क्या आप भी पियोगे आप इतनी महंगी सिगरेट-अब फू-फू करना पड़ेगा और महंगा, ज्यादा ढीली करनी होगी जेब, Gold Flake, Classic समेत बड़े ब्रांड्स के बढ़ेंगे दाम.₹20 की सिगरेट हो जाएगी ₹30. शरीर भी फूंको और पैसे भी

क्या आप भी पियोगे आप इतनी महंगी सिगरेट-अब फू-फू करना पड़ेगा और महंगा, ज्यादा ढीली करनी होगी जेब, Gold Flake, Classic समेत बड़े ब्रांड्स के बढ़ेंगे दाम.₹20 की सिगरेट हो जाएगी ₹30. शरीर भी फूंको और पैसे भी kshititech

अब फू-फू करना पड़ेगा और महंगा, ज्यादा ढीली करनी होगी जेब, Gold Flake, Classic समेत बड़े ब्रांड्स के बढ़ेंगे दाम.₹20 की सिगरेट हो जाएगी ₹30

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल के खबर

शक्ति -देशभर में स्मोकर्स यानी सिगरेट पीने वालों को 1 मई से बड़ा झटका लग सकता है. ITC और Godfrey फिलिप्स इंडिया सिगरेट की कीमतों में करीब 17% तक बढ़ोतरी कर सकती हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्ट्रीब्यूटर लेवल पर हुई बातचीत के आधार पर ये संभावना जताई गई है. अगर ये फैसला लागू होता है, तो ये इस साल दूसरी बड़ी बढ़ोतरी होगी. रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड फ्लैक प्रीमियम का पैक मई से 115 रुपये से बढ़कर करीब 135 रुपये हो सकता है. इसके अलावा प्रीमियम और कुछ वैल्यू सेगमेंट के अन्य ब्रांड्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी संभव है. क्लासिक, गोल्ड फ्लैक किंग्स और Marlboro जैसे किंग-साइज ब्रांड्स पर भी सभी की नजर है, क्योंकि पिछली टैक्स बढ़ोतरी के बाद इन ब्रांड्स की बिक्री सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थी. सरकार ने इस साल 1 फरवरी से सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी में 30% से 40% तक इजाफा किया था. इसके बाद कंपनियों ने अलग-अलग कैटेगरी में कीमतें बढ़ाई थीं. प्रीमियम ब्रांड्स में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली थी. किंग-साइज कैटेगरी में प्रति सिगरेट कीमत करीब 20 रुपये से बढ़कर 25-28 रुपये तक पहुंच गई थी. इसके बाद कई ग्राहकों ने सस्ते विकल्पों की ओर रुख किया. अब अप्रैल में बिक्री कमजोर पड़ने के बाद कंपनियां मार्जिन बचाने और टैक्स लागत की भरपाई के लिए एक और प्राइस हाइक पर विचार कर रही हैं.29 अप्रैल को संभावित प्राइ हाइक की खबरों के बीच सिगरेट कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई.ITC के शेयर करीब 4% चढ़ेगोडफ्रे फिलिप्स इंडिया में 6.5% तक उछाल आयानिफ्टी  FMCG इंडेक्स भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा।अगर 1 मई से कीमतें बढ़ती हैं, तो स्मोकर्स को खासकर प्रीमियम ब्रांड्स के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी. ऐसे में ग्राहक महंगे ब्रांड छोड़कर सस्ते विकल्प चुन सकते हैं या खपत कम कर सकते हैं

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