लटका महिला आरक्षण बिल- गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,-आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा. विपक्ष को झेलना होगा महिलाओं का आक्रोश. यह मामला जाएगा बहुत दूर तक.शाह ने कहा-दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही महिलाओं के साथ विपक्ष ने किया बड़ा धोखा

लटका महिला आरक्षण बिल- गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,-आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा. विपक्ष को झेलना होगा महिलाओं का आक्रोश. यह मामला जाएगा बहुत दूर तक.शाह ने कहा-दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही महिलाओं के साथ विपक्ष ने किया बड़ा धोखा kshititech
लोकसभा में 17 अप्रैल को पारित नहीं हो पाया नई वंदन अधिनियम
लटका महिला आरक्षण बिल- गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,-आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा. विपक्ष को झेलना होगा महिलाओं का आक्रोश. यह मामला जाएगा बहुत दूर तक.शाह ने कहा-दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही महिलाओं के साथ विपक्ष ने किया बड़ा धोखा kshititech
भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह

लटका महिला आरक्षण बिल- गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,-आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा. विपक्ष को झेलना होगा महिलाओं का आक्रोश. यह मामला जाएगा बहुत दूर तक

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -17 अप्रैल को लोकसभा में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम बहुमत के आभाव में पास नहीं हो पाया। तथा इस पूरे मामले पर केंद्र की मोदी सरकार के गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इसके लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के।मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहाँ नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएँ देख रही हैं। कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है।जब आप चुनाव में जाओगे, तो मातृशक्ति हिसाब माँगेगी, तब आपको भागने के लिए रास्ता नहीं मिलेगा।महिलाओं को हक़ देने के निर्णयों में कांग्रेस हमेशा पीछे हटी है-शाहबानो मामले में पीछे हटी, ट्रिपल तलाक में पीछे हटी, और अब महिला आरक्षण में भी पीछे हट गई है।देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है?विपक्ष का यह जश्न हर उस महिला का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी कितनी बार महिलाओं के साथ विश्वासघात करेंगे?कई बार विजय जैसी प्रतीत होने वाली अहंकार की खुशी, असलियत में छिपी हुई एक बड़ी पराजय होती है, जिसे कुछ लोग समझ नहीं पाते

भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा-17 अप्रैल देश की मातृशक्ति और लोकतंत्र के लिए काला दिन

17 अप्रैल को लोकसभा में नई वंदन अधिनियम बहुमत के अभाव में पारित नहीं होने के बाद भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि-कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को सबसे अधिक पीड़ा नारी शक्ति को मिलने वाले अधिकारों से है, और अपनी इसी कुंठा को छुपाने के लिए वे परिसीमन जैसे मुद्दों की आड़ ले रहे हैं। लेकिन संसद में बिल के विरोध के साथ ही उनकी महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच एक बार फिर देश के सामने उजागर हो गई है।आज यह फिर साबित हुआ कि राहुल गांधी और कांग्रेस सहित विपक्ष का एक बड़ा वर्ग महिला, ओबीसी और उत्तर-दक्षिण के नाम पर देश को बांटने की राजनीति करता रहा है। अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए झूठ और भ्रम फैलाना इनकी पुरानी रणनीति रही है। इतिहास भी इसका साक्षी है कि सत्ता बचाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कभी परिसीमन कराया, तो कभी आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को रोक दिया।इसके विपरीत, आदरणीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की सरकार द्वारा लाए गए तीनों बिलों का उद्देश्य स्पष्ट रूप से नारी सशक्तिकरण, समान भागीदारी और राष्ट्रहित को मजबूत करना था। सरकार ने हर आशंका का समाधान किया, हर भ्रम दूर किया और यह स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध यह दिखाता है कि महिलाओं को अधिकार मिलने से इन्हें वास्तविक असहजता है।यह केवल एक विधायी प्रक्रिया का विरोध नहीं था, बल्कि करोड़ों बहनों की आशाओं, आकांक्षाओं और उनके अधिकारों के मार्ग में बाधा खड़ी करने का प्रयास था। आज देश की नारी शक्ति ने विपक्ष की हर चाल, हर बहाने और हर षड्यंत्र को ध्यान से देखा है।अमृतकाल के इस दौर में, जब विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका होनी चाहिए, तब विपक्ष ने उसी शक्ति को रोकने का प्रयास किया है। लेकिन देश की मातृशक्ति अब जागरूक है, सजग है और अपने अधिकारों के प्रति संकल्पित है। आने वाला समय इस बात का साक्षी बनेगा कि नारी शक्ति अपने सम्मान और अधिकारों के खिलाफ खड़े हर अवरोध को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।

लटका महिला आरक्षण बिल- गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,-आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा. विपक्ष को झेलना होगा महिलाओं का आक्रोश. यह मामला जाएगा बहुत दूर तक.शाह ने कहा-दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही महिलाओं के साथ विपक्ष ने किया बड़ा धोखा kshititech

प्रातिक्रिया दे