उसलापुर के महाराणा प्रताप कॉलेज में संविधान दिवस पर क्विज प्रतियोगिता सम्पन्न, विकलांगता पर आधारित डॉक्टर अनीता सिंह द्वारा स्वरचित उपन्यास का उत्तर प्रदेश में हुआ विमोचन, डॉ वी एल गोयल ने किया संविधान दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ

<em>उसलापुर के महाराणा प्रताप कॉलेज में संविधान दिवस पर क्विज प्रतियोगिता सम्पन्न, विकलांगता पर आधारित डॉक्टर अनीता सिंह द्वारा स्वरचित उपन्यास का उत्तर प्रदेश में हुआ विमोचन</em>, डॉ वी एल गोयल ने किया संविधान दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ kshititech
डॉ अनीता सिंह द्वारा विकलांगता पर स्वचरित उपन्यास का उत्तर प्रदेश में हुआ विमोचन
<em>उसलापुर के महाराणा प्रताप कॉलेज में संविधान दिवस पर क्विज प्रतियोगिता सम्पन्न, विकलांगता पर आधारित डॉक्टर अनीता सिंह द्वारा स्वरचित उपन्यास का उत्तर प्रदेश में हुआ विमोचन</em>, डॉ वी एल गोयल ने किया संविधान दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ kshititech
महाराणा प्रताप कॉलेज उसलापुर में संपन्न संविधान दिवस कार्यक्रम

उसलापुर के महाराणा प्रताप कॉलेज में संविधान दिवस पर क्विज प्रतियोगिता सम्पन्न, विकलांगता पर आधारित डॉक्टर अनीता सिंह द्वारा स्वरचित उपन्यास का उत्तर प्रदेश में हुआ विमोचन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- महाराणा प्रताप कॉलेज उसलापुर में संविधान दिवस के अवसर पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।शिवाजी राव शिक्षण समिति के प्रशासक डॉ. वी. एल. गोयल ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों एवं संविधान के नियमों पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ.अनिता सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान दिवस मनाने का औचित्य तभी है जब हम अपने जीवन में संविधान के नियमों को उतारे,संविधान दिवस के अवसर पर सुषमा गुप्ता ने क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया तथा छात्रों ने संविधान निर्माता डॉक्टर अंबेडकर एवं संविधान के नियमों पर अपने विचार रखे।तत्पश्चात प्राचार्य के द्वारा सभी छात्रों को संविधान की प्रस्तावना का शपथ दिलाकर यह संदेश दिया के हम सभी को इसका पालन करना चाहिए । आभार प्रदर्शन अभिमन्यु चंद्रवंशी ने किया। इस अवसर पर अत्यधिक संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षक गण उपस्थित थे

डॉ. अनिता के उपन्यास स्वीकरण का विमोचन उत्तर प्रदेश में

सक्ति-विकलांता पर आधारित उपन्यास जो यथार्थता पर केंद्रित है, जिसका विमोचन उपन्यास के मुख्य पात्र युगम – गुड़िया एवं उनके माता-पिता के निवास स्थान पर कैलहट चुनार मिर्जापुर उत्तर प्रदेश में संपन्न हुआ,उपन्यासकार डॉक्टर अनिता सिंह के माता-पिता के उपस्थित में पुस्तक का विमोचन होना विशेष बात है ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजदीप महाविद्यालय के प्रबंधक राज बहादुर सिंह, विशिष्ट अतिथि बाबूलाल सिंह (अवकाश प्राप्त प्रबंधक), विशिष्ट अतिथि रामेश्वर सिंह (लोकतंत्र सेनानी)(अमरेश कुमार सिंह ( मंत्री काशी प्रांत संस्कार भारती ) डॉक्टर वीर अभिमन्यु सिंह (अध्यक्ष मातृभूमि सेवा समिति भारतवर्ष) संजीव कुमार सिंह (प्रभारी वनवासी सेवक कुंज आश्रम उत्तर प्रदेश) के उपस्थिति रहे,मुख्य अतिथि राजबहादुर सिंह ने उपन्यास की विशेषता बताते हुए कहा कि युगम के यथार्थ जिंदगी पर आधारित यह उपन्यास मुख्य पात्र युगम के हौसले की कहानी को बयां करता है जो कि विकलांगता को नकारते हुए जीवन संघर्ष को स्थापित कर आगे बढ़ रहे हैं। जिसका वास्तविक आनंद पाठकगण पढ़कर स्वयं अनुभव करेंगे,विशिष्ट अतिथि बाबूलाल सिंह ने कहा कि डॉ.अनिता का उपन्यास स्वीकरण भाव प्रधान उपन्यास है जो विकलांग समाज को नयी दिशा देगा।विशिष्ट अतिथि रामेश्वर सिंह (लोकतंत्र सेनानी)अपने उद्बोधन कहा कि डॉ.अनिता सिंह का उपन्यास एक विकलांग परिवार के वास्तविक जीवन के संघर्षों को दर्शाते हुए सफल जीवन गाथा है।संजीव कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि उपन्यास की लेखिका डॉक्टर अनिता सिंह ने मेरे विकलांग बच्चे पर स्वीकरण नामक उपन्यास लिखकर मेरे बेटे- बहू को सकलांग बना दिया,उपन्यास की लेखिका डॉ.अनिता सिंह ने अपने उद्बोधन में मृदुला सिन्हा के उपन्यास ‘ज्यों मेहंदी के रंग’ के लंबे अंतराल के बाद विकलांगता के विषय को लेकर उपन्यास स्वीकरण को लिखने का प्रयास किया है जो विकलांग-विमर्श को स्थापित करने में पूर्णतः समर्थ होगा ऐसा मैं महसूस करती हूँ।इस अवसर पर दयाराम सिंह,अनिल कुमार सिंह,अभिषेक कुमार सिंह, कुमार निर्झर सिंह, कुवँर विकास,कुवँर सत्यांश सिंह , इंदू सिंह,नेहा सिंह,बिन्दु सिंह आदि की उपस्थित सराहनीय रही,कार्यक्रम संचालन करते हुए डॉक्टर वीर अभिमन्यु सिंह ने कार्यक्रम में समा बाँध दिया तथा अंत में आभार व्यक्त करते हुए अमेरश कुमार सिंह ने डॉक्टर अनिता सिंह से और उपन्यास लिखने का आग्रह किया

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