राज्यपाल से करेंगे सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग- इच्छा मृत्यु की राह पर चल रहा एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन-संघ ने चलाया इच्छा मृत्यु को लेकर हस्ताक्षर अभियान, हड़ताली कर्मचारियों ने कहा-संघ के 25 नेताओं को कर दिया है शासन ने सेवा से पृथक एवं अन्य को दे दी है चेतावनी


राज्यपाल से करेंगे सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग- इच्छा मृत्यु की राह पर चल रहा एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन-संघ ने चलाया इच्छा मृत्यु को लेकर हस्ताक्षर अभियान, हड़ताली कर्मचारियों ने कहा-संघ के 25 नेताओं को कर दिया है शासन ने सेवा से पृथक एवं अन्य को दे दी है चेतावनी
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ति-18 अगस्त से चल रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सरकार की बेरुखी और दमनकारी रवैये के कारण अब भयावह मोड़ पर पहुँच गई है। महीनों से लगातार आंदोलनरत कर्मचारियों की आवाज सुनने की बजाय शासन ने 25 से अधिक नेताओं को सेवा से पृथक कर दिया और शेष को चेतावनी पत्र थमा दिया है।सरकार बार-बार कहती है कि उसने पांच मांगें मान ली हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आज तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया। कर्मचारियों की प्रमुख मांग—27% लंबित वेतन वृद्धि—अब भी अधर में लटकी हुई है,कर्मचारियों का कहना है कि सरकार सिर्फ कमेटियाँ बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल रही है और समय बिताने की साजिश कर रही है।लगातार दमन, उपेक्षा और विश्वासघात से टूटे हुए कर्मचारी अब इच्छा मृत्यु की राह पर हैं। प्रदेशभर में कर्मचारियों ने महामहिम राज्यपाल को सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान 33 जिलों में धरना स्थलों पर चल रहा है, जहाँ हजारों कर्मचारी अपनी पीड़ा लिखकर हस्ताक्षर कर रहे हैं।प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने कहा—सरकार अगर हमारी माँगों को आदेशित नहीं करती, तो अब हमारे पास जीने का कोई कारण नहीं बचा है। यह संघर्ष अब अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है।”इस दौरान डॉ. यशपाल चौधरी, डॉ. मोहम्मद अतीक, डॉ. संजीव अहिरवार, डॉ. विजय लहरे, विनोद राठौर, चिरंजीव चंद्रा, दीपक तिवारी सहित ब्लॉक अध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी और ब्लॉक के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।


