पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता सहित दो SDO निलंबित, भ्रष्टाचार एवं लापरवाही के चलते किए गए सस्पेंड, मंत्री अरुण साव ने कहा- लापरवाही पर बख्से नहीं जाएंगे अधिकारी, विभाग में मचा हड़कंप


पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता सहित दो SDO निलंबित, भ्रष्टाचार एवं लापरवाही के चलते किए गए सस्पेंड
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
केवआदेश नवा रायपुर, अटल नगर, दिनांक 23-12-2025 क्रमांक ESTB-1024/1075/2025 के तहत लोक निर्माण विभाग अंतर्गत संभाग बीजापुर में नेलसनार-कोडोली-मिरतुल- गंगालुर मार्ग के निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में थाना-गंगालूर, जिला-बीजापुर के के अपराध अपराध क्रमांक क्र 06/2025 धारा 318(4), 316(5), 3(5), 61(2) भा.न्या.सं. के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान प्रकरण में संलिप्त आरोपी (1) श्री हरनारायण पात्र, कार्यपालन अभियंता, लोनिवि सुकमा संभाग सुकमा (2) श्री प्रमोद सिंह तंवर, अनुविभागीय अधिकारी लोनिवि उपसंभाग क्रमांक 1 बीजापुर एवं (3) श्री संतोष दास, अनुविभागीय अधिकारी सेतु उपसंभाग जगदलपुर को गिरफ्तार किये जाने के फलस्वरूप, राज्य शासन एतद्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (2) के तहत श्री हरनारायण पात्र, कार्यपालन अभियंता, श्री प्रमोद सिंह तंवर, अनुविभागीय अधिकारी एवं श्री संतोष दास, अनुविभागीय अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, निर्माण भवन, नवा रायपुर अटल नगर में निर्धारित किया जाता है।3/श्री हरनारायण पात्र, कार्यपालन अभियंता, श्री प्रमोद सिंह तंवर, अनुविभागीय अधिकारी एवं श्री संतोष दास, अनुविभागीय अधिकारी को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। उपरोक्त आदेश एन.पी. मरावी उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन, लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किया गया है
लोक निर्माण विभाग में अनियमिताओं को लेकर सख्त हुए मंत्री जी
छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग के मंत्री अरुण साव ने भी पहले ही कह दिया था कि विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं भ्रष्टाचार पर कोई भी बख्सा नहीं जाएगा तथा कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी
बड़े अधिकारियों पर हुई कार्रवाई से महकमें में हड़कंप
लोक निर्माण विभाग के बड़े अधिकारियों पर हुई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है, तथा आए दिन भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के लिए भी यह एक बड़ा सबक है, तथा यदि अधिकारी अपने आप में सुधार नहीं करते हैं तो निश्चित रूप से ऐसी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा



