अब कांग्रेस होगी आक्रामक-शक्ति जिले में कांग्रेस पार्टी करेगी जनहित के मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन. 1 अगस्त को पत्रकारवार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल ने दी जानकारी. विद्युत मुद्दे को लेकर घर-घर पहुंचेंगे कांग्रेस के कार्यकर्ता

अब कांग्रेस होगी आक्रामक-शक्ति जिले में कांग्रेस पार्टी करेगी जनहित के मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन. 1 अगस्त को पत्रकारवार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल ने दी जानकारी. विद्युत मुद्दे को लेकर घर-घर पहुंचेंगे कांग्रेस के कार्यकर्ता kshititech
कांग्रेस पार्टी द्वारा 1 अगस्त को आयोजित पत्रकार वार्ता

शक्ति जिले में कांग्रेस पार्टी करेगी जनहित के मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन. 1 अगस्त को पत्रकारवार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल ने दी जानकारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जन विरोधी मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी. शक्ति जिले में भी इस आंदोलन को लेकर 1 अगस्त को स्थानीय शासकीय विश्राम गृह सकती में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी शक्ति द्वारा किया गया। जिसमें जिला अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गबेल सहित प्रमुख पदाधिकारी एवं कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गबेल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 1 अगस्त से बिजली के दाम कम करने तथा स्मार्ट मीटर वापस लेने कांग्रेस का आंदोलन प्रारंभ होगा एवं बिजली के दाम की बढ़ोत्तरी वापस लेने तथा स्मार्ट मीटर वापस लेने एवं 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना को फिर से शुरू करने के लिए कांग्रेस आंदोलन करने जा रही है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया गया है जिसमें 1 अगस्त को सभी जिलो में बिजली के दाम बढ़ोत्तरी का विरोध किया जायेगा तथा बिजली के बढ़े दाम वापस लिये जाने की मांग की जा रही है। 2 अगस्त से कांग्रेस के कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर से आवेदन भरवा कर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करेंगे तथा आम जनता के द्वारा बिजली के दाम बढ़ाने के विरोध में विरोध पत्र भरवायेंगे, बिजली के दाम बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग दो महिने तक करेंगे।दो माह पश्चात जिलों में भरवाये गये फार्म को लेकर प्रदेश भर में हम जिले के बिजली दफ्तर का घेराव करेंगे एवं एकत्रित आवेदन जमा करायेंगे, पावती लेंगे।सभी जिलों में फार्म भरवाने तथा जिले के बिजली दफ्तरों के घेराव के बाद प्राप्त पावती को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री जो कि बिजली मंत्री भी है उनके निवास का घेराव करेंगे। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने बोला कि
भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी किया है। कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की गयी है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये है।

*पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियो ने कहा कि बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है। हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी किया था।भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था. उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी।काग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पस का बढ़ात्तरी विज उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी।भाजपा से सरकार नहीं संभल नहीं रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है।400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार बिजली के दाम बढ़ाया जाना जनता पर बोझ है। सरकार का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नामपर लूटने में लगा है।पिछले कुछ महीनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है। बिजली के खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता।स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे है।बिजली बिल ज्यादा आने का तीन कारण है। पहला सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया है। दूसरा बिजली बिल हाफ योजना बंद हो गई। तीसरा स्मार्ट मीटर लगाए गए है जो अनाप शनाप खपत से अधिक रीडिंग बता रहा जिससे बिल अधिक आ रहा। अडानी की कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाये गये है।संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं थोपे जा रहे हैं, और यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और उपभोक्ताओं की सहमति या अनुमति के बिना सामान्य बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैर कानूनी है। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर जबरिया क्यों लगाया जा रहा है? पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस मांग करती है कि- बिजली के दाम घटाये जाये।400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना लागू की जाए।स्मार्ट मीटर वापस लिया जाए।उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु में स्मार्ट मीटर वहां की भाजपा सरकार ने वापस लेने का निर्णय लिया है। स्थानीय शासकीय विश्रामगृह में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गभेल, महामंत्री गिरधर जायसवाल , किसान कांग्रेस साधेश्वर गबेल,आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज। , मजदूर कांग्रेस पवन साहू , युवा कांग्रेस राशिद खान , सफीक अहमद खान , मंडल अध्यक्ष लाला सोनी , रामसजीवन देवांगन जीवेन्द राठौर , पप्पू खान बलराम पांडे उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी।राकेश राठौर शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शक्ति , रवीन्द्र राठौर सहित काफी संख्या में कांग्रेस पार्टी के शक्ति जिले के पदाधिकारी एवं मोर्चा प्रकोष्ठों के प्रमुख पदाधिकारी तथा कांग्रेस समर्थित जन प्रतिनिधि उपस्थित थे

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