सहारा के बड़े जमाकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं। पोर्टल में आवेदन करने के बावजूद राशि वापसी की कोई तारीख निर्धारित नहीं। परेशान हो गए हैं जमाकर्ता। मेरा भारत महान. बड़े आंदोलन के मूड में बड़े जमाकर्ता। कंज्यूमर फोरम के आदेशों की भी अवहेलना की सहारा कंपनी ने. पीड़ितों ने कहा-ब्याज सहित पूरी रकम वापस करें जिम्मेदार संस्था

सहारा के बड़े जमाकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं। पोर्टल में आवेदन करने के बावजूद राशि वापसी की कोई तारीख निर्धारित नहीं। परेशान हो गए हैं जमाकर्ता। मेरा भारत महान. बड़े आंदोलन के मूड में बड़े जमाकर्ता। कंज्यूमर फोरम के आदेशों की भी अवहेलना की सहारा कंपनी ने. पीड़ितों ने कहा-ब्याज सहित पूरी रकम वापस करें जिम्मेदार संस्था kshititech

सहारा के बड़े जमाकर्ताओं कि कोई सुनवाई नहीं। पोर्टल में आवेदन करने के बावजूद राशि वापसी की कोई तारीख निर्धारित नहीं। परेशान हो गए हैं जमाकर्ता। मेरा भारत महान. बड़े आंदोलन के मूड में बड़े जमाकर्ता। कंज्यूमर फोरम के आदेशों की भी अवहेलना की सहारा कंपनी ने

सक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -भारत देश के सहारा कंपनी में निवेश करने वाले बड़े जमाकर्ता परेशान हो गए हैं। तथा केंद्र सरकार द्वारा विगत वर्षों सहारा पोर्टल के माध्यम से लोगों की जमा रकम वापसी के प्रयास तो प्रारंभ किए गए। किंतु कई साल बीत जाने के बावजूद केवल छोटे-छोटे जमा कर्ताओं को ही राशि मिल पा रही है। एवं बड़े जमाकर्ता काफी परेशान है। एवं बड़े जमाकर्ताओं का कहना है कि आखिरकार जब हमने अपनी राशि जमा की है तो केंद्र सरकार उसे वापस क्यों नहीं कर रही है। एवं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सहारा पोर्टल के माध्यम से 10 लाख रुपए तक के जमाकर्ताओं के ऑनलाइन आवेदन जरूर हो रहे हैं। किंतु उसमें भी सहारा की अनेकों योजनाओं के तो आवेदन भी नहीं हो पा रहे हैं। इसका कारण क्या है यह तो समझ से परे है। किंतु यह बात सत्य है कि आज देश के नागरिकों की जमा पूंजी को जिस तरह से सहारा कंपनी ने बेवकूफ बनाकर राशि रोके रखा तथा अब केंद्र की सरकार ने इसकी जवाबदारी लेकर पोर्टल जरूर बना दिया है। किंतु जिस कार्य को सरकार को तुरंत करना चाहिए उस कार्य में भी सरकार की देरी होना समझ में नहीं आ रहा है। सहारा कंपनी के बड़े जमाकर्ताओं को तो अब अपनी रकम वापसी को लेकर भी चिंता होने लगी है।

जमाकर्ताओं ने कहा ब्याज सहित पूरी रकम वापस हो

तथा लोगों का कहना है कि आज 15-15 साल पहले से जिन लोगों ने रकम जमा की है। तथा जिसकी मैच्योरिटी अवधि भी पूरी हो चुकी है तथा मूलधन के साथ पूरा ब्याज जो सहारा कंपनी ने लोगों को वायदा किया था। ब्याज सहित रकम वापस मिलनी चाहिए। आखिरकार उनके पैसे का उपयोग सहारा कंपनी ने वर्षों तक अपनी पूंजी बढ़ाने में किया तो जनता के पैसे पर क्या जनता का अधिकार नहीं है। किंतु सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सहारा पोर्टल के माध्यम से केवल मूलधन वापसी वो भी एक निर्धारित 10000 या अधिकतम 50000 तक की बात ही वर्तमान में कहीं जा रही है। किंतु इसमें सत्यता कितनी है यह तो मालूम नहीं। लेकिन आज सालों से लोगों की जमा रकम को ब्याज सहित वापस करना कहीं ना कहीं शासन की जिम्मेदारी है

