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शक्ति जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली कलेक्टर साहब ने, युक्ति युक्त करण में अपने स्थान पर नहीं जाने वाले शिक्षकों का रोका जाएगा वेतन, शक्ति जिले में आकस्मिक मृत्यु पर सहायता राशि हुई स्वीकृत, जिले में घरेलू हिंसा अधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु सूचना जारी, प्रशासन दे रहा जिले में फलों की खेती को प्रोत्साहन

शक्ति जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली कलेक्टर साहब ने, युक्ति युक्त करण में अपने स्थान पर नहीं जाने वाले शिक्षकों का रोका जाएगा वेतन, शक्ति जिले में आकस्मिक मृत्यु पर सहायता राशि हुई स्वीकृत, जिले में घरेलू हिंसा अधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु सूचना जारी, प्रशासन दे रहा जिले में फलों की खेती को प्रोत्साहन kshititech
10 जुलाई को शक्ति जिले में संपन्न स्वस्थ एवं शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक
शक्ति जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली कलेक्टर साहब ने, युक्ति युक्त करण में अपने स्थान पर नहीं जाने वाले शिक्षकों का रोका जाएगा वेतन, शक्ति जिले में आकस्मिक मृत्यु पर सहायता राशि हुई स्वीकृत, जिले में घरेलू हिंसा अधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु सूचना जारी, प्रशासन दे रहा जिले में फलों की खेती को प्रोत्साहन kshititech
शक्ति जिले के कलेक्टर साहब बैठक को संबोधित करते हुए

शक्ति जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली कलेक्टर साहब ने, युक्ति युक्त करण में अपने स्थान पर नहीं जाने वाले शिक्षकों का रोका जाएगा वेतन, शक्ति जिले में आकस्मिक मृत्यु पर सहायता राशि हुई स्वीकृत, जिले में घरेलू हिंसा अधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु सूचना जारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन

 सक्ती-10 जुलाई को कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग जिला सक्ती की समीक्षा बैठक आयोजन किया गया। जिसमें सी.ई.ओ. जिला पंचायत, ओ. आई.सी स्वास्थ्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डी.पी.एम. समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी, ची.पीएम्. एवं बीईटीओ उपस्थित थे, जिसमें मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, अनिमिया मुक्त भारत, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, एन.सी.डी., सिकल सेल, आयुष्मान भारत तथा पीसीपीएनडीटी के सुचकांको की समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर महोदय द्वारा संस्थागत प्रसव बढाने तथा टीकाकरण शतःप्रतिशत किये जाने हेतु निर्देश दिये गये है। गर्भवती महिलाओं, 6-69 माह के बच्चों को सिरप, 5-9 वर्ष के बच्चो तथा 10-19 वर्ष के बच्चों को आई.एफ.ए. टेबलेट वितरण किये जाने तथा टी.बी. की जांच एवं सिकल सेल जांच को बढाने के निर्देश देते हुए जिले के स्वास्थ्य अमले को सुदृण करने के निर्देश दिये गये

आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

सक्ती-राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील नया बाराद्वार अंतर्गत ग्राम बस्ती बाराद्वार निवासी मृतक स्व. श्री ऋषी कुर्रे को सर्प काटने के कारण मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस मृतक की पत्नी श्रीमती शिव बाई पति स्व.श्री ऋषी कुर्रे को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है।

महिला सशक्तिकरण केंद्र एवं घरेलू हिंसा संरक्षण अधिकारी पद के लिए अंतिम पात्र सूची जारी, साक्षात्कार 14 और 15 जुलाई को

सक्ती-महिला एवं बाल विकास विभाग जिला सक्ती द्वारा मिशन शक्ति अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केन्द्र (डीएचईडब्लू) के 08 पद एवं घरेलु हिंसा संरक्षण अधिकारी नवा बिहान के 01 पद के लिए दावा आपत्ति निराकरण उपरांत अंतिम पात्र सूची जिला प्रशासन के वेब साईट https://sakti.cg.gov.in/ पर जारी की गई है | इन पदों पर चयन हेतु दस्तावेज सत्यापन, लिखित/कौशल परीक्षा/साक्षात्कार दिनांक 14,15 जुलाई 2025 को जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग के कार्यालय लवसरा रोड जेठा जिला सक्ती में सुबह 9 बजे से आयोजित है | पात्र अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन हेतु सभी मूल प्रमाणपत्र, अनुभव के समर्थन में प्राप्त वेतन के प्रमाण स्वरूप बैंक स्टेटमेंट, पे स्लिप वाउचर , पास बुक की छायाप्रति मूल प्रति के साथ प्रस्तुत करना होगा

