अवैध धर्मांतरण के शिकार 500 लोगों की तेंदुआ धाम में हुई घर वापसी. प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा-सनातन संस्कृति की जड़ें गहरी, इसे समाप्त नहीं किया जा सकता। प्रांत घर वापसी प्रमुख अंजू गबेल भी रही मौजूद. अवसर था श्रावणी मास पर सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन कार्यक्रम का. आश्रम के संस्थापक डॉ अशोक हरिवंश ने कहा-नारी शक्तिपीठ के रूप में विकसित होगा राम मिलेंगे आश्रम






अवैध धर्मांतरण के शिकार 500 लोगों की तेंदुआ धाम में हुई घर वापसी. प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा-सनातन संस्कृति की जड़ें गहरी, इसे समाप्त नहीं किया जा सकता। प्रांत घर वापसी प्रमुख अंजू गबेल भी रही मौजूद. अवसर था श्रावणी मास पर सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन कार्यक्रम का. आश्रम के संस्थापक डॉ अशोक हरिवंश ने कहा-नारी शक्तिपीठ के रूप में विकसित होगा राम मिलेंगे आश्रम
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -शिवरीनारायण के तेंदुआ धाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में सावन के दूसरे सोमवार से सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों के दिव्य पूजन और भगवान भोलेनाथ की भव्य आराधना का शुभारंभ हुआ। इस दौरान करीब 500 मतांतरित लोगों की सनातन धर्म में ‘घर वापसी’ कराई गई। घर वापसी अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रांत अध्यक्ष अंजू गबेल शामिल हुए। दोनों ने घर वापसी करने वाले लोगों के चरण पखारे और उन्हें सनातन धर्म की परंपराओं एवं संस्कारों से पुनः जुड़ने का संकल्प दिलाया।इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि 500 लोगों के चरण पखारकर उन्हें उनके मूल सनातन संस्कारों, परंपराओं और पूर्वजों की आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण, आस्था की पुनर्स्थापना और धर्म चेतना के जागरण का संदेश देता है। उन्होंने धार्मिक आस्था और सनातन संस्कृति के सम्मान की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में गौरीशंकर श्रीवास, लोकेश शुक्ला, संजय अग्रवाल, राहुल थवाईत, गोविन्द यादव, ज्योति कश्यप, नीलेश पाठक, पंकज त्रिपाठी, पार्षद विनोद शर्मा, विकास, अधिवक्ता आशा दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नारी शक्ति पीठ’ के रूप में विकसित होगा आश्रम : डा. अशोक हरिवंश
राम मिलेंगे आश्रम के संस्थापक डा. अशोक हरिवंश ने कहा कि धर्म की रक्षा धर्म पथ पर चलकर की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि आश्रम को नारी सम्मान और नारी चेतना को समर्पित करते हुए ‘नारी शक्ति पीठ’ के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में एक लाख महिलाओं का पंजीयन कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सावन के महत्व को बताते हुए कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना और कल्याण का महीना है। इस दौरान प्रकृति के साथ समाज में भी उत्साह और आनंद का वातावरण बनता है। भगवान शिव की आराधना से सभी के कल्याण की भावना जुड़ी हुई है।






