चलो बर्फानी बाबा ने बुलाया है-3.50 लाख श्रद्धालुओं ने करवाया अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीयन. 3 जुलाई से प्रारंभ हो जाएगी 57 दिनों की बाबा अमरनाथ बर्फानी की धार्मिक यात्रा. रक्षाबंधन के दिन होता है यात्रा का समापन

चलो बर्फानी बाबा ने बुलाया है-3.50 लाख श्रद्धालुओं ने करवाया अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीयन. 3 जुलाई से प्रारंभ हो जाएगी 57 दिनों की बाबा अमरनाथ बर्फानी की धार्मिक यात्रा. रक्षाबंधन के दिन होता है यात्रा का समापन kshititech
जय बाबा बर्फानी वाले अमरनाथ की

3.50 लाख श्रद्धालुओं ने करवाया अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीयन. 3 जुलाई से प्रारंभ हो जाएगी 57 दिनों की बाबा अमरनाथ बर्फानी की धार्मिक यात्रा. रक्षाबंधन के दिन होता है यात्रा का समापन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -इस साल की वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए अब तक 3.5 लाख से अधिक यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। 15 अप्रैल से देशभर में PNB, J&K बैंक, SBI और यस बैंक की 550 नामित शाखाओं में पंजीकरण चल रहा है।यह 57 दिवसीय यात्रा 3 जुलाई से बालटाल-सोनमर्ग और नुनवान-पहलगाम दोनों मार्गों से शुरू होगी। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन यात्रा का समापन होगा।श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने पहली बार यात्री निवास पंथा चौक, श्रीनगर में लाइट एंड साउंड शो शुरू किया है। यात्रा अवधि के दौरान यह शो रोजाना चलेगा। इसमें यात्रा मार्ग, व्यवस्थाओं के साथ भजन और कीर्तन दिखाए जाएंगे।दोनों ट्रैकों पर बर्फ हटाने और रास्ता बहाल करने का काम जोरों पर है। बालटाल ट्रैक पर 9 किमी और नुनवान-पहलगाम मार्ग पर 8 किमी तक बर्फ साफ हो चुकी है। सामान्य जगहों पर 8 फीट और एवलांच जोन में 10 फीट से ज्यादा बर्फ है। सूत्रों के मुताबिक नुनवान की तरफ महा गणेश टॉप तक और बालटाल की तरफ काली माता टॉप तक बर्फ हट चुकी है। 12 फीट चौड़े ट्रैक की बहाली का काम चल रहा है। रिटेनिंग वॉल, ब्रेस्ट वॉल और कलवर्ट का निर्माण भी जारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि 15 जून तक दोनों ट्रैक पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।

नुनवान-पहलगाम, बालटाल-सोनमर्ग और बिजबेहरा अनंतनाग में बने नए यात्री भवनों का इस्तेमाल इस साल से होगा। बिजबेहरा और नुनवान में 90 करोड़ की लागत से बने चार मंजिला यात्री निवास में 1000-1000 श्रद्धालु रुक सकेंगे। बालटाल में 80 करोड़ का यात्री निवास 800 लोगों की क्षमता वाला है।पिछली आपदाओं को देखते हुए इस बार कमजोर और बाढ़ संभावित जगहों पर कैंप नहीं लगाए जाएंगे। सभी कैंप सुरक्षित स्थानों पर ही बनेंगे। दर्शन के बाद किसी भी यात्री को पवित्र गुफा के पास रुकने की अनुमति नहीं होगी। संवेदनशील इलाके श्रद्धालुओं के लिए प्रतिबंधित रहेंगे।PWD, PHE और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने यात्रा सुविधाओं का काम शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। लंगर फाइनल करने की प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण विकास विभाग ने ट्रैक, बेस कैंप और गुफा के पास सफाई के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं

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