बड़ी खबर- रायगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेज के नाम बदलने का छत्तीसगढ़ प्रदेश में अग्रवाल समाज ने किया विरोध शुरू, सेठ किरोड़ीमल के नाम से दशकों से स्थापित कॉलेज का नाम बदलना चाहती है छत्तीसगढ़ शासन, अग्रवाल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल ने कहा- सन 1955 में हुए अनुबंध का किया जाए सम्मान

बड़ी खबर- रायगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेज के नाम बदलने का छत्तीसगढ़ प्रदेश में अग्रवाल समाज ने किया विरोध शुरू, सेठ किरोड़ीमल के नाम से दशकों से स्थापित कॉलेज का नाम बदलना चाहती है छत्तीसगढ़ शासन, अग्रवाल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल ने कहा- सन 1955 में हुए अनुबंध का किया जाए सम्मान kshititech

रायगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेज के नाम बदलने का छत्तीसगढ़ प्रदेश में अग्रवाल समाज ने किया विरोध शुरू, सेठ किरोड़ीमल के नाम से दशकों से स्थापित कॉलेज का नाम बदलना चाहती है छत्तीसगढ़ शासन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन (CGPAS) द्वारा गहन चिंता एवं गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा रायगढ़ स्थित प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम बदलकर ‘छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी किया जा रहा है, यह निर्णय न केवल 1955 के ऐतिहासिक अनुबंध का स्पष्ट उल्लंघन है, बल्कि दानवीर सेठ किरोड़ीमल की अमूल्य विरासत, उनके द्वारा सन 1955 में दिए गए 20 लाख रुपये के दान (जो आज के हिसाब से 200 करोड रुपए से अधिक मूल्यवान है) एवं राष्ट्र के समस्त अग्रवाल बंधुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।1955 में तत्कालीन मध्यप्रदेश शासन के साथ हुए अनुबंध के बिंदु-06 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि, इस संस्थान का नाम ‘सेठ किरोड़ीमल पॉलिटेक्निक’ ही रहेगा।

छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के अध्यक्ष डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल ने कहा है कि 15 सितंबर 1956 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा उद्घाटित इस संस्थान की स्थापना में सेठ किरोड़ीमल चैरिटेबल ट्रस्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नाम परिवर्तन का यह एकतरफा फैसला अनुबंध की शर्तों का घोर उल्लंघन है तथा ऐतिहासिक दानदाता की स्मृति को मिटाने का प्रयास है। दान देने वाले की मूल भावना के विपरीत यह कार्य है। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, जो अग्रवाल समाज की सेवा, शिक्षा, संस्कृति एवं सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है, इस निर्णय को अत्यंत आपत्तिजनक मानता है। सेठ किरोड़ीमल जैसे महान दानवीर, जिन्होंने रायगढ़ एवं छत्तीसगढ़ की शैक्षिक प्रगति में अभूतपूर्व योगदान दिया, उनकी स्मृति को इस प्रकार अपमानित करना अस्वीकार्य है। यह न केवल अग्रवाल समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर पर भी प्रहार है, प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल ने कहा है कि संगठन द्वारा इस विषय को लेकर मांग करता है कि नाम परिवर्तन के आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए.संस्थान का मूल नाम ‘सेठ किरोड़ीमल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज’ बहाल किया जाए।1955 के अनुबंध का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए।इस निर्णय से जुड़े सभी पक्षों से व्यापक परामर्श एवं जनभावनाओं का सम्मान किया जाए,छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन इस मुद्दे पर सतर्क एवं सक्रिय रहेगा। हम समाज के सभी वर्गों, पूर्व छात्रों, ट्रस्ट एवं आम जनता से अपील करते हैं कि, इस अन्यायपूर्ण निर्णय के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठाएँ। संगठन आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है, जिसमें कानूनी एवं सामाजिक स्तर पर विरोध शामिल हो सकता है

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