रात के अंधेरे में नदी में हो रहा था रेत का खेल-आधी रात को 1:00 बजे करही हसौद में अवैध रेत पकड़ने पहुंचे प्रशासन की टीम को मिली बड़ी सफलता पांच ट्रैक्टर जप्त बंदर का रेस्क्यू किया शक्ति के वन विभाग ने. कलेक्टर तोपनों के निर्देशन में एसडीएम कावेरी खुद रही मौजूद




आधी रात को 1:00 बजे करही हसौद में अवैध रेत पकड़ने पहुंचे प्रशासन की टीम को मिली बड़ी सफलता पांच ट्रैक्टर जप्त बंदर का रेस्क्यू किया शक्ति के वन विभाग ने. कलेक्टर तोपनों के निर्देशन में एसडीएम कावेरी खुद रही मौजूद
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के सख्त निर्देशन में जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सक्ती सुश्री कावेरी मरकाम, तहसीलदार हसौद श्रीमती गरिमा मनहर, तहसीलदार सक्ती श्री लक्ष्मीकांत कोरी एवं थाना प्रभारी बिर्रा की संयुक्त टीम द्वारा तहसील हसौद अंतर्गत ग्राम करही में देर रात लगभग 1 बजे छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान अवैध रूप से रेत का भंडारण एवं परिवहन करते पाए जाने पर 05 ट्रैक्टरों को जप्त किया गया। यह कार्रवाई खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया। उक्त प्रकरण में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री तोपनो ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लगाई जा सके। जिला प्रशासन इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी
आक्रामक बंदर का सफल रेस्क्यू, वन विभाग ने सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
शक्ति -वन परिक्षेत्र अंतर्गत मालखरौदा क्षेत्र में विगत कुछ दिनों से एक आक्रामक नर बंदर द्वारा ग्रामीणों पर हमले किए जाने की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे क्षेत्र में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो गया था। स्थिति की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए वन विभाग द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए विशेष रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वनमण्डलाधिकारी जांजगीर-चाम्पा, सक्ती श्री हिमांशु डोंगरे के निर्देशन एवं उपवनमण्डलाधिकारी सक्ती श्री शिवेन्द्र साहू के मार्गदर्शन में सक्ती वन परिक्षेत्र, उड़नदस्ता दल जांजगीर-चाम्पा, सक्ती वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा क्षेत्रीय गोसेवक सदस्यों के संयुक्त सहयोग से विगत 3 से 4 दिनों तक सतत निगरानी रखते हुए सुनियोजित रणनीति के तहत रेस्क्यू कार्यवाही की गई। इस अभियान में जूलॉजिकल गार्डन, कानन पेंडारी बिलासपुर से डॉ. पी.के. चन्दन सहित विशेषज्ञ टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागीय रेस्क्यू दल द्वारा पूरी सावधानी, सतर्कता एवं तकनीकी दक्षता के साथ बंदर को सुरक्षित रूप से पकड़ने में सफलता प्राप्त की गई। रेस्क्यू उपरांत बंदर का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। बंदर के हमलों में घायल हुए ग्रामीणों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया एवं नियमानुसार वन विभाग द्वारा उन्हें तात्कालिक सहायता राशि भी प्रदान की गई। जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वन्य जीवों के प्रति सतर्कता एवं संयम बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।

