कोचिंग के ‘फीस-ट्रैप’ से छात्रों को बचाना ज़रूरी- सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा के संसद सत्र में केंद्र सरकार से करी कोचिंग संस्थानों से कड़ाई से पालन करवाने की मांग


कोचिंग के ‘फीस-ट्रैप’ से छात्रों को बचाना ज़रूरी- सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा के संसद सत्र में केंद्र सरकार से करी कोचिंग संस्थानों से कड़ाई से पालन करवाने की मांग
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- रायपुर लोकसभा के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 29 जनवरी को लोकसभा के संसद सत्र में केंद्र सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग करते हुए कोचिंग संस्थानों की मनमानी को लेकर पत्र लिखा है,जिसमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि कोटा की तर्ज पर अब रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ भी कोचिंग हब बन रहे हैं। लेकिन छात्र इन संस्थानों एवं ऑनलाइन कोचिंग प्लेटफॉर्म्स की ‘मोनोपोली’ और एकमुश्त फीस के जाल में फंस रहे हैं।आज लोकसभा में इसी विषय में केंद्र सरकार से नियमों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पत्र में बताया है कि राजस्थान के कोटा के बाद आज पूरे देश में विद्यार्थियों के लिए कोचिंग संस्थान बन रहे हैं, रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई मध्य भारत के कोटा के रूप में स्थापित हो रहे हैं एवं प्रदेश के बिलासपुर एवं रायगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स भी छात्रों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं परन्तु स्कूली विद्यार्थी इन कोचिंग संस्थानों के फीस ट्रैप मोनोपोली का शिकार बन रहे हैं।
आज माता पिता अपने बच्चों के भविष्य बनाने के लिए ज़मीन, गहने बेचकर एवं क़र्ज़ लेकर लाखों रुपयों की अग्रिम फीस का भुगतान करते हैं। किन्तु विडम्बना यह है कि उपयुक्त वातावरण ना मिलने या किसी निजी कारणवश यदि कोई छात्र संस्थान छोड़ता है तो ये सेंटर एक रुपया भी वापस नहीं करते। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद सत्र के दौरान स्वयं अपने स्थान पर खड़े होकर इस विषय पर विस्तार पूर्वक अवगत कराते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय शिक्षा मंत्रालय द्वारा उक्त सन्दर्भ में वर्ष 2024 में गाइडलाइंस (GUIDELINES FOR REGULATION OF COACHING CENTER) ज़ारी की गयी लेकिन इनका जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है।अध्यक्ष महोदय मैं आपके माध्यम से देश के सभी छात्रों के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करता हूँ कि इन गाइडलाइन्स का कड़ाई से पालन होना सुनिश्चित करवाया जाए एवं सभी राज्य सरकारें विद्यार्थियों द्वारा बीच में संस्थान छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड का अनुपालन करने की अनिवार्यता का नियम बनाएं।छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इन कोचिंग संस्थानों के विवाद के निपटारे हेतु फ़ास्ट ट्रैक निवारण सेल स्थापित किये जाने के हेतु, छात्र/जन हित में सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश देने का कष्ट करेंगे



