राहत भरी खबर-49 दिन बाद खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान के एक ऐलान से भयंकर सस्ता हुआ तेल, भरभराकर गिरे गैस के दाम



राहत भरी खबर-49 दिन बाद खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान के एक ऐलान से भयंकर सस्ता हुआ तेल, भरभराकर गिरे गैस के दाम
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अब धीरे-धीरे शांत होता दिख रहा है. दोनों देशों के बीच शांतिवार्ता पर सहमति बनने के आसार दिखने लगे हैं. 17 अप्रैल को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बड़ा ऐलान किया. अराघची ने एक्स पर पोस्ट करते हुए ऐलान किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी के लिए खोल दिया गया है. इस ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. तेल और गैस दोनों के दाम भयंकर रूप से गिरने लगे. सैयद अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट लिखकर ऐलान किया कि लेबनान के साथ सीजफायर की घोषणा के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी देशों के कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया गया है. ईरान ने 49 दिन बाद होर्मुज को खोलने का ऐलान किया है.ईरान ने कहा है कि सीडफायर के बाकी बची समयसीमा के लिए होर्मुज को सभी के लिए पूरी तरह से खोल लिया गया है. उन्होंने ये भी कहा कि सभी कॉडिनेट्स और रूस ईरान की ओर से पहले से तय कर दिए गए हैं.
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.ईरान की ओर से होर्मुज को खोलने का ऐलान करते ही कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. कच्चा तेल 10 फीसदी तक नीचे गिर गया. 17 अप्रैल, शुक्रवार को WTI क्रूड ऑयल की कीमत 11.35 फीसदी गिर गई. 10.58 डॉलर की गिरावट के साथ डब्लूटीआई क्रूड ऑयल 83 डॉलर पर पहुंच गया है. इसी तरह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में भी 9.42 फीसदी फिसल गई. ब्रेंट 9.21 डॉलर गिरकर 89.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. गैस की कीमत में -7.39 की गिरावट आ चुकी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तेल और गैस के लिए लाइफलाइन कहा जाता है. होर्मुज के रास्ते से दुनिया के 20 फीसदी तेल का आयात-निर्यात होता है. हर दिन जहां से 140 से 150 तेल के जहाज गुजरते हैं.जहां से प्रतिदिन लगभग 1.8 करोड़ से 2 करोड़ बैरल वैश्विक कच्चा तेल गुजरता है. ईरान ने 28 फरवरी को इस गलियारे को बंद कर दिया था. क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई टूटने की वजह से ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत 65 डॉलर से चढ़कर 120 डॉलर पर पहुंच गई थी. कच्चे तेल के दाम में आई इस तेजी के चलते पेट्रोल-डीजल, एलपीजी सिलेंडर के दामों में तेजी आई गई. कई देशों ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल के दाम को कई गुना बढ़ा दिया



