क़ानून की जानकारी का अभाव क्षम्य नहीं होता: न्यायाधीश श्री शिवहरे



क़ानून की जानकारी का अभाव क्षम्य नहीं होता: न्यायाधीश श्री शिवहरे
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -आज दिनांक 14/04/26 को ग्राम बोईरडीह में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय श्री प्रशांत कुमार शिवहरे उपस्थित रहे।न्यायाधीश श्री शिवहरे ने अपने उद्बोधन में अत्यंत सरल और सुबोध भाषा में ग्रामीणों को विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला: साइबर क्राइम से बचाव: वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और सोशल मीडिया के खतरों के प्रति आगाह किया। टोनही प्रताड़ना एवं सामाजिक कुरीतियाँ: समाज में व्याप्त अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना जैसे कृत्यों को गंभीर अपराध बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है, मोटर व्हीकल एक्ट: सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने, हेलमेट लगाने और बिना लाइसेंस वाहन न चलाने पर जोर दिया ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।नि:शुल्क विधिक सहायता: उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए शासन की ओर से नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध है, ताकि कोई भी व्यक्ति गरीबी के कारण न्याय से वंचित न रहे।न्यायाधीश महोदय ने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए ‘लोक अदालत’ को सबसे सुगम माध्यम बताया। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया कि वे आपसी छोटे-मोटे विवादों को राजीनामे और समझौते के माध्यम से सुलझाएं, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
कानून की अनभिज्ञता दंड से नहीं बचा सकती, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी ज्ञान होना चाहिए।” — श्री प्रशांत कुमार शिवहरे (प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश)
उक्त कार्यक्रम में सरपंच श्रीमति अमृत बाई कुर्रे एवं कोर्ट स्टाफ जयनारायण देवांगन,पैरालीगल वालेंटियर मनीष साहू उपस्थित रहे।शिविर के दौरान ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी शंकाओं का समाधान सीधे न्यायाधीश महोदय से संवाद कर किया।



