आधार कार्ड का कमाल-8 साल बाद फिर से महिला बनी फातमा. आधार कार्ड में 11 साल पहले त्रुटिवश जेंडर में लिखा गया था पुरुष. सालों तक चक्कर काटने के बाद हुआ यह सुधार




आधार कार्ड का कमाल-8 साल बाद फिर से महिला बनी फातमा. आधार कार्ड में 11 साल पहले त्रुटिवश जेंडर में लिखा गया था पुरुष
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -शामली गांव बलवा निवासी फातमा के आधार कार्ड में तकनीकी त्रुटि के कारण जेंडर पुरुष दर्ज हो गया था। आठ वर्ष से उसने अपना जेंडर महिला कराने के लिए जनसेवा केंद्र से लेकर, जिला और मंडल कार्यालय के साथ आधार मुख्यालय दिल्ली तक भागदौड़ करनी पड़ी थी, लेकिन जेंडर में संशोधन नहीं हो सका था। एक निजी मीडिया न्यूज़ एजेंसी के 25 जुलाई के अंक में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेकर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के महानिदेशक ने मामले का संज्ञान लेकर तत्काल पीड़िता के आधार में जेंडर संशोधन कराने के निर्देश दिए थे।31 जुलाई को फातमा के आधार में जेंडर में सफलता पूर्वक संशोधन हो गया है। एक अगस्त को जानकारी मिलने पर पर फातमा ने खुशी प्रकट कर दैनिक समाचार पत्र का आभार जताया।गांव बलवा निवासी 24 वर्षीय फातमा पुत्री तैयब के आधार कार्ड में महिला के स्थान पर पुरुष दर्ज होने की आठ वर्ष पुरानी त्रुटि शनिवार को दूर हो गई है, और आधार कार्ड पर अब जेंडर में महिला अंकित हो चुका है।बताते चलें कि वर्ष 2015 में जन्मतिथि संशोधन के दौरान आधार कार्ड में आपरेटर की त्रुटि से फातमा का जेंडर महिला के स्थान पर पुरुष दर्ज हो गया था। इसके बाद उन्होंने जिला स्तर से लेकर सहारनपुर जोन कार्यालय और नई दिल्ली स्थित यूआईडीएआई मुख्यालय तक आवेदन किए, लेकिन कुछ नहीं हुआ था। एक निजी राष्ट्रीय समाचार पत्र में 25 जुलाई के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिस पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यलय लखनऊ के महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने संज्ञान लेकर तत्काल संशोधन के निर्देश दिए थे।इस पर क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के सहायक प्रबंधक राजीव कुमार त्रिपाठी ने जिला ऑपरेशन मैनेजर शामली अंकुर चिकारा को फातमा से संपर्क कर दोबारा आवेदन कराने के निर्देश दिए थे, जिस पर 27 जुलाई को फातमा को जिला आधार सेवा केंद्र पर बुलाया गया और उनके मोबाइल से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण पर ई मेल के माध्यम से प्रार्थना पत्र भी भेजा गया था।31 जुलाई को आधार कार्ड क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक प्रबंधक राजीव कुमार त्रिपाठी ने जिला ऑपरेशन मैनेजर अंकुर को फोन पर बताया कि फातमा के आधार में त्रुटि का संशोधन कर जेंडर में महिला दर्ज कर दिया गया है, अब वह आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक कराकर आधार कार्ड प्राप्त कर सकती है। फातमा आठ वर्षों से आधार कार्ड में संशोधन के लिए परेशानी थी। वह मेडिकल जांच कराने का आवेदन लेकर 23 जुलाई को सीएमओ कार्यालय पहुंची थी, जहां से उसे ऊन सीएचसी पर रेफर कर दिया गया। वहां तैनात महिला चिकित्सक ने उसे शामली सीएचसी अथवा मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया था।इसके बाद फातमा सीएचसी शामली पहुंची थी जहां मेडिकल परीक्षण के तहत फातमा को कैरियोटाइपिंग जांच (आनुवंशिक परीक्षण) के लिए मेरठ रेफर किया गया था। इसी बीच आधार सेवा केंद्र से फोन आने पर वह मेरठ नहीं गई थी। अब बिना मेडिकल जांच के फातमा के आधार में संशोधन हो गया है।







