संसाधनों की कमी से जूझ रहा शक्ति का नया सरकारी गर्ल्स कॉलेज– शक्ति का सरकारी गर्ल्स कॉलेज मैदान बरसात के पानी से हुआ लबालब– संसाधनों की कमी से कैसे भविष्य गढ़ेगी छात्राएं, इनडोर स्टेडियम में ही संचालित हो रहा कॉलेज, 112 छात्राओं के बावजूद न हीं बैठने की व्यवस्था, न हीं पंखों की व्यवस्था

संसाधनों की कमी से जूझ रहा शक्ति का नया सरकारी गर्ल्स कॉलेज-- <em>शक्ति का सरकारी गर्ल्स कॉलेज मैदान बरसात के पानी से हुआ लबालब-- संसाधनों की कमी से कैसे भविष्य गढ़ेगी छात्राएं, इनडोर स्टेडियम में ही संचालित हो रहा कॉलेज, 112 छात्राओं के बावजूद न हीं बैठने की व्यवस्था, न हीं पंखों की व्यवस्था</em> kshititech
शक्ति शहर में नए सत्र 2023 से प्रारंभ हुआ शासकीय कन्या महाविद्यालय
संसाधनों की कमी से जूझ रहा शक्ति का नया सरकारी गर्ल्स कॉलेज-- <em>शक्ति का सरकारी गर्ल्स कॉलेज मैदान बरसात के पानी से हुआ लबालब-- संसाधनों की कमी से कैसे भविष्य गढ़ेगी छात्राएं, इनडोर स्टेडियम में ही संचालित हो रहा कॉलेज, 112 छात्राओं के बावजूद न हीं बैठने की व्यवस्था, न हीं पंखों की व्यवस्था</em> kshititech
शक्ति के शासकीय कन्या महाविद्यालय के सामने मैदान पर भरा पानी
संसाधनों की कमी से जूझ रहा शक्ति का नया सरकारी गर्ल्स कॉलेज-- <em>शक्ति का सरकारी गर्ल्स कॉलेज मैदान बरसात के पानी से हुआ लबालब-- संसाधनों की कमी से कैसे भविष्य गढ़ेगी छात्राएं, इनडोर स्टेडियम में ही संचालित हो रहा कॉलेज, 112 छात्राओं के बावजूद न हीं बैठने की व्यवस्था, न हीं पंखों की व्यवस्था</em> kshititech
सरकारी गर्ल्स कॉलेज के सामने पूरा मैदान बन गया तालाब

शक्ति का सरकारी गर्ल्स कॉलेज मैदान बरसात के पानी से हुआ लबालब– संसाधनों की कमी से कैसे भविष्य गढ़ेगी छात्राएं, इनडोर स्टेडियम में ही संचालित हो रहा कॉलेज, 112 छात्राओं के बावजूद न हीं बैठने की व्यवस्था, न हीं पंखों की व्यवस्था

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति-छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग ने शक्ति जिला मुख्यालय के शक्ति शहर में नए शैक्षणिक सत्र-2023 से शासकीय कन्या महाविद्यालय के रूप में अस्पताल के बगल में नगर पालिका द्वारा निर्मित इंडोर स्टेडियम में कॉलेज का शुभारंभ कर दिया, किंतु वर्तमान में उपरोक्त कॉलेज के सामने पूरे मैदान में बारिश का पानी लबालब भरा हुआ है, जिसके चलते वर्तमान में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम शैक्षणिक सत्र में हुए प्रवेश के अंतर्गत लगभग 112 छात्राओं को जहां महाविद्यालय के अंदर प्रवेश करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो वही महाविद्यालय के स्टाफ भी कहां से आना- जाना करेंगे इसे लेकर समस्या उत्पन्न हो गई है

वहीं दूसरी ओर इंडोर स्टेडियम जहां की सरकारी गर्ल्स कॉलेज संचालित हो रहा है, वहां न हीं पर्याप्त कमरे हैं, न हीं वहां स्टाफ के बैठने के लिए कोई व्यवस्था है, तथा गर्मी में ही स्टाफ को बैठकर पढ़ाना पड़ रहा है, तथा पंखों की भी कमी है एवं गर्ल्स कॉलेज होने के बावजूद पर्याप्त बाथरूम की भी व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते जहां छात्रों में भी आक्रोश है तो वहीं शासन को चाहिए कि ऐसे नए महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए ठोस स्थान का चयन कर ही इसे प्रारंभ किया जाए आनन-फ़ानन में कोई भी संस्था प्रारंभ करने से उसका लोगों को नहीं मिल पाता

संसाधनों की कमी से जूझ रहा शक्ति का नया सरकारी गर्ल्स कॉलेज-- <em>शक्ति का सरकारी गर्ल्स कॉलेज मैदान बरसात के पानी से हुआ लबालब-- संसाधनों की कमी से कैसे भविष्य गढ़ेगी छात्राएं, इनडोर स्टेडियम में ही संचालित हो रहा कॉलेज, 112 छात्राओं के बावजूद न हीं बैठने की व्यवस्था, न हीं पंखों की व्यवस्था</em> kshititech
शक्ति के शासकीय कन्या में महाविद्यालय के अंदर की स्थिति जहां अव्यवस्थाओं के बीच हो रही पढ़ाई
संसाधनों की कमी से जूझ रहा शक्ति का नया सरकारी गर्ल्स कॉलेज-- <em>शक्ति का सरकारी गर्ल्स कॉलेज मैदान बरसात के पानी से हुआ लबालब-- संसाधनों की कमी से कैसे भविष्य गढ़ेगी छात्राएं, इनडोर स्टेडियम में ही संचालित हो रहा कॉलेज, 112 छात्राओं के बावजूद न हीं बैठने की व्यवस्था, न हीं पंखों की व्यवस्था</em> kshititech
शक्ति के शासकीय कन्या में महाविद्यालय के अंदर की स्थिति जहां अव्यवस्थाओं के बीच हो रही पढ़ाई
संसाधनों की कमी से जूझ रहा शक्ति का नया सरकारी गर्ल्स कॉलेज-- <em>शक्ति का सरकारी गर्ल्स कॉलेज मैदान बरसात के पानी से हुआ लबालब-- संसाधनों की कमी से कैसे भविष्य गढ़ेगी छात्राएं, इनडोर स्टेडियम में ही संचालित हो रहा कॉलेज, 112 छात्राओं के बावजूद न हीं बैठने की व्यवस्था, न हीं पंखों की व्यवस्था</em> kshititech
तालाब बन गया है शक्ति के सरकारी कन्या महाविद्यालय के सामने का मैदान

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