फलों के राजा ‘‘आम‘‘ की खेती से सम्पन्न होंगे किसान,किसानों की बढ़ेगी आमदनी

सक्ती-फलों के राजा आम की खेती से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। जिले को 55 हेक्टेयर भूमि में आम रोपण हेतु लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए जिला उद्यानिकी विभाग के शासकीय उद्यान रोपणी डोड़की (सक्ती), कचंदा (जैजैपुर), भूतहा (मालखरौदा) व चुरतेली (डभरा) में राज्य पोषित योजना के तहत् 15 हज़ार पौधा तैयार किया गया है, पौधा को तैयार करने में 15 से 20 रूपये खर्च आता है। योजना के तहत् कलमी आम जैसे-दशहरी, चौसा, लंगड़ा, आम्रपाली एवं अन्य प्रजाति के पौधों को किसानों को निःशुल्क प्रदान किया जायेगा। देशी किस्म की तुलना में आम के इन किस्मों को रोपण के तीन से पांच साल के भीतर फल आना प्रारंभ हो जाता है, इन किस्मों को लगाने से किसानों की आर्थिक स्थिति समृद्धि होगी। वर्तमान समय में प्राकृतिक रूप से विकसित अमरइयां गांव में धीरे-धीरे कम होने लगे हैं, कारण यह है कि यहाँ पूराने पौधे नष्ट हो चुके हैं, इन नष्ट पौधों की जगह फिर से नये पौधे लगाने की कवायद नहीं किया जाता है। जिले के तमाम अमराइयों में ज्यादातर छोटे-छोटे फल वाले बड़े झाड़ के बीजू आम पौधे पाए जाते हैं इस कारण से भी किसानों का ध्यान इसकी संरक्षण की ओर नहीं जाता। किसानों को आम की व्यवसायिक खेती से जोड़ने और अमराइयां विकसित करने के लिए राज्य पोषित योजना से शासन ने राशि स्वीकृत की है। प्रारंभिक तौर पर जिले के शासकीय रोपणी डोड़की (सक्ती), कचंदा (जैजैपुर), भूतहा (मालखरौदा) व चुरतेली (डभरा) से किसानों को आम पौध प्रदाय किया जायेगा। पौधा पाने के लिए उन्हें समूह बनाकर या व्यक्तिगत आवेदन करना होगा। न्यूनतम 1 हेक्टेयर एवं अधिकतम 2 हेक्टेयर में रोपाई के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक हेक्टेयर भूमि के एवज में 100 पौधे प्रदान किए जाएंगे। किसानों को इसके लिए अपनी जमीन का दस्तावेज देना होगा। जुलाई माह में इन पौधों के किसानों को प्रदाय किया जायेगा। खास बात यह है कि पौधों में तीन साल के बाद फल आना शुरू हो जाएगा, पांच साल के भीतर पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद प्रत्येक पेड़ में अधिकतम 200 किलोग्राम फल तैयार होगा व पौध की उम्र बढ़ने के साथ-साथ फल की पैदावार में वृद्धि होगी। स्थानीय बाजार में इन फलों की खास मांग है। फसल तैयार होने पर किसानों में आर्थिक समृद्धि आएगी। यहाँ बताना होगा कि आम की खेती के साथ किसान अंतर्वर्तीय खेती भी कर सकेंगे। आम के दो पेड़ के बीच में खाली जगह में अदरक व हल्दी के अलावा सब्जियों की खेती कर सकेंगे। अंतर्वर्तीय खेती के लिए विभाग की तरफ से प्रति हेक्टेयर खाद बीज के लिए 30 हज़ार रूपयें अनुदान राशि दी जाएगी। खास बात यह है कि धान के लिए हर साल बुवाई से लेकर कटाई के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं आम को एक बार रोपण करनें के बाद वर्षों के लिए आमदनी की राह खुल जाती है। अमराई विस्तार से न केवल पर्यावरण संरक्षित रहेगा बल्कि मिट्टी का कटाव भी रूकेगा।प्रति वर्ष दो लाख क्विंटल आम की खपत ग्रीष्म ऋतु में आम की खासी मांग होती है। इसके थोक कारोबार से जुड़े विक्रेताओं का कहना है कि जिले में प्रतिवर्ष दो लाख क्विंटल आम की खपत होती है। इनमें आचार डालने वाले 0.5 लाख क्विंटल छोटे बीजू आम है। शेष 1.5 लाख क्विंटल चौसा, लंगड़ा, आग्रपाली आदि की होती है। ये आम उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आते है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन नहीं करने की वजह से किसानों को इसका लाभ नहीं मिलता है। आम के इन पौधों को तैयार करने के लिए ग्राफ्टिंग (कलम) करने की विधि उद्यान विभाग में अपनाई जाती है। पौध तैयार करने के लिए देशी पौध के गुठली से पौध तैयार किया जाता है तथा साल भर के बाद पौधे के तने को कलम कर उसमें उन्नत प्रजाति जैसे-लंगड़ा, दशहरी, बॉम्बेग्रीन की शाखा को जोड़ा जाता है। ये उन्नतशील किस्म नर्सरियों में मातृवृक्ष के रूप में तैयार किये जाते है। तैयार उन्नतशील पौध को ही कलमी पौध कहा जाता है।

