जिले के शिक्षकों ने भी किया कलेक्टर साहब का धन्यवाद- शक्ति कलेक्टर ने कहा- पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ शिक्षकों की युक्तिकरण का कार्य,शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियो को भी युक्ति कारण के तहत किया गया अन्यत्र पदांकन, फेडरेशन के सदस्य भी पूरी प्रक्रिया में रहे मौजूद, 22 स्कूलों को शक्ति जिले में किया गया समायोजित, शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारी भी हैं युक्ति युक्त करण प्रक्रिया से खुश


शक्ति कलेक्टर ने कहा- पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ शिक्षकों की युक्तिकरण का कार्य,शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियो को भी युक्ति कारण के तहत किया गया अन्यत्र पदांकन, फेडरेशन के सदस्य भी पूरी प्रक्रिया में रहे मौजूद, 22 स्कूलों को शक्ति जिले में किया गया समायोजित
सक्ती छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शक्ति जिले में विगत दोनों शिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ शक्ति जिले के आईएएस कलेक्टर अमृत विकास तोपनो एवं प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार के मार्गदर्शन में शक्ति के हरेठी स्थित संस्कार पब्लिक स्कूल में संपन्न हुई, इस युक्तिकरण की प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक रूप से संपूर्ण जिले के लोगों को एवं शिक्षक जगत को जानकारी देने के लिए 6 जून को शक्ति जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने एक पत्रकार वार्ता का आयोजन कर युक्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया से पत्रकार साथियों का अवगत कराया, इस अवसर पर कलेक्टर साहब ने कहा की
छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है।नगरीय इलाकों में छात्रों की तुलना से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की शालाओं में स्थिति इसके विपरीत है। वहां शिक्षकों की कमी है, जिसके चलते शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थी, और छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा है,इस स्थिति को सुधारने के उद्देश्य ही प्रदेश सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण का कदम उठाया गया है। इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे,ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान जैसे विषयों के विषय-विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे,बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।कुल मिलाकर युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है।शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है,छ.ग. में प्राथमिक स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है
शक्ति जिले के कलेक्टर साहब ने पत्रकार वार्ता ने कहा कि राज्य में 212 प्राथमिक शालाएं शिक्षकविहीन एवं 6,872 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं।हमारे सक्ती जिले में 06 प्राथमिक शालाएं शिक्षकविहीन एवं 128 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं।राज्य में 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं शिक्षकविहीन और 255 एकल शिक्षकीय हैं। हमारे जिले में 01 पूर्व माध्यमिक शाला शिक्षकविहीन और 06 एकल शिक्षकीय हैं।राज्य के प्राथमिक स्कूलों में 7.296 शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 5,536 शिक्षकों की आवश्यकता है। हमारे जिले में प्राथमिक स्कूलों में 262 शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 155 शिक्षकों की आवश्यकता है,राज्य के प्राथमिक शालाओं में 3,608 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 1,762 शिक्षक ही अतिशेष हैं। हमारे जिले में प्राथमिक शालाओं में 316 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 121 शिक्षक ही अतिशेष हैं।
युक्ति युक्तकरण से शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता के साथ ही एक ही परिसर में विद्यालय होने से आधारभूत संरचना मजबूत होगी और स्थापना व्यय में भी कमी आएगी।यह युक्तियुक्तकरण कोई कटौती नहीं, बल्कि गुणवत्ता और समानता की दिशा में बड़ा कदम है।जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो।पूरे राज्य में मात्र 241 स्कूलों का समायोजन किया जा रहा है। हमारे जिले में 22 शालाओं का समायोजन किया जा रहा है,राज्य के कुल 10,538 स्कूलों में से 10,297 स्कूल यथावत संचालित रहेंगे, जबकि जिले में 1263 स्कूलों में से 1229 स्कूल यथावत संचालित होंगे।सिर्फ उन्हीं स्कूलों का समायोजन किया जा रहा है, जिनमें छात्रों की संख्या बहुत कम है और पास में बेहतर विकल्प मौजूद हैं।एक ही परिसर में स्थित विद्यालयों को समाहित कर क्लस्टर मॉडल विकसित किया जा रहा है,अतिशेष शिक्षकों का पुनः समायोजन कर एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन विद्यालयों में पदस्थापना की जा रही है,युक्तियुक्तकरण से लगभग 90 प्रतिशत बच्चों को तीन बार प्रवेश प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी और बच्चों को पढ़ाई में गुणवत्ता के साथ ही निरंतरता भी बनी रहेगी,बच्चों के ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाईब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा,शासन के पत्र क्र./एफ 2-24/2024/20-तीन दिनांक 28.04.2025 के अनुक्रम में जिले में अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण की काउंसलिंग 02 व 03 जून 2025 को संस्कार पब्लिक स्कूल सक्ती में की गई जिसमे 02 जून को 185 व 03 जून को 295 अतिशेष शिक्षक काउंसलिंग में शामिल हुए। काउंसलिंग में सहा. शिक्षक संवर्ग के 04 सहा. शिक्षक अनुपस्थित रहें।जिले में न्यून दर्ज संख्या वाले 22 स्कूलों को समायोजित किया गया है एवं 01 हाईस्कूल ० दर्ज संख्या होने के फलस्वरूप वहा के शिक्षकों को अन्यत्र पदांकन किया गया है।जिले में युक्तियुक्तकरण के तहत काउंसलिंग को लेकर शिक्षक/शिक्षिकाओं में काफी उत्साह नजर आया, अनेक शिक्षक पदांकन आदेश प्राप्त होते ही पदांकित संस्था में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे।जिले अंतर्गत सभी 07 शिक्षक विहीन 134 एकल शिक्षकीय शालाओं में शिक्षको का पदांकन किया गया है डभरा विकासखण्ड के हाईस्कूल सुखदा, मालखरौदा विकासखण्ड के मुक्ता व सारसडोल में शिक्षकों का पदांकन किया गया है जो लम्बे समय से शिक्षक विहीन हाईस्कूल थे।जिले में सहा. शिक्षक समग्र शिक्षा के जिलाध्यक्ष, छ.ग. सर्व शिक्षक संघ फेडरेशन के पदाधिकारी भी अतिशेष की श्रेणी में थे इन्होने काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बताया



