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ताश के पत्ते अब शौक नहीं बन गया है बड़ा व्यापार- छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े शहरों में जानी-मानी होटलो में लग रहे जुए के दांव, मोटी नाल रूपी रकम लेकर खिलाया जा रहा है जुआ, लोगों के महंगे शौक- धकेल रहे गंदी आदतो की ओर

ताश के पत्ते अब शौक नहीं बन गया है बड़ा व्यापार- छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े शहरों में जानी-मानी होटलो में लग रहे जुए के दांव, मोटी नाल रूपी रकम लेकर खिलाया जा रहा है जुआ, लोगों के महंगे शौक- धकेल रहे गंदी आदतो की ओर kshititech

ताश के पत्ते अब शौक नहीं बन गया है बड़ा व्यापार- छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े शहरों में जानी-मानी होटलो में लग रहे जुए के दांव, मोटी नाल रूपी रकम लेकर खिलाया जा रहा है जुआ

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- एक समय था जब लोग अपना समय व्यतीत करने के लिए ताश के पत्तों के साथ लगे रहते थे,किंतु आज ताश के पत्तों का खेल लोगों का शौक नहीं बल्कि एक बड़ा व्यापार बन चुका है, तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश की बात करे तो बड़े-बड़े शहरों की बड़ी-बड़ी होटलो में मोटी रकम लेकर ऐसे प्रोफेशनल लोगों को जुआ खिलाने की अनुमति दी जाती है,साथ ही दिन भर ऐसे लोग होटल के बंद कमरों में लाखों- करोड़ों रुपए के ताश के पत्तों पर खेल कर जाते हैं, तथा ताश के पत्तों एवं जुए का तो यह आलम है कि आज शक्ति की ही बात करें तो शक्ति शहर से लगे आसपास के क्षेत्र में जुए के गैंग चल रहे हैं,जो कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुनसान वाली जगह पर जुआ खिलवाते हैं तथा ऐसी जगह पर जुआ खेलने वाले लोगों को 10% से 20% पर तत्काल पैसे भी उपलब्ध करवाए जाते हैं, एवं अनेकों बार शक्ति क्षेत्र सहित अविभाजित जांजगीर चांपा जिले के बड़े ग्रामीण इलाकों एवं जंगली क्षेत्र में ऐसे ही जुए की गैंग पर कार्रवाई भी हो चुकी है

तथा इस कार्य में लगे लोग लंबी मोटी रकम वसूलते हैं, तथा कहीं ना कहीं इस रकम का हिस्सा और भी जगह दिया जाता होगा, तभी तो इतने बड़े स्तर पर जुए का यह खेल चलता है, वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो जुए की बड़ी फड़ पर पुलिस प्रशासन अनेकों बार करवाई तो करता है, किंतु पुलिस की यह कार्रवाई रकम बरामदगी के नाम पर हजारों रुपए तक ही सीमित रह जाती है, लेकिन जिस संख्या में एवं जिस स्तर के जुआडी इन फड़ो में बैठते हैं उनमें से एक-एक व्यक्ति की बात करें तो वह लाखों- लाखों रुपए का जुआ खेलते हैं, किंतु बरामदगी केवल हजारों रुपए की ही, यह तो समझ से परे हैं, तथा पुलिस प्रशासन भी ऐसी फड़ो पर कार्रवाई कर अपनी भी जेबे भर लेती होंगी, जिससे पुलिस के भी वारे- न्यारे हो जाते हैं, तथा ऐसी घटनाएं अनेकों बार देखने को मिली है तथा ऐसी घटनाओं पर पुलिस प्रशासन भी कोई जवाब नहीं दे पाता

तथा जुए के खेल में आज नवयुवक सबसे ज्यादा लगे हुए हैं, जो की एक स्थान से दूसरे स्थान सिर्फ जुआ खेलने के लिए ही महंगी गाड़ियों में जाते हैं, एवं रात भर जुआ खेलने के बाद वे वापस आ जाते हैं,जुए के व्यापार का सबसे बड़ा बढ़ने का कारण यह भी है कि आज नवयुवकों के व्यक्तिगत जेब खर्च बढ़ चुके हैं, महंगे मोबाइल रखना एवं समय के हिसाब से बड़े-बड़े शौक उनकी आदतों में आ चुके हैं, तथा आखिरकार घर वाले भी उनके शौक पूरा करने के लिए पैसे कहां से देंगे तो ऐसे नवयुवक भी जुए के इस शॉर्टकट के खेल में मोटी रकम कमाने के लिए इस पर दावँ लगाते हैं,एवं देखा जाए तो 18 से 25 वर्ष की उम्र के सैकड़ो ऐसे नवयुवक हैं जो कि इस कार्य में लगे हुए हैं

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