ऐतिहासिक आयोजन- पूरा हाईटेक सिस्टम, 4 एकड़ पर भव्य पंडाल, बिलासपुर में होने वाले जया किशोरी जी के कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क, 8 हजार लोगों के कथा सुनने और पार्किंग की व्यवस्था कर रही समिति, पत्रकार वार्ता में आयोजन समिति के सदस्यों ने दी जानकारी, ई रिक्शा के माध्यम से पंडाल तक पहुंचेंगे भक्तजन


ऐतिहासिक आयोजन- पूरा हाईटेक सिस्टम, 4 एकड़ पर भव्य पंडाल, बिलासपुर में होने वाले जया किशोरी जी के कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क, 8 हजार लोगों के कथा सुनने और पार्किंग की व्यवस्था कर रही समिति, पत्रकार वार्ता में आयोजन समिति के सदस्यों ने दी जानकारी, ई रिक्शा के माध्यम से पंडाल तक पहुंचेंगे भक्तजन
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती^कथावाचक जया किशोरी 9 जनवरी से छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर शहर से ‘नानी बाई का मायरो’ कथा सुनाएंगी, 4 एकड़ में बनाया जा रहा पंडाल, 4 गेट बनेंगे, भक्ति, श्रद्धा और भावनाओं से सराबोर करने वाली विख्यात आध्यात्मिक कथावाचक जया किशोरी पहली बार बिलासपुर में ‘नानी बाई का मायरो’ कथा व भजन प्रस्तुत करने जा रही हैं। यह 3 दिवसीय आयोजन 9 से 11 जनवरी तक मिनोचा कॉलोनी गार्डन में होगा। आयोजन श्री प्रेम सेवा परिवार द्वारा किया जा रहा है,आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने पत्रवार्ता में इसकी जानकारी दी। समिति के विमल अग्रवाल ने बताया कि प्रतिदिन 8 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पांडाल तैयार किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होगी। पंडाल 4 एकड़ में तैयार किया जा रहा है। 4 गेट बनाएं जा रहे हैं,आयोजन समिति के सदस्य विमल अग्रवाल ने बताया कि गेट नंबर-1 से तीन तक श्रद्धालुओं को एंट्री दी जाएगी। वहीं गेट नंबर-4 से वीआईपी लोगों को एंट्री मिलेगी। कॉलोनी के बाहर रोड साइड और खाली जगहों पर पार्किंग बनाई जा रही है। कथा स्थल पर प्रवेश करने से पहले हर गेट के पास जूता-चप्पल रखने की व्यवस्था रहेगी। वहीं सफाई कर्मी भी गोंदिया से आएंगे। श्री प्रेम सेवा परिवार के राजेश गोयल, सुनील सुल्तानिया, विमल अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, बंटी सोंथालिया और मनीष अग्रवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम पहली बार हो रहा है क ‘नानी बाई का मायरो’
क्या है नानी बाई का मायरो
‘ भक्त नरसी मेहता और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी एक प्रसिद्ध भक्ति कथा है, जिसमें नरसी मेहता के पास अपनी बेटी की शादी में दिए जाने वाले पारंपरिक ‘मायरा’ (भात) के लिए पैसे नहीं थे, तो भगवान कृष्ण स्वयं एक खाती (बढ़ई) बनकर आए और सोना-चांदी बरसाकर नरसी का मायरा भरा, जो सच्ची श्रद्धा और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाती है। इसी प्रसंग को जया किशोरी सुनाएंगी।
पार्किंग से पंडाल तक ई-रिक्शा की व्यवस्था
बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कथा आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा स्थल पर 4 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, गेट नंबर-4 अति विशिष्ट व्यक्तियों के लिए आरक्षित रहेगा। तथा इस पूरे आयोजन में किसी प्रकार का पास सिस्टम नहीं होंगा, सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। साथ ही कथा स्थल तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु भक्तजनों के लिए ई रिक्शा की भी व्यवस्था की गई है
पूरे आयोजन का होगा लाइव टेलीकास्ट
आयोजन समिति के सदस्यों ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जया किशोरी जी के तीन दिवसीय कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट होगा, जो कि देश के प्रतिष्ठित चैनलों पर देखा जा सकता है


