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बड़ी खबर- क्लास 3 का अधिकारी बन बैठा था फार्मेसी काउंसिल का रजिस्टार.अश्विनी गुडेकर ने फर्जी तरीके से हासिल किया था फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार का पद ,हाई कोर्ट ने की नियुक्ति रद्द, तत्काल हटाने का आदेश. डॉ राकेश गुप्ता की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई. 12 मार्च को हाईकोर्ट ने किया आदेश

बड़ी खबर- क्लास 3 का अधिकारी बन बैठा था फार्मेसी काउंसिल का रजिस्टार.अश्विनी गुडेकर ने फर्जी तरीके से हासिल किया था फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार का पद ,हाई कोर्ट ने की नियुक्ति रद्द, तत्काल हटाने का आदेश. डॉ राकेश गुप्ता की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई. 12 मार्च को हाईकोर्ट ने किया आदेश kshititech
फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार पद से हटाए गए अश्वनी गुडेकर

अश्विनी गुडेकर ने फर्जी तरीके से हासिल किया था फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार का पद ,हाई कोर्ट ने की नियुक्ति रद्द, तत्काल हटाने का आदेश

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार अश्विनी गुडेकर की नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए उसे तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह फैसला 12 मार्च 2026 को आया, जहां याचिकाकर्ता डॉ. राकेश गुप्ता ने राज्य सरकार और काउंसिल द्वारा की गई नियुक्ति को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि फार्मेसी एक्ट 1948 की धारा 26 और 1978 के नियमों के अनुसार रजिस्ट्रार की नियुक्ति दो-चरणीय प्रक्रिया से होनी चाहिए, पहले काउंसिल का निर्णय और फिर राज्य सरकार की पूर्व अनुमति । राज्य सरकार ने बिना उचित प्रक्रिया के सीधे प्रभार सौंपा, जो कानून के खिलाफ है।रजिस्ट्रार का पद पूर्णकालिक वेतनभोगी होना चाहिए आमतौर पर रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर या क्लास-2 अधिकारी स्तर का लेकिन अश्विनी गुडेकर क्लास-3 पद पर थे और पात्रता पूरी नहीं करते थे। कोर्ट ने 14 मार्च 2024 के आदेश को खारिज कर काउंसिल को नई प्रक्रिया से रजिस्ट्रार नियुक्त करने का निर्देश दिया। यह छत्तीसगढ़ फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार को हटाने का पहला ऐसा मामला है।

विवाद की शुरुआत डॉ. राकेश गुप्ता की सदस्यता रद्द करने से

डॉ. राकेश गुप्ता (IMA चेयरमैन और काउंसिल के नामित सदस्य) ने आरोप लगाया था कि रजिस्ट्रार अश्विनी गुडेकर ने बदले की भावना से उनकी सदस्यता एकतरफा रद्द की। फार्मेसी एक्ट की धारा 25(3) के अनुसार सदस्यता समाप्त करने के लिए काउंसिल की बैठक में बहुमत से निर्णय जरूरी है, लेकिन बिना नोटिस या सदन की मीटिंग के कार्रवाई की गई। डॉ. गुप्ता ने काउंसिल में अनियमितताओं, वित्तीय भ्रष्टाचार और फर्जी डिग्री/रजिस्ट्रेशन के मामलों की शिकायत की थी। हाई कोर्ट ने पहले उनकी सदस्यता बहाल करने का आदेश दिया था।

फार्मेसी रजिस्टर की नियुक्ति रद्द होने पर क्या कहा डॉक्टर राकेश गुप्ता ने

नियुक्ति रद्द होने के बाद डॉ. गुप्ता ने द लेंस को बताया, ‘अपात्र लोगों की नियुक्ति राज्य सरकार की आदत बन गई है। हमने पत्राचार और तर्क दिए, लेकिन नहीं सुने गए। हाई कोर्ट ने सभी तर्क खारिज कर न्याय किया। यह टेक्निकल बॉडीज में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबक है।’

काउंसिल में लगातार विवाद

छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल पहले भी फर्जी डिग्री, अनियमित नियुक्ति और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी रही है। रजिस्ट्रार पर नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगा, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। कोर्ट ने याचिका स्वीकार की और काउंसिल को सख्त प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया।

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