अंतर-सदनीय प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा-संस्कार पब्लिक स्कूल सक्ती में अंतर-सदनीय प्रतियोगिताओं का आयोजन सम्पन्न. बच्चों की अनूठी प्रतिभाओं पर विद्यालय प्रबंधन ने दी बधाई




अंतर-सदनीय प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभासंस्कार पब्लिक स्कूल सक्ती में अंतर-सदनीय प्रतियोगिताओं का आयोजन सम्पन्न
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -3 अक्टूबर 2026 को संस्कार पब्लिक स्कूल, सक्ती में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न अंतर-सदनीय प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन, सहयोग एवं टीम भावना का परिचय देने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों के लिए सोलो सॉन्ग, कक्षा 6 से 8 के लिए रंगोली तथा कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए टेड टॉक प्रतियोगिता आयोजित की गई।
सोलो सॉन्ग प्रतियोगिता में नन्हें प्रतिभागियों ने अपनी मधुर आवाज, सुर-ताल और भावपूर्ण प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में श्री नरेश कसेर ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल और रंगों के सुंदर संयोजन से आकर्षक एवं मनमोहक रंगोलियाँ सजाईं। इस प्रतियोगिता में सुश्री चंचल अग्रवाल, एम . कॉम. स्नातक ने निर्णायक के रूप में विद्यार्थियों की कलात्मक प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। वहीं टेड टॉक प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली एवं आत्मविश्वासपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में विषय की समझ, तार्किक चिंतन, प्रभावी संवाद-कौशल एवं वक्तृत्व क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में श्री वैभव अग्रवाल, बी .कॉम .स्नातक ने विद्यार्थियों के विचारों एवं प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बना रहा। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर अपनी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें निखारने तथा मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री वी. के. मिश्रा जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और प्रभावी अभिव्यक्ति जैसे गुणों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि अंतर-सदनीय प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नई चीजें सीखने और विभिन्न चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने का अवसर प्रदान करती हैं। प्राचार्य श्री मिश्रा ने कहा, “प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा अवश्य होती है। आवश्यकता केवल उस प्रतिभा को पहचानने, निरंतर अभ्यास करने और उसे सही अवसर देने की है। प्रतियोगिता में भाग लेना स्वयं में एक उपलब्धि है। विद्यार्थियों को जीत और हार से ऊपर उठकर प्रत्येक अनुभव से सीखना चाहिए तथा अपनी कमियों को सुधारते हुए हर अवसर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि संगीत विद्यार्थियों में संवेदनशीलता एवं भावनात्मक अभिव्यक्ति, कला में कल्पनाशीलता एवं सौंदर्यबोध, जबकि टेड टॉक जैसी गतिविधियों में विचारों को स्पष्ट, तार्किक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव जिज्ञासु, आत्मविश्वासी, अनुशासित एवं सकारात्मक दृष्टिकोण वाला बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों एवं निर्णायकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की गई। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।






