धर्म, संस्कार,समाज सेवा,राष्ट्र सेवा की भावना से 11 एकड़ भूमि पर 27 दिव्य प्रकल्प का होगा निर्माण अग्रोदय श्री अग्रसेन धाम-राजकुमार मित्तल. श्री मित्तल की पहल से इस निर्माण में जुड़ रहे हैं विश्व के अग्रवाल समाज के लोग




धर्म, संस्कार,समाज सेवा,राष्ट्र सेवा की भावना से 11एकड़ भूमि पर 27 दिव्य प्रकल्प का होगा निर्माण अग्रोदय श्री अग्रसेन धाम-राज कुमार मित्तल
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल कोलकाता में प्रस्तावित अग्रोदय श्री अग्रसेन धाम निर्माण की संपूर्ण योजना प्रस्तुत करते हुए एक भेटवार्ता में बताया कि देश निर्माण कार्य को लेकर जहां पूरे विश्व के अग्रवाल बंधुओ में भारी उत्साह देखा जा रहा है। तो वहीं लगातार इस निर्माण से जुड़ने के लिए फाउंडर मेंबर के रूप में विश्व के विभिन्न देशों से एवं भारत के विभिन्न राज्यों से अग्रवाल समाज के लोग लगातार जुड़ रहे हैं।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)..ट्रस्ट प्रस्तावक संस्था: अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन ट्रस्ट (रजि.)*
अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष: डॉ. राज कुमार मित्तल, कोलकाता
- प्रस्तावना एवं संकल्पना
अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन ट्रस्ट द्वारा कुलदेवता महाराजा श्री अग्रसेन जी की प्रेरणा से धर्म, संस्कार, समाज सेवा, राष्ट्र सेवा की भावना से एक भव्य, दिव्य और सर्वसमावेशी तीर्थ-सह-सेवा केन्द्र की परिकल्पना की गई है।
अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन ट्रस्ट द्वारा प्रस्तावित: अग्रोदय श्री अग्रसेन धाम
प्रस्तावित स्थल: आसनसोल – पुरुलिया – शिल्पांचल क्षेत्र (पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ एवं बिहार की सीमा पर)
भूमि: 11 एकड़ प्रस्तावित
प्रकल्प: 27 दिव्य प्रकल्प
- स्थल चयन का औचित्य – लोकेशन एडवांटेज..
यह स्थल भारत के 5 राज्यों के संगम पर स्थित है और अनुमानित 10 करोड़ अग्रबंधुओं की पहुँच का केंद्र बिंदु है।
निकटवर्ती अग्रवाल जनसंख्या:
- 100 किलोमीटर परिधि में 1 लाख से अधिक अग्रवाल परिवार
- अनुमानित 5 लाख अग्रवाल जनसंख्या का सीधा लाभ
- कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल, पुरुलिया, बांकुड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, रांची, जमशेदपुर, दुमका, देवघर, भुवनेश्वर से सुगम पहुँच
कनेक्टिविटी:
- रेल: नई दिल्ली भुवनेश्वर राजधानी द्वारा सुगम संपर्क, जमशेदपुर 80 किलो मीटर/ आसनसोल धनबाद 80 किमी की दूरी पर (हावड़ा-दिल्ली मुख्य लाइन), छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं दक्षिण भारत के अग्र बंधुओं के लिए बाबा वैद्यनाथ धाम जाने के मार्ग में
