मुष्ठी मुद्रा से हो सकते हैं आप तनाव मुक्त, मन शांत एवं पेट के स्वास्थ्य को सुधारने में है लाभदायक- शिवनारायण मूंधडा वास्तु मित्र रायपुर, आपका पाचन होगा बेहतर एवं कब्ज से मिलेगी राहत


मुष्ठी मुद्रा से हो सकते हैं आप तनाव मुक्त, मन शांत एवं पेट के स्वास्थ्य को सुधारने में है लाभदायक- शिवनारायण मूंधडा वास्तु मित्र रायपुर
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-मुष्टी मुद्रा एक सरल व शक्तिशाली योगिक हस्त मुद्रा है, जो बंद मुट्ठी’ की तरह होती है। यह दबी हुई भावनाओं, जैसे क्रोध, भय और नकारात्मकता को दूर करने के लिए अत्यधिक प्रभावी है। यह मुद्रा पाचन अग्नि को बढ़ाने, पेट के स्वास्थ्य को सुधारने और शरीर को तनावमुक्त करने में मदद करती है।
तनाव को दूर करती मुष्टी मुद्रा-शिवनारायण मूंधड़ा (वास्तु मित्र) 94252-02721
वास्तु मित्र मूंधड़ा जी कहते है कि इस मुद्रा को करने के लिए आरामदायक स्थिति में बैठें। दोनों हाथों की हथेलियों को ऊपर की ओर रखें। अब अपनी सभी उंगलियों को मोड़कर मुट्ठी बनाएं। अंगूठे को चारों उंगलियों के ऊपर लाते हुए अनामिका उंगली (Ring Finger) पर हल्का दबाव डालें। मुट्ठी बनाकर दोनों हाथों को अपनी जांघों या घुटनों पर रखें। इस मुद्रा को लंबी व गहरी सांस लेते हुए 10-15 मिनट तक करें।
इस मुद्रा से आपको क्या हैं लाभ
01- नकारात्मकता दूर करे, क्रोध, भय, चिड़चिड़ापन और हताशा को कम करने में मदद करती है।
02- यह जठराग्नि को उत्तेजित करती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और कब्ज में राहत मिलती है।
03- यह मन को शांत करती है और दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालती है।
04- यह कलाई और बांह की मांसपेशियों को मजबूत और स्थिर करती है।
05- शरीर में ऊर्जा स्तर को बढ़ाकर थकान और सुस्ती दूर करती है।
मुष्ठी मुद्रा करते वक्त रखे ये सावधानिया
इसे मुख्य रूप से खाली पेट करना सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन अगर पाचन संबंधी बहुत समस्या हो, तो खाने के तुरंत बाद भी हल्का दबाव बनाकर किया जा सकता है। अगर हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो, तो इसे बहुत अधिक देर तक न करें।
अगर आपको अपना मन और तन स्वस्थ्य रखना है तो इस मुद्रा को जरूर करे,यह काफी फायदेमंद है



