भगवान परशुराम जयंती की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति. 19 अप्रैल या 20 अप्रैल. विद्वानों के अपने अलग-अलग मत

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भगवान परशुराम जयंती की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति. 19 अप्रैल या 20 अप्रैल

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -हर साल की तरह इस बार भी परशुराम जयंती की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है. इस बार कुछ लोग 19 अप्रैल को मनाने की बात कर रहे हैं। और कुछ लोग 20 अप्रैल को. क्योंकि उसी दिन अक्षय तृतीया का पर्व है.
हिंदू पंचांग के अनुसार भगवान परशुराम का जन्म वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हुआ था, जिसे अक्षय तृतीया भी कहा जाता है. लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भगवान परशुराम का जन्म संध्या काल यानी प्रदोष काल में हुआ था. द्रिक पंचांग के मुताबिक, तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 27 मिनट पर होगा. ऐसे में परशुराम जयंती 19 अप्रैल को मनाई जाएगी.द्रिक पंचांग के अनुसार, परशुराम जयंती पर पूजन का समय 19 अप्रैल को शाम 6 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 12 मिनट तक रहेगा

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