- सड़क: वाराणसी कोलकाता 6 लेन एक्सप्रेसवे (NH 319) जो दिल्ली कोलकाता कॉरिडोर का हिस्सा है का शिलान्यास 23 फरबरी 2024 को यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया गया था। मार्च 2028 तक पूरा होने की संभावना है। यह मार्ग चंदौली,रोहतास, औरंगाबाद गया चतरा हजारीबाग रामगढ़ रांची बोकारो होते हुए पुरुलिया बांकुड़ा होते हुए कोलकाता को जोड़ेगा इसके बाद वाराणसी से कोलकाता का सफर 12/14 घंटे से घटकर 6घंटे रह जाएगा। NH-19 (6 लेन) आगरा, फिरोजाबाद इटावा कानपुर प्रयागराज वाराणसी मोहनिया सासाराम औरंगाबाद बरही धनबाद आसनसोल दुर्गापुर होते हुए कोलकाता..एवं , NH-18 गोविन्दपुर (धनबाद) से आसनसोल होते हुए बालेश्वर (उड़ीसा) राजमार्ग पर प्रस्तावित अग्रोदय श्री अग्रसेन धाम,पुरुलिया से सुगम संपर्क
- हवाई: प्रस्तावित छर्रा एयरपोर्ट (पुरुलिया) 5 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार एवं बंगाल राज्य सरकार के बीच MOU साइन हुआ है 15 किमी की दूरी पर वित्तीय वर्ष 2027/2028 तक चालू की संभावना, दुर्गापुर (अंडाल) काजी नजरुल इस्लाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट – 80 किमी, यहां से दिल्ली, मुंबई,चेन्नई, हैदराबाद, बंगलौर, भुवनेश्वर, बागडोगरा गौहाटी अहमदाबाद की सुविधा के साथ कनेक्टिंग फ्लाइट सीधी हवाई सेवा उपलब्ध है।रांची – 120 किमी, कोलकाता – 225 किमी, देवघर एयरपोर्ट 200 किलोमिटर की अतिरिक्त सुविधा के साथ
- 27 दिव्य प्रकल्पों की सूची
प्रथम चरण (धर्म एवं संस्कार) – 11 प्रकल्प:
- श्री अग्रसेन महाराज मुख्य मंदिर (51 फीट ऊँचा)
- श्री लक्ष्मी – नारायण मंदिर एवं कुलदेवी मंदिर
- 2700 Sft सत्संग हॉल एवं यज्ञशाला
- ऑडिटोरियम – 500 सीट कैपेसिटी, ( अग्रवंश इतिहास प्रदर्शनी)
- एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस एवं अति आधुनिक सभागार
- गौशाला 3600 Sft (100 गौवंश क्षमता)
(सेवा एवं समर्पण):
- 45 कमरों की अत्याधुनिक भवन (लिफ्ट सहित)
- 1000 सदस्यों का अति आधुनिक वातानुकूलित(बैंक्वेट हॉल)
- रसोई कक्ष –
- नेत्र चिकित्सालय, डायलिसिस यूनिट, नेचरोपैथी एवं अन्य जांच केंद्र
- मातृ-पितृ वंदना सदन
- वरिष्ठ नागरिक आवास 18 रूम्स
- भव्य विवाह मंडप –
- योग, ध्यान एवं आयुर्वेद केंद्र
- कौशल विकास एवं महिला स्वावलंबन केंद्र
- अग्रवाल युवा उद्यमी इन्क्यूबेशन सेंटर
17-27. पार्क, जलाशय, सोलर पावर प्लांट, पार्किंग, प्रशासनिक भवन, स्टाफ क्वार्टर, सिक्योरिटी, गार्डन, परिक्रमा पथ, प्रवेश द्वार आदि। - वित्तीय अनुमान – कुल लागत 51 करोड़
A. प्रथम चरण: 30 करोड़ (भूमि विकास + 11 मुख्य प्रकल्प)
- भूमि 11एकड़ समतलीकरण, बाउंड्री, रोड:
- मुख्य मंदिर निर्माण: 5400 Sft ..
