गुरु के बिना जीवन दिशाविहीन, गुरु कृपा से ही असंभव भी संभव होता है – परम पूज्य कापालिक धर्म रक्षित राम जी।अघोर पीठ जन सेवा अभेद आश्रम, पोंडी दल्हा में श्रद्धा, सेवा और आध्यात्म का भव्य संगम, हजारों श्रद्धालुओं ने किया गुरु दर्शन, 1835 लोगों ने लिया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ




गुरु के बिना जीवन दिशाविहीन, गुरु कृपा से ही असंभव भी संभव होता है – परम पूज्य कापालिक धर्म रक्षित राम जी।अघोर पीठ जन सेवा अभेद आश्रम, पोंडी दल्हा में श्रद्धा, सेवा और आध्यात्म का भव्य संगम, हजारों श्रद्धालुओं ने किया गुरु दर्शन, 1835 लोगों ने लिया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई को अघोर पीठ जन सेवा अभेद आश्रम, पोंडी दल्हा में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच भव्य रूप से मनाया गया। औघड़ पीर पर्व के रूप में आयोजित इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और गुरु दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दिनभर आश्रम परिसर में भक्ति, सेवा, सत्संग, श्रमदान, सामाजिक सरोकार एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः प्रभात फेरी, आश्रम परिसर की साफ-सफाई एवं श्रमदान से हुआ। इसके पश्चात ध्वजारोहण एवं सफलयोनि पाठ संपन्न हुआ। पूर्वाह्न में अघोर पीठ जन सेवा अभेद आश्रम के अध्यक्ष परम पूज्य बाबा कापालिक धर्म रक्षित राम जी अपने आसन पर विराजमान हुए, जिसके बाद गुरु दर्शन एवं पूजन का क्रम देर शाम तक चलता रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। देर रात तक महाप्रसाद वितरण का क्रम जारी रहा।सायंकाल आयोजित युवा एवं महिला गोष्ठी में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए परम पूज्य बाबा कापालिक धर्म रक्षित राम जी ने कहा कि मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर श्रद्धा से शीश झुकाने के स्थान हैं, लेकिन यदि जीवन को सही दिशा, आत्मिक उन्नति और वास्तविक कल्याण कोई दे सकता है तो वह सद्गुरु ही हैं। संत-महात्मा अपने तप, त्याग और साधना का अंश देकर शिष्य के जीवन को संस्कारित करते हैं, उसे सही मार्ग दिखाते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु के बिना जीवन दिशाविहीन हो जाता है। गुरु की कृपा से ही मनुष्य अपने लक्ष्य तक पहुंचता है और असंभव भी संभव हो जाता है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। मीरा बाई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनका अद्भुत प्रेम और साक्षात्कार भी गुरु कृपा का ही परिणाम था। जब गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा, विश्वास और समर्पण होता है, तब असंभव प्रतीत होने वाले कार्य भी सहज हो जाते हैं। इतिहास संतों और महापुरुषों के ऐसे अनेक उदाहरणों से भरा पड़ा है।उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य केवल धन कमाने और भौतिक सुख-सुविधाओं को जुटाने में लगा हुआ है, जबकि कमाना और पेट भरना तो पशु-पक्षी भी कर लेते हैं। मनुष्य जीवन की सार्थकता सेवा, सदाचार, परोपकार और ऐसे श्रेष्ठ कर्मों में है, जिनसे समाज का कल्याण हो और शरीर छोड़ने के बाद भी लोग हमें हमारे सत्कर्मों के लिए याद रखें। प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर की आत्मा को पहचानते हुए मानवता की सेवा और गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। बाबा जी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, निष्ठा, विश्वास और आत्मचिंतन का महापर्व है। गुरु ही मनुष्य को जीवन का उद्देश्य बताते हैं और उसे सही दिशा प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में गुरु की कृपा अत्यंत आवश्यक है।इस अवसर पर पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश, जांजगीर विधायक व्यास कश्यप, अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह, बलौदाबाजार विधायक इंद्र साव, भाजपा नेता दिनेश सिंह, अमर सुल्तानिया एवं मानेश जांगड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में अघोर विद्या पीठ के वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले स्वयंसेवकों का भी सम्मान किया गया।
1835 लोगों ने लिया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आयोजित विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 1835 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।शिविर में एजी हॉस्पिटल, पत्थलगांव से डॉ. उमाकांत राठौर एवं डॉ. धनंजय निर्मलकर, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रज्ञा ताम्रकार एवं डॉ. प्रीतेश चंदेल, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. लोकेन्द्र, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश, डॉ. मंजू तथा डॉ. दयामणि साहू ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। सभी चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया तथा निःशुल्क दवाओं का वितरण किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में आश्रम के स्वयंसेवकों, अघोर विद्या पीठ के विद्यार्थियों, आर.के. सिंह स्कूल के एनएसएस स्वयंसेवकों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों, विद्युत विभाग, थाना अकलतरा तथा यातायात पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सभी के समन्वित प्रयासों से गुरु पूर्णिमा महोत्सव शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।







