। समितियो में खाद का लक्ष्य 28750.00 में टन उर्वरक का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। वर्तमान स्थिति में 16894.00 में टन रासायनिक उर्वरक का भण्डारण हो चुका है। अतः जिले के किसानों को खाद्य वितरण के लिए किसी भी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है।

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