नाराज है कर्मचारी-शासन की नीतियों के चलते कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन फिर आंदोलन की राह पर.अपनी पुरानी मांगों को लेकर दिया ज्ञापन. डॉ रविंद्र द्विवेदी ने दी जानकारी। 11 सूत्रीये मांगे पूरी नहीं हुई तो फिर सड़कों पर फेडरेशन

नाराज है कर्मचारी-शासन की नीतियों के चलते कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन फिर आंदोलन की राह पर.अपनी पुरानी मांगों को लेकर दिया ज्ञापन. डॉ रविंद्र द्विवेदी ने दी जानकारी। 11 सूत्रीये मांगे पूरी नहीं हुई तो फिर सड़कों पर फेडरेशन kshititech
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने दिया ज्ञापन

शासन की नीतियों के चलते कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन फिर आंदोलन की राह पर.अपनी पुरानी मांगों को लेकर दिया ज्ञापन. डॉ रविंद्र द्विवेदी ने दी जानकारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध संगठनों के आह्वान पर आज चतुर्थ चरण आंदोलन के तहत जिले में कर्मचारी-अधिकारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिला स्तर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने भोजनावकाश के समय अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के शासकीय सेवकों को देय महंगाई भत्ता, लंबित एरियर्स तथा अन्य महत्वपूर्ण मांगों के निराकरण हेतु लंबे समय से शासन-प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है, किंतु अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।इसी क्रम में आज कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक विश्वनाथ सिंह परिहार, जिला महासचिव अर्जुनसिंह क्षत्रीय, जिला सह संयोजक व्ही.के. पैगवार, प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र राठौर, धर्मेन्द्र यादव,डॉ. रविन्द्र द्विवेदी, भुवनेश्वर देवांगन, विकास सिंह, फिरत किरण, राधेश्याम कंवर निधिलता जायसवाल,यू एस राठिया, नरेंद्र सिंह,एच एस सोनी, सुभाष थवाईत,राजेन्द्र जायसवाल, राजीव नयन शुक्ला,शत्रुहन राठौर, प्रवीण राठौर, जगन्नाथ श्रीवास,मदन लाल,लक्ष्मीनारायण तिवारी, जय तिवारी सहित कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन माननीय जन्मेजय महोबे जिला कलेक्टर जांजगीर-चांपा को सौंपा।

ज्ञापन में फेडरेशन ने प्रमुख रूप से जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित करने, 8-16-24-32 वर्ष में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान लागू करने, अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करने, विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने तथा शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए सभी सेवा लाभ प्रदान करने की मांग प्रमुखता से उठाई।इसके अलावा सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने, अनुकंपा नियुक्ति पर 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त कर स्थायी आदेश जारी करने, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति देने तथा विभागों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग भी की गई।फेडरेशन ने कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, आउटसोर्स एवं सेवानिवृत्ति उपरांत संविदा नियुक्ति पर रोक लगाने तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने की मांग भी शासन के समक्ष रखी है।फेडरेशन के जिला संयोजक विश्वनाथ सिंह परिहार एवं जिला महासचिव अर्जुनसिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन प्रदेश के 132 मान्यता एवं गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधि संगठन है और कर्मचारियों की जायज मांगों के निराकरण के लिए लगातार आंदोलन कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन कर्मचारियों की समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा

प्रातिक्रिया दे

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading