शक्ति जिले में 8 मार्च को महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं का होगा सम्मेलन,अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला बाल विकास विभाग ने किया विभिन्न आयोजन, मेगा हेल्थ कैंप के माध्यम से होंगी निशुल्क स्वास्थ्य जांच, कलेक्टर तोपनो साहब के निर्देशन में जिले में महिला बाल विकास करेगा कार्यक्रम


शक्ति जिले में 8 मार्च को महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं का होगा सम्मेलन,अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला बाल विकास विभाग ने किया विभिन्न आयोजन, मेगा हेल्थ कैंप के माध्यम से होंगी निशुल्क स्वास्थ्य जांच, कलेक्टर तोपनो साहब के निर्देशन में जिले में महिला बाल विकास करेगा कार्यक्रम
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- जिले में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 08 मार्च को सुबह 10 बजे महतारी वंदन सम्मेलन एवं मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णु देव साय की वर्चुअल उपस्थिति में आयोजित किया जायेगा। जिले में यह कार्यक्रम स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय परिसर स्टेशन रोड सक्ती, सद्भावना भवन जैजैपुर तथा सांस्कृतिक भवन डभरा एवं सद्भावना भवन मालखरौदा में आयोजित किया जायेगा। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग जिला सक्ती द्वारा इस कार्यक्रम आयोजन की व्यवस्थाए सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन 08 मार्च को
सक्ती-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बालिकाओं एवं महिलाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने तथा उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 08 मार्च 2026 सुबह 10 बजे से सेजेस सक्ती में खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग, सक्ती के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी से कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
जिले के जनसंपर्क विभाग ने पत्रकारों को भी किया मेगा हेल्थ कैंप में आमंत्रित
सक्ती-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के वर्चुअल उपस्थिति में 8 मार्च 2026 को महतारी वंदन सम्मेलन एवं मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया जा रहा है। उपरोक्त जानकारी देते हुए शक्ति जिला जनसंपर्क विभाग ने बताया कि यह आयोजन 8 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय स्टेशन रोड सक्ती, सद्भभावना भवन जैजैपुर, संस्कृतिक भवन डभरा और सद्भभावना भवन मालखरौदा में आयोजित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आप सभी मीडिया प्रतिनिधि सादर आमंत्रित है।
सफलता की कहानी-बिहान योजना से बदली गुलची सिदार की जिंदगीज़बीसी सखी बनकर गांव में दे रहीं बैंकिंग सेवाएं, मेहनत से हासिल की “लखपति दीदी” की पहचान
सक्ती-ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित ’’छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” आज प्रदेश के गांवों में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, स्वरोजगार और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाता है। इससे ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।इसी योजना से जुड़कर विकासखंड सक्ती के ग्राम गड़गोढ़ी की जनजातीय परिवार की महिला गुलची सिदार ने भी अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। बिहान योजना से जुड़ने से पहले गुलची सिदार अपने परिवार के साथ खेती और मनरेगा में मजदूरी कर जीवनयापन करती थीं। सीमित आय के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन के साथ उन्होंने नए अवसर की तलाश जारी रखी। जिसके बाद गुलची सिदार बिहान योजना से जुड़ी उसके बाद योजना के माध्यम से गुलची सिदार को बीसी सखी के रूप में बैंकिंग सेवा प्रदान करने का अवसर मिला। इसके लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया और लोक सेवा केंद्र (सीएसपी) संचालित करने के लिए उनका पंजीयन कराया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने आईआईबीएफ की बैंकिंग परीक्षा भी उत्तीर्ण की। इसके पश्चात भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से ग्राम अमलडीहा में एसबीआई सीएसपी केंद्र की स्थापना की गई, जहां से वे ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। आज गुलची सिदार अपने क्षेत्र में खाता खोलना, पैसे जमा और निकासी करना, बैंक स्टेटमेंट निकालना, पेंशन वितरण करना तथा महतारी वंदन योजना की राशि जैसे अनेक बैंकिंग कार्य कर रही हैं। उनके द्वारा दी जा रही इन सेवाओं से आसपास के ग्रामीणों को काफी सुविधा मिल रही है, क्योंकि अब उन्हें बैंकिंग कार्यों के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ता और गांव में ही आसानी से सेवाएं मिल जाती हैं। गुलची सिदार के सीएसपी केंद्र में प्रतिवर्ष लगभग 50 से 70 लाख रुपये तक का लेन-देन हो रहा है। जमा-निकासी और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर मिलने वाले कमीशन के माध्यम से उन्हें प्रतिमाह लगभग 15 से 18 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हुई है और घर की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद गुलची सिदार का परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है। आय में वृद्धि होने से वे अब अपने परिवार के साथ बेहतर और सुखद जीवन व्यतीत कर रही हैं। लगातार बढ़ती आय और सक्रिय कार्य के कारण वे अब “लखपति दीदी” की श्रेणी में भी शामिल हो चुकी हैं, जो उनके आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक कहानी को दर्शाता है। गुलची सिदार बताती हैं कि बिहान योजना ने मेरे जीवन को नई दिशा दी है। इस योजना से जुड़कर मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। अब मैं अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ गांव के लोगों को भी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हूं। मेरी तरह अन्य महिलाओं को भी इस योजना से जुड़कर आगे बढ़ सकती है और आत्मनिर्भर बन सकती है। आज गुलची सिदार की यह सफलता यह साबित करती है कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। उनकी यह कहानी अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करती है कि वे योजनाओं से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
सफलता की कहानी-महतारी वंदन योजना और स्व-सहायता समूह से सशक्त बनी गीता कुर्रे, महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा स्रोत
सक्ती-छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना और स्व-सहायता समूहों की पहल ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सक्ती विकासखण्ड की ग्राम पंचायत लवसरा निवासी श्रीमती गीता कुर्रे इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। गृहणी के रूप में जीवन यापन करने वाली गीता कुर्रे आज अपनी मेहनत और शासन की योजनाओं के सहयोग से न केवल अपने परिवार का सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभर रही हैं। श्रीमती गीता कुर्रे बताती हैं कि वे जय माँ दुर्गा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह के माध्यम से वे फिनाइल और अन्य घरेलू उत्पादों का निर्माण करती हैं, जिससे उन्हें आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी मिल रही है। स्व-सहायता समूह से होने वाली आय और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। गीता कुर्रे बताती हैं कि पहले घर का खर्च चलाने के बाद बचत करना कठिन हो जाता था, लेकिन अब अतिरिक्त आय के कारण वे हर महीने कुछ राशि बचाकर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संचित कर पा रही हैं। इससे उनके परिवार में आर्थिक सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। वे कहती हैं कि स्व-सहायता समूह और महतारी वंदन योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का हौसला भी दिया है। अब वे परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ बच्चों के विकास और शिक्षा में भी सक्रिय रूप से भागीदारी कर रही हैं। श्रीमती गीता कुर्रे ने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं के कारण ग्रामीण महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिला है। उनका कहना है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे अपने परिवार और समाज दोनों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।



