क्या है बंगाल के प्रथम चरण में बंफ़र मतदान का गणित.सत्ता समर्थन का संकेत भी हो सकता है अधिक मतदान

क्या है बंगाल के प्रथम चरण में बंफ़र मतदान का गणित.सत्ता समर्थन का संकेत भी हो सकता है अधिक मतदान kshititech

क्या है बंगाल के प्रथम चरण में बंफ़र मतदान का गणित.सत्ता समर्थन का संकेत भी हो सकता है अधिक मतदान

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के संपन्न हुए में मतदान के बंपर प्रतिशत में जहां सभी राजनैतिक दलों एवं निर्वाचन आयोग को भी चौका कर रख दिया है तो वहीं इस बंपर मतदान को लेकर निर्वाचन आयोग भी जहां मतदाताओं को धन्यवाद ज्ञापित कर रहा है। तो वहीं बंपर मतदान के चलते राजनैतिक दल भी अपनी अपनी जीत को लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं। किंतु राजनीति के जानकारों का गणित कुछ अलग ही चल रहा है।2011 में भी जब रिकॉर्ड 85.55% वोटिंग हुई थी तब बड़ा बदलाव देखने को मिला था। उस समय 34 साल पुरानी लेफ्ट फ्रंट सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस बंगाल की सत्ता में आई थी। यह वोटिंग दर 2011 के विधानसभा चुनावों में दर्ज 85.55% और 2024 के लोकसभा चुनावों में 79.8% से कहीं ज्यादा है। यह दर्शाता है कि मतदाताओं में इस बार चुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह है। कुल 3.60 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 1.75 करोड़ महिला वोटर शामिल थीं, जो लोकतंत्र में बढ़ती महिला भागीदारी को भी दर्शाता है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो जब भी ज्यादा मतदान होता है वो बदलाव की इच्छा को दर्शाता है, लेकिन यह सत्ता के समर्थन का संकेत भी हो सकता है। 2011 में उच्च मतदान ने सत्ता परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया था, लेकिन हर चुनाव का संदर्भ अलग होता है।

प्रातिक्रिया दे