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छत्तीसगढ़ के मछली विभाग के तत्कलीन अधिकारी ने कर दिया बड़ा खेला- करोड़ों रुपए का लाभ पहुंचा दिया अपने रिश्तेदारों को, स्थानीय विधायक ने करी मुख्यमंत्री से जांच की मांग, नौकरी में पदस्थ रहते हुए अनेको सरकारी अधिकारी- कर्मचारी कर रहे स्वयं ठेकेदारी और सप्लायर का काम

छत्तीसगढ़ के मछली विभाग के तत्कलीन अधिकारी ने कर दिया बड़ा खेला- करोड़ों रुपए का लाभ पहुंचा दिया अपने रिश्तेदारों को, स्थानीय विधायक ने करी मुख्यमंत्री से जांच की मांग, नौकरी में पदस्थ रहते हुए अनेको सरकारी अधिकारी- कर्मचारी कर रहे स्वयं ठेकेदारी और सप्लायर का काम kshititech
छत्तीसगढ़ शासन मत्स्य विभाग में चल रहा भ्रष्टाचार का खेल

छत्तीसगढ़ के मछली विभाग के तत्कलीन अधिकारी ने कर दिया बड़ा खेला- करोड़ों रुपए का लाभ पहुंचा दिया अपने रिश्तेदारों को, स्थानीय विधायक ने करी मुख्यमंत्री से जांच की मांग, नौकरी में पदस्थ रहते हुए अनेको सरकारी अधिकारी- कर्मचारी कर रहे स्वयं ठेकेदारी और सप्लायर का काम

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- छत्तीसगढ़ शासन मत्स्य विभाग के तत्कालीन सहायक संचालक द्वारा करोड़ों रुपए का खेला कर दिया गया है, जिसकी शिकायत गुंडरदेही के विधायक कुंवर सिंह निषाद ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर की है, साथ ही स्थानीय विधायक ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी इस संबंध में पत्र लेकर कार्रवाई की मांग की है, श्री आर के बंजारे तत्कालीन सहायक संचालक मछली पालन विभाग जिला-बालोद के कार्यों में अनियमितता एवं वित्तीय आबंटन का उपयोग अपने परिवार तथा रिश्तेदारों को योजना का लाभ दिलाने जैसे नियम विरुद्ध कार्यों का जाँच कर उचित कार्यवाही करने लिखा गया है

विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि आर के बंजारे तत्कालीन सहायक संचालक मछली पालन विभाग जिला- बालोद के द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत 2021-22 से अपने रिश्तेदारों और पत्नी के नाम से तांदुला जलाशय में 192 केज लगाकर 345.60 लाख की सब्सिडी को बिना भौतिक सत्यापन के मनमाने ढंग से निर्धारित केजो की साइज को बिना अनुमति के 20 केजो को एक केज बनाकर राशि का उपयोग किया गया है। सम्बंधित कार्य हेतु आवेदन कार्यालय को प्राप्त नहीं है,साथ ही अधिया टोला के आदिवासी मत्स्य कृषकों के नाम पर 164 केज लगाकर उनकी अनुदान राशि रूपये 295.20 लाख को बिना सत्यापन समिति के सत्यापन प्रमाण पत्र प्राप्त किये अनुदान राशि का भुगतान किया गया तथा केजो के वास्तविक हितग्राही को उनके ही केज में देखभाल एवं रखरखाव हेतु चौकीदार के काम पर रखा गया है, विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा है कि उक्त सभी 365 केजों में मछली पालन और मछली विक्रय स्वयं श्री आर के बंजारे द्वारा जा रहा है तथा निर्धारित लीज राशि एक बार जमा कर बाकि कि राशि अब तक जमा नहीं किया गया है

सेवानिवृत्ति पश्चात् उनके द्वारा सभी केजों में स्वयं मछली पालन का व्यवसाय किया जा रहा है साथ ही कार्यालय में उपलब्ध मोटर बोट के इंजन को भी अपने निजी कार्यों में उपयोग हेतु रख लिया गया है,अतः निवेदन है कि, उपरोक्त विषयों को संज्ञान में लेते हुए आर के बंजारे तत्कालीन सहायक संचालक मछली पालन विभाग जिला-बालोद के विरुद्ध जाँच कर उनके द्वारा अपने निजी व्यक्तियों एवं रिश्तेदारों को किये गए आबंटन कार्यों को निरस्त करने का कष्ट करेंगे

उल्लेखित हो की छत्तीसगढ़ प्रदेश में राज्य गठन के बाद से ही अनेकों सरकारी अधिकारी/ कर्मचारी स्वयं नौकरी में रहते हुए ही ठेकेदारी करने में लगे हुए हैं, साथ ही सरकारी विभागों में स्वयं ऐसे अधिकारी& कर्मचारी सामानों की सप्लाई भी करते हैं, तथा शासन को करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान भी पहुंचा रहे हैं, किंतु इसके बावजूद ऐसे अधिकारी/ कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती, किंतु मत्स्य विभाग के इस पूर्व अधिकारी ने तो हद ही पार कर दी है, तथा शासन को चाहिए कि तत्काल ऐसे अधिकारी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें

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