- अतिथि रूम्स (27 कमरे प्रथम चरण):
- सत्संग हॉल 2700 sft एवं अन्य भवन:
- विद्युत, जल, सोलर, लैंडस्केपिंग:
B. द्वितीय चरण: 21 करोड़ (शेष 16 प्रकल्प)
- अतिथि रूम्स (18 कमरे):
- आरोग्य केंद्र
- वैदिक पाठशाला एवं लर्निंग सेंटर, कौशल विकाश एवं महिला स्वरोजगार एवं उद्यमिता केंद्र
- भवन, मंडप, अन्य सुविधाएं:
वित्तपोषण मॉडल:
समाज के ज्यादा से ज्यादा अग्र बंधुओं को – संस्थापक सदस्य (फाउंडर मेंबर) अभियान से जोड़ने का संकल्प-
- संरक्षक सदस्य, पैट्रन ट्रस्टी, परिवार ट्रस्टी, स्वर्ण पैट्रन ट्रस्टी, कक्ष ट्रस्टी, भामाशाह, महाराजा अग्रसेन, अग्र रत्न एवं मुख्य संरक्षक दानदाता सभी दानदाताओं को 80G में आयकर की छूट की सुविधा के साथ
- ट्रस्ट का बैंक खाता:
BANK OF INDIA, MISSION ROW BRANCH, KOLKATA
A/C No: 4014 2011 0002 775
IFSC: BKID0004014 (Current Account)
Trust: ANTARRASHTRIYA AGRAWAL SAMMELAN TRUST
- प्रबंधन एवं पारदर्शिता
- ट्रस्ट अधिनियम 1882 के तहत पंजीकृत
- वार्षिक ऑडिट, नीति आयोग द्वारा ट्रस्ट को विधिवत मान्यता, CSR एवं 80G, 12A, के तहत कर की छूट,
- सभी दान की रसीद, वेबसाइट पर लाइव निर्माण अपडेट
- भव्य अग्रोदय श्री अग्रसेन धाम निर्माण हेतु सलाहकार समिति एवं अन्य समितियों का गठन
- सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव
- प्रत्यक्ष रोजगार: 200+ स्थानीय परिवार
- अप्रत्यक्ष रोजगार: 1000+
- आसपास के 50 गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन का विकास
- अग्र समाज के लिए पूर्वी भारत का सबसे बड़ा मिलन केंद्र बनेगा
- समय-सीमा,अनुमानित
- भूमि पूजन एवं बाउंड्री: 9 माह
- प्रथम चरण पूर्ण: 18 माह
- द्वितीय चरण पूर्ण: 36 माह (कुल 3 वर्ष में पूर्ण धाम)
सम्मानजनक, शास्त्र – सम्मत,आजीवन स्मृति हेतु 3 विशेष योजना :
1) वंश गौरव सभागार (Hall of Pride): *12 inch x 18 inch का तैलचित्र सोने के फ्रेम में – माननीय दानदाता – सम्मानित पूर्वज
2) दानदाता स्मृति स्तंभ (Donor Memory Pillar): 10 फीट ऊँचा सफेद संगमरमर का स्तंभ – दानदाता पूर्वजों के नाम, फोटो एवं चिह्न स्थापित – धाम के प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक परिक्रमा पथ पर स्थापित –
3) वंश वृक्ष और वाटिका (Family Vatika): गौशाला पार्क / योग केन्द्र के समीप – एक वृक्ष + बैठने की बेंच + छोटा शिलालेख – “स्व. श्री जी की पुण्य स्मृति में इस वट वृक्ष का रोपण”।
निवेदन:
यह धाम केवल मंदिर नहीं, हमारे 10 करोड़ अग्रबंधुओं के धर्म, संस्कार, सेवा और समर्पण का जीवंत प्रतीक होगा। आइए, इस ऐतिहासिक पुण्य कार्य में संस्थापक सदस्य बन कर अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराएं। ट्रस्ट से संबंधित जानकारी हेतु 9831144110 एवं Email id : aastrust2@gmail.com पर संपर्क करने का अनुरोध है।
राज कुमार मित्तल
अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष
अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन ट्रस्ट, कोलकाता मुख्यालय/दिल्ली कार्यालय.
जय श्री अग्रसेन – जय अग्रोदय धाम