बड़े आंदोलन के मूड में है बड़े जमाकर्ता

सहारा कंपनी में पैसे जमा करने वाले बड़े जमाकर्ता केंद्र सरकार के रुख के चलते बड़ा आंदोलन करने का मन बना रहे हैं। तथा पूरे देश भर में एक साथ बड़े जमाकर्ताओं द्वारा इस दिशा में आंदोलन किया जाएगा तथा अपनी रकम वापसी के लिए केंद्र की सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। ऐसा सूत्रों का कहना है

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी बड़े जमाकर्ताओं का रहेगा नकारात्मक रूख

आने वाले पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी सहारा कंपनी के बड़े ,जमाकर्ताओं का रुख राजनैतिक दलों के प्रति नकारात्मक नजर आ रहा है। तथा जमाकर्ताओं का कहना है कि उनकी जमा रकम वापस नहीं हो रही है।जिससे वे परेशान है।तथा राजनैतिक दलों से जो सहयोग मिलना चाहिए। वैसा नहीं मिल पा रहा है

सहारा में सभी वर्ग के लोगों की है राशि जमा

सहारा कंपनी ने भारत देश में बचत योजनाओं के माध्यम से जब कदम रखा. तब कंपनी की प्रतिष्ठा को देखते हुए करोड़ों लोग उससे आकर्षित हुए एवं देश का आम नागरिक। सरकारी नौकरी वाले अधिकारी- कर्मचारी। नेता। व्यापारी। सभी ने अपनी जमा पूंजी इस सहारा कंपनी की अलग-अलग योजनाओं में बचत के उद्देश्य से निवेश की है। तथा किसी ने बचत खातों के माध्यम से प्रत्येक महीने एक निश्चित रकम जमा की। तो किसी ने 5 साल। तो किसी ने 10 साल। तो किसी ने 15 साल की एक मुश्त अलग-अलग योजनाओं के लिए कंपनी के बॉन्ड लिए तथा इन बॉन्ड की मैच्योरिटी अवधि भी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लाखों लोगों की पूरी हो चुकी है

कोरोना काल में उपभोक्ता आयोगों का दरवाजा भी खटखटाया लाखों जमा कर्ताओं ने

सहारा कंपनी में राशि जमा करने वाले लाखों जमा कर्ताओं ने अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग जिलों में शासन द्वारा स्थापित जिला उपभोक्ता आयोग में भी दरवाजा खटखटाया.तथा याचिका लगाकर अपनी पीड़ा बताई तथा छत्तीसगढ़ में ही देखा जाए तो सैकड़ो ऐसे मामलों में जिला उपभोक्ता आयोग ने सहारा कंपनी के जमाकर्ताओं के पक्ष में रकम वापसी को लेकर आदेश भी जारी कर दिया है। किंतु यह दुर्भाग्य है कि आज उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए शासन द्वारा उपभोक्ता आयोग का गठन किया गया है।किंतु इन उपभोक्ता आयोग के आदेशों को भी सहारा कंपनी ने नजर अंदाज करते हुए आवेदकों को कोई रकम वापसी के संबंध में जवाब तक देना उचित नहीं समझा तो इससे कहीं ना कहीं उपभोक्ता आयोग के आदेशों के प्रति उसके परिपालन में तय होने वाली जवाब देही को लेकर भी सवालिया निशान लगता है। तथा आदेशों की अवहेलना करने वाले वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। तभी आम जनता एवं उपभोक्ताओं का उपभोक्ता आयोग के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा

प्रातिक्रिया दे

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading