शक्ति जिले में जिला पंचायत सीईओ जैन ने किया सचिव को निलंबित. सरपंच पर भी होगी अनुशासन की कार्रवाई।शक्ति कलेक्टर तोपनो ने दिए भीषण गर्मी एवं लू से बचने के लिए नागरिकों को टिप्स



शक्ति जिले में जिला पंचायत सीईओ जैन ने किया सचिव को निलंबित. सरपंच पर भी होगी अनुशासन की कार्रवाई।शक्ति कलेक्टर तोपनो ने दिए भीषण गर्मी एवं लू से बचने के लिए नागरिकों को टिप्स
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -जिले में अप्रैल माह से ही भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने और दोपहर से रात तक गर्म हवाएं चलने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है तथा लू की स्थिति बनने लगी है। इसे देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया है कि जब तापमान अपेक्षित स्तर से काफी अधिक हो जाता है और कई दिनों तक गर्म हवाएं चलती रहती हैं, तब लू की स्थिति बन जाती है। तेज धूप में अधिक समय तक रहने से शरीर में मौजूद पानी और खनिज लवण पसीने के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। लू लगने की स्थिति में शरीर का तापमान बढ़ जाता है और कई बार पसीना भी नहीं आता, अत्यधिक प्यास लगती है तथा पेशाब कम होने लगता है। इसके साथ ही सिर में भारीपन और दर्द, चक्कर आना, उल्टी होना, शरीर में कमजोरी और दर्द महसूस होना, तेज बुखार के साथ मुंह सूखना तथा आंखों के सामने अंधेरा छाना या बेहोशी जैसी स्थिति भी हो सकती है।कलेक्टर श्री तोपनो ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर न निकलें। यदि बहुत जरूरी हो तो बाहर निकलने से पहले पर्याप्त पानी या भोजन कर लें तथा सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें। धूप में निकलते समय आंखों पर चश्मा लगाने और समय-समय पर पानी अथवा अन्य तरल पदार्थ पीते रहने की सलाह भी दी गई है। यदि किसी व्यक्ति को लू के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार स्थान पर ले जाकर आराम कराएं, शरीर को ठंडे पानी से पोंछें तथा आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाएं। जिला प्रशासन ने कहा है कि गर्मी के इस मौसम में सभी लोग लू के प्रभाव को गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानी बरतते हुए सुरक्षित रहें। आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए विभागीय एम्बुलेंस एवं संजीवनी एक्सप्रेस 108 की सेवा ली जा सकती है। वहीं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श के लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु प्रस्ताव एवं स्वीकृति की अंतिम तिथि में वृद्धि
शक्ति -राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 12वीं से उच्चतर हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया जारी है। विभाग द्वारा लंबित आवेदनों को देखते हुए प्रस्ताव एवं स्वीकृति लॉक करने की अंतिम तिथियों में वृद्धि की गई है। जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के लिए यह प्रक्रिया राज्य की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जा रही है। नई अंतिम तिथियां इस प्रकार हैं, संस्थाओं द्वारा लंबित प्रस्तावों को लॉक कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय को भेजने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2026, शासकीय संस्था या जिला कार्यालय द्वारा स्वीकृति आदेश लॉक करने की अंतिम तिथि 21 अप्रैल एवं जिला कार्यालय द्वारा भुगतान हेतु राज्य कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथियों के बाद ड्राफ्ट प्रपोजल एवं सैंक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति से वंचित रहने की जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रमुख की होगी। इसके लिए पात्रता अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के लिए अभिभावक की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए विद्यार्थियों के लिए आय सीमा 1 लाख रुपए, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र, पूर्व कक्षाओं के परीक्षा परिणाम आवश्यक है। छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित किया जाएगा। सभी विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से वन टाइम रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है
सी.सी. रोड निर्माण कार्य में अनियमितता पाए जाने पर ग्राम पंचायत पिसौद के सचिव निलंबित
शक्ति -कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती श्री वासु जैन ने जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पिसौद में जिला खनिज न्यास संस्थान मद (डीएमएफ) से स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य में अनियमितता एवं गुणवत्ताविहीन कार्य पाए जाने पर सचिव श्रीमती लीला कमलेश को निलंबित कर दिया है।जिला पंचायत सक्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती श्री वासु जैन द्वारा 10 अप्रैल 2026 को कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया, जिसमें निर्माण कार्य गुणवत्ताविहीन पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि सचिव द्वारा तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन किया गया तथा कार्य में लापरवाही एवं मनमानी बरती गई। इस संबंध में सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। सचिव श्रीमती लीला कमलेश द्वारा 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत जवाब में बताया गया कि निर्माण कार्य के दौरान वे नियमित रूप से स्थल का निरीक्षण करती थीं तथा कार्य को नियमानुसार कराने के निर्देश देती थीं। उन्होंने यह भी बताया कि नदी से रेत ढोने वाले ट्रैक्टरों के आवागमन से सीसी रोड क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी मरम्मत जांच दल एवं एसडीओ जैजैपुर के मार्गदर्शन में कराई गई। सचिव के अनुसार, मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद उप अभियंता एवं एसडीओ द्वारा स्थल का निरीक्षण कर कार्य को सही बताया गया तथा उनके अनुशंसा के आधार पर 20 प्रतिशत राशि का भुगतान भी किया गया। हालांकि, जांच में यह पाया गया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रमाण पत्र, जो कि गुण नियंत्रण उप इकाई, केंद्रीय प्रयोगशाला सक्ती द्वारा 6 नवंबर 2025 को जारी किया गया था, कूट रचित तरीके से तैयार किया गया। इसके चलते शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई तथा कार्य की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई, जिसके कारण सड़क उखड़ने एवं क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में है। प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर सचिव श्रीमती लीला कमलेश का कृत्य शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की श्रेणी में पाया गया, जो छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 एवं सचिवों के शक्तियां एवं कर्तव्य नियम 1999 के विपरीत है। उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए, छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के नियम 4 के तहत सचिव श्रीमती लीला कमलेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा इस अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत जैजैपुर, जिला सक्ती निर्धारित किया गया है
ग्राम पंचायत पिसौद में गुणवत्ताविहीन सी.सी. रोड निर्माण पर सरपंच के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ
शक्ति -कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती श्री वासु जैन द्वारा जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पिसौद की सरपंच श्रीमती जयमति के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गई है।जिला पंचायत सक्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पिसौद में जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) मद से स्वीकृत सी.सी. रोड निर्माण कार्य में गुणवत्ता विहीन निर्माण की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती श्री वासु जैन द्वारा दिनांक 10 अप्रैल 2026 को कार्यस्थल का पुनः निरीक्षण किया गया, जिसमें निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन पाया गया।निरीक्षण में यह पाया गया कि सरपंच द्वारा घोर लापरवाही बरती गई तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन किया गया। उक्त कृत्य पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 48 तथा संबंधित नियम 1994 (सरपंच के कर्तव्य एवं शक्तियाँ) के विपरीत पाया गया। फलस्वरूप सरपंच को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में सरपंच श्रीमती जयमति द्वारा दिनांक 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत जवाब में उल्लेख किया गया कि सी.सी. रोड निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा अनुबंध के माध्यम से कराया गया तथा कार्य उप अभियंता के मार्गदर्शन में संपादित हुआ। साथ ही यह भी बताया गया कि नदी से रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों के आवागमन से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी मरम्मत जांच दल एवं एसडीओ के निर्देशानुसार करा ली गई है। सरपंच द्वारा यह भी बताया गया कि मरम्मत कार्य पूर्ण होने के उपरांत उप अभियंता एवं एसडीओ द्वारा निरीक्षण कर कार्य को संतोषजनक बताया गया तथा 20 प्रतिशत राशि का भुगतान भी स्वीकृत किया गया। साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण उप इकाई, केन्द्रीय प्रयोगशाला सक्ती द्वारा दिनांक 06 नवम्बर 2025 को गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया गया था। हालांकि, जांच में यह पाया गया कि उक्त गुणवत्ता प्रमाण पत्र कूट रचित दस्तावेज के आधार पर तैयार किया गया है तथा शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिसके कारण सी.सी. रोड क्षतिग्रस्त एवं उखड़ रही है और कार्य गुणवत्ताहीन है। प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर सरपंच द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पिसौद की सरपंच श्रीमती जयमति के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 39 के अंतर्गत तत्काल कार्यवाही करते हुए धारा 40 के तहत नियमानुसार आगे की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।



