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एमबीबीएस के बाद FMGE की परीक्षा में भी सफलता हासिल की धनंजय साहू ने,धनंजय की बहन यशस्वी साहू भी है चिकित्सक,पूर्व विधायक डॉ खिलावन साहू के है होनहार डॉक्टर बच्चे

एमबीबीएस के बाद FMGE की परीक्षा में भी सफलता हासिल की धनंजय साहू ने,धनंजय की बहन यशस्वी साहू भी है चिकित्सक,पूर्व विधायक डॉ खिलावन साहू के है होनहार डॉक्टर बच्चे kshititech
डॉ धनंजय साहू

एमबीबीएस के बाद FMGE की परीक्षा में भी सफलता हासिल की धनंजय साहू ने

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग छत्तीसगढ़ प्रदेश महामंत्री,सक्ती विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं साहू संघ सक्ती जिलाध्यक्ष डॉ. खिलावन साहू एवम श्रीमती रत्ना देवी साहू के सुपुत्र डॉ धनंजय साहू (प्रिंस) ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक से MBBS उत्तीर्ण करने पश्चात् दिल्ली में रहकर भारत सरकार की NMC की FMGE (July Batch-2025 ) परीक्षा उत्तीर्ण की है,धनंजय ने अपनी मेहनत व प्रतिभा के दम पर ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अपने गांव नगरदा एवम साहू समाज का भी पूरे ज़िले में नाम रोशन किया है,ज्ञात हो कि इस परीक्षा में विदेशों से एम बी बी एस उत्तीर्ण छात्रों को अपने देश भारत में इस कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ता है,इस वर्ष जुलाई 2025 में कुल 37207 परीक्षार्थियों में जिसमें 7452 पास ,29327 अनुत्तीर्ण 1168 अनुपस्थित, 5 का परीक्षा परिणाम रोका गया। इस साल परीक्षा परिणाम कुल 20.02% रहा। 26/01/2024 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में भारतीय राजदूत द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदी दिवस में डॉ. धनंजय को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ था,विदित हो कि डॉ धनंजय साहू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गृह ग्राम नगरदा , चौथी, पांचवीं बिलासपुर, छठवीं जांजगीर,सातवीं सक्ती,आठवीं, नवमी ,दसवीं बिलासपुर,हायर सेकेंडरी रामपति स्कूल चंद्रपुर से शिक्षा प्रात की। शुरू से मेघावी छात्र रहे धनंजय साहू ने नीट परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद एम बी बी एस की पढ़ाई किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक के एशियन मेडिकल इंस्टीट्यूट से उत्तीर्ण की।डॉ खिलावन साहू की बड़ी सुपुत्री डॉ यशस्वी साहू बालाजी हॉस्पिटल रायपुर में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं। छोटी सुपुत्री हेमशिखा साहू भी बी. एस सी एवं फार्मेसी करने के पश्चात् सी जी पी एस सी की तैयारी कर रही हैं।डॉ. धनंजय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता,पिता, मामा एवं विशेष आभार अपने गुरु एरईस मेडिकल अकेडमी के संस्थापक डॉ.खलिल अहमद, मनोविज्ञान के शिक्षक डॉ. नदीम जफ्फर, ent के शिक्षक डॉ.
राजीव धवन, मेडिसिन के शिक्षक डॉ. प्रियांश जैन जी को किया है।

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