जनगणना को लेकर गंभीर होगा मुस्लिम समाज-इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया लखनऊ की देश भर के मुस्लिमों से अपील. मौलाना खालिद रशीद ने कहा- मुस्लिम भाई जनगणना में गंभीरता से भाग ले. धर्म के कॉलम में इस्लाम तो वही मातृभाषा के कालम में उर्दू लिखने की करी अपील

जनगणना को लेकर गंभीर होगा मुस्लिम समाज-इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया लखनऊ की देश भर के मुस्लिमों से अपील. मौलाना खालिद रशीद ने कहा- मुस्लिम भाई जनगणना में गंभीरता से भाग ले. धर्म के कॉलम में इस्लाम तो वही मातृभाषा के कालम में उर्दू लिखने की करी अपील kshititech
इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया हेड ऑफिस लखनऊ उत्तर प्रदेश
जनगणना को लेकर गंभीर होगा मुस्लिम समाज-इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया लखनऊ की देश भर के मुस्लिमों से अपील. मौलाना खालिद रशीद ने कहा- मुस्लिम भाई जनगणना में गंभीरता से भाग ले. धर्म के कॉलम में इस्लाम तो वही मातृभाषा के कालम में उर्दू लिखने की करी अपील kshititech
इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया हेड ऑफिस लखनऊ उत्तर प्रदेश द्वारा तेज भर के मुस्लिम भाइयों के लिए जारी किया गया जनगणना को लेकर पत्र

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की देश भर के मुस्लिमों से अपील. मौलाना खालिद रशीद ने कहा- मुस्लिम भाई जनगणना में गंभीरता से भाग ले. धर्म के कॉलम में इस्लाम तो वही मातृभाषा के कालम में उर्दू लिखने की करी अपील

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -वर्तमान में भारत देश में चल रही जनगणना को लेकर इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया ने देश भर के मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है.जनगणना में गंभीरता से भाग लेंने की बात कही गई है तो वहीं मौलाना खालिद रशीद ने मुस्लिम भाइयों से निवेदन करते हुए कहा है कि सभी धर्म,मातृभाषा के कॉलम को सावधानी से भरे।धर्म के खाने में इस्लाम लिखवाने की सलाह दी है।मातृभाषा में उर्दू दर्ज कराने की अपील की है।उर्दू को पहचान तहजीब और विरासत बताया है।सही आंकड़ों से बनेंगी बेहतर सरकारी नीतियां।जनगणना को नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ा जाए

12 अप्रैल को इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया हेड ऑफिस लखनऊ द्वारा जारी पत्र का मजनून

12 अप्रैल को इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया हेड ऑफिस लखनऊ उत्तर प्रदेश द्वारा देश भर के मुस्लिम समाज के बंधुओ को जनगणना के संबंध में जारी पत्र में कहा गया है कि इमाम ईदगाह लखनऊ मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली चेयरमैन इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया मुसलमानों को सलाह देती है कि वे जनगणना के काम में पूरी गंभीरता और उत्साह के साथ हिस्सा लें। उन्होंने खास तौर पर जोर दिया कि जनगणना के फॉर्म में धर्म और मातृभाषा के कॉलम को बहुत सावधानी और अहमियत के साथ भरें।मौलाना फरंगी महली ने कहा कि आप सब को मालूम है कि देश में जनगणना का काम शुरू हो गया है। इसलिए आप सभी से गुजारिश है कि जब सरकारी कर्मचारी इस काम के लिए आपके पास आएं, तो धर्म के खाने में इस्लाम लिखवाएं। इसी तरह मातृभाषा के खाने में “उर्दू” लिखवायें।उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम हैं। हमारे धर्म का नाम इस्लाम है, यह हमारी पहचान है। हमारी मातृभाषा उर्दू है। उर्दू हमारी तहजीब (संस्कृति), हमारी पहचान, हमारी विरासत और हमारी ताकत है। हमारी दौलत है।मौलाना फरंगी महली ने कहा कि हमारे देश में इस्लाम को मानने वालों की बहुत बड़ी संख्या आबाद है। इसी तरह, देश के एक बड़े हिस्से की मातृभाषा उर्दू है। जब हम अपने धर्म और भाषा के सही आंकड़े दर्ज करवाएंगे, तभी सरकार के पास हमारी सही जानकारी पहुंचेगी। इसी जानकारी के आधार पर हमारे धर्म और हमारी जबान की हिफाजत और तरक्की के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी।उन्होंने कहा कि देश में धर्म और भाषा के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की गारंटी आपका सहयोग ही है। इसलिए एक जिम्मेदार नागरिक होने का सबूत दें, जनगणना में हिस्सा लें और देश व समाज की तरक्की में अपना योगदान सुनिश्चित करें। उपरोक्त पत्र अब्दुल मुगीस ऑफिस सेक्रेट्री द्वारा जारी किया गया है

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