शक्ति जिले में किसानों को मिला अतिरिक्त समय-धान विक्रय हेतु नवीन पंजीयन व रकबा संशोधन के लिए 19 से 25 नवंबर तक अतिरिक्त अवसर, कलेक्टर टोपनो के मार्गदर्शन में धान खरीदी का कार्य चल रहा सुचारू रूप से



शक्ति जिले में किसानों को मिला अतिरिक्त समय-धान विक्रय हेतु नवीन पंजीयन व रकबा संशोधन के लिए 19 से 25 नवंबर तक अतिरिक्त अवसर, कलेक्टर टोपनो के मार्गदर्शन में धान खरीदी का कार्य चल रहा सुचारू रूप से
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन ने धान बिक्री के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब किसान 19 से 25 नवंबर 2025 तक अपने तहसील कार्यालय में जाकर एकीकृत किसान पोर्टल पर नवीन पंजीयन और पंजीकृत फसल रकबा संशोधन करवा सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से शेष कृषकों, डूबान क्षेत्र के किसानों और वन पट्टाधारी कृषकों के लिए उपयोगी साबित होगी। पहले यह प्रक्रिया 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2025 तक निर्धारित थी, लेकिन किसानों की मांग और सुविधा को देखते हुए शासन ने एक सप्ताह का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो ने जिले के सभी तहसीलदारों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन के निर्देशानुसार पंजीयन और रकबा संशोधन की प्रक्रिया सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाए। जिला खाद्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार किसान नवीन पंजीकरण और रकबा संशोधन के संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर एग्रीस्टेक हेल्पडेस्क 1800-233-1030 अथवा खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदीः जिले में अब तक 112.8 क्विंटल धान की हुई खरीदी
सक्ती-प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान शुरू हो गया है । जिसके तहत समर्थन मूल्य पर जिले में अब तक 112.8 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया है। जिले में पंजीकृत किसानों से धान खरीदी के लिए 125 उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक धान खरीदी केन्द्र देवरघटा (डभरा) में 48.8 क्विंटल फगुरम में 40 क्विंटल चिस्दा में 9.2 क्विंटल दर्री में 8 क्विंटल देवरघटा (जैजैपुर) में 4 क्विंटल एवं हसौद में 2.8 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।



