खाद दुकानों पर शक्ति जिला प्रशासन ने करी फिर कार्रवाई- कलेक्टर तोपनों ने किया स्पष्ट- नकली खाद एवं अधिक दामों पर बेचने वाले विक्रेताओं को नहीं बक्शेगा प्रशासन. कलेक्टर की कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में दशहत. पांडुलिपियों का होगा सर्वेक्षण. कलेक्टर के निर्देशन में कृषि विभाग लगातार कर रहा कारवाई

खाद दुकानों पर शक्ति जिला प्रशासन ने करी फिर कार्रवाई- कलेक्टर तोपनों ने किया स्पष्ट- नकली खाद एवं अधिक दामों पर बेचने वाले विक्रेताओं को नहीं बक्शेगा प्रशासन. कलेक्टर की कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में दशहत. पांडुलिपियों का होगा सर्वेक्षण. कलेक्टर के निर्देशन में कृषि विभाग लगातार कर रहा कारवाई kshititech
खाद दुकानों पर शक्ति जिला प्रशासन ने करी फिर कार्रवाई- कलेक्टर तोपनों ने किया स्पष्ट- नकली खाद एवं अधिक दामों पर बेचने वाले विक्रेताओं को नहीं बक्शेगा प्रशासन. कलेक्टर की कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में दशहत. पांडुलिपियों का होगा सर्वेक्षण. कलेक्टर के निर्देशन में कृषि विभाग लगातार कर रहा कारवाई kshititech

खाद दुकानों पर शक्ति जिला प्रशासन ने करी फिर कार्रवाई- कलेक्टर तोपनों ने किया स्पष्ट- नकली खाद एवं अधिक दामों पर बेचने वाले विक्रेताओं को नहीं बक्शेगा प्रशासन. कलेक्टर की कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में दशहत. पांडुलिपियों का होगा सर्वेक्षण

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन तथा उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में उर्वरक विक्रेताओं पर सख्त शिकंजा कसते हुए लगातार छापामार कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री और गुणवत्ताहीन सामग्री के वितरण पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है, वहीं किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद एवं कीटनाशक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। खरीफ सीजन प्रारंभ होने से पहले जिले में उर्वरकों की सुचारू एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान विक्रय केंद्रों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उर्वरक निरीक्षकों को सतत निगरानी रखने और कालाबाजारी, डायवर्सन तथा जमाखोरी रोकने के लिए सख्ती बरतने को कहा गया है।कृषि विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार विगत दिवस जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय टीम द्वारा विभिन्न विकासखंडों के उर्वरक विक्रय स्थलों एवं भंडारण गृहों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विकासखंड मालखरौदा स्थित मेसर्स रामावतार अग्रवाल फर्म एवं मेसर्स आदित्य ट्रेडर्स, कुदरी में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते स्पष्टीकरण जारी किया गया। जांच में पाया गया कि संबंधित फर्मों द्वारा विक्रय स्थल पर स्टॉक का प्रदर्शन नहीं किया जा रहा था, क्रेता को प्रपत्र में कैश व क्रेडिट मेमो जारी नहीं किया जा रहा था तथा प्राधिकृत पत्र में फर्म का उल्लेख किए बिना व्यापार किया जा रहा था। साथ ही पोस स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में भिन्नता भी पाई गई। उक्त अनियमितताओं के चलते उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक एवं मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश-1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया, जिसके कारण 07 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु उर्वरक निरीक्षक द्वारा नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग ने बताया कि अब तक जिले में उर्वरक निरीक्षकों द्वारा कुल 50 विक्रय स्थलों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 03 विक्रय केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए प्राधिकार पत्र निलंबन की कार्यवाही की गई है तथा 19 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही बताया गया कि बिना पोस मशीन के वितरण करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उप संचालक कृषि विभाग सक्ती श्री तरुण कुमार प्रधान ने बताया कि किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद, बीज एवं दवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन विक्रेताओं द्वारा गुणवत्ताहीन सामग्री का विक्रय किया जाएगा, उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना 30 अप्रैल तक : कलेक्टर ने की स्व-गणना करने की अपील सक्ती-जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने हेतु कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो ने जिले के नागरिकों से स्व-गणना पोर्टल

https://se.census.gov.in/
पर स्वयं जानकारी दर्ज करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में स्व-गणना 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा, जबकि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे तथा हर मकानों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी भी संकलित की जाएगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत आपकी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित एवं गोपनीय रखी जाएगी।

ज्ञानभारतम् मिशन के तहत जिले में पांडुलिपियों के सर्वेक्षण हेतु जिला स्तरीय समिति का गठन

सक्ती-सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतं मिशन” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों के संरक्षण एवं सर्वेक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस क्रम में जिला स्तरीय समिति का गठित किया गया है। गठित समिति में कलेक्टर को अध्यक्ष तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, नगर निगम, नगरपालिका आयुक्त, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय प्रतिनिधि, संस्कृत एवं प्राचीन भाषा विशेषज्ञ तथा जिला शिक्षा अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति का उद्देश्य जिले में स्थित सरकारी एवं निजी पांडुलिपि संग्रह केंद्रों एवं व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं का चिन्हांकन एवं सूचीकरण करना है। जिले में संभावित पांडुलिपि संग्रह केंद्रों में संस्कृत महाविद्यालय, पुस्तकालय, संग्रहालय, शोध संस्थान, मंदिर, मठ, आश्रम, गुरुकुल एवं ट्रस्ट आदि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा निजी स्तर पर विद्वानों, पुरोहितों, ज्योतिषाचार्यों एवं आयुर्वेदाचार्यों के पास भी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां संरक्षित हो सकती हैं। सर्वेक्षण कार्य संबंधित संग्रहकर्ता, संस्था की सहमति से किया जाएगा तथा पांडुलिपियों का स्वामित्व यथावत संबंधित संग्रहकर्ता के पास ही रहेगा। यह सर्वेक्षण “ज्ञान भारतम् मोबाइल एप्स” के माध्यम से किया जाएगा, जो गूगल प्ले स्टोर एवं ऐप स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। जिला स्तरीय नोडल अधिकारी द्वारा प्रत्येक 15 दिवस में सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा की जाएगी तथा प्रगति प्रतिवेदन राज्य स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। आगामी तीन माह के भीतर सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं से इस महत्वपूर्ण मिशन में सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करने की अपील की है, जिससे देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा सके।

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