‘‘राज्य पोषित योजना के तहत् किसानों को आम की खेती से जोड़ी जायेगी। हमारे जिले में 55 हेक्टेयर भूमि में आम पौध रोपित करने हेतु 15 हज़ार कलमी पौधे तैयार किए गए हैं। आम के इन कलमी पौधों में तीन से पांच वर्ष में फलन शुरू हो जाता है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।‘‘पौध संरक्षण के लिए अन्य सब्सिडी की सुविधा हैं। आम के पौध की देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं किसान की होगी। तीन वर्ष तक पौध का संरक्षण विभाग करेगा। पौध नष्ट होने पर पौधों की भरपाई की जाएगी। समूह में खेती करने पर फेंसिंग एवं बोरवेल की सुविधा दी जायेगी। फेंसिंग हेतु 1 हेक्टेयर पर जाली तार एवं सीमेंट पोल हेतु 54,485 रूपये का अनुदान तथा बोरवेल हेतु सामान्य वर्ग को 25,000, अन्य पिछड़ा वर्ग को 35,000 व अनुसुचित जाति/अनुसुचित जनजाति को 43,000 रूपये अनुदान का प्रावधान हैं।योजना का लाभ लेने के लिए कृषक को स्वयं अथवा विभागीय अधिकारी / कर्मचारियों के सहयोग से हार्टिकल्चर बेनेफिसरी ट्रैकिंग सिस्टम पोर्टल https;//cghorticulture.gov.in पर जाकर लॉगिन करके ऑनलाईन आवेदन करना होगा तथा योजना ‘पहले आओ पहले पाओ‘ के आधार पर हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जायेगी

शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक का किया गया आयोजन

सक्ती-आज कार्यालय कलेक्ट्रेेट सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ श्री वासू जैन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विश्वास कुमार एवं समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक व सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बैठक में शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से एजेण्डावार चर्चा की गई जिसमे युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों द्वारा अपने कार्यभार ग्रहण कर लिया गया एवं ऐसे शिक्षक जिन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है उनके वेतन रोकने की कार्यवाही शासन के निर्देशानुसार की जा रही है। युक्तियुक्तकरण से जिले में कोई भी प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन नहीं है। सभी स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था कर दी गई है। जिले में लंबित पेंशन प्रकरण में कार्यवाही की गई व छात्रवृत्ति 2024-25 का जिले में पूर्ण रूप से भुगतान हो गया है एवं सत्र 2025-26 की भुगतान की कार्यवाही पोर्टल खुलने पर तथा सी.जी. पोर्टल में अवकाश के आवेदनों पर कार्यवाही समय-सीमा में करने की चर्चा की गई। शालाओं में चल रहे मरम्मत कार्यों में प्रगति लाने पर चर्चा की गई। जिले में सत्र 2025-26 में जाति प्रमाण पत्र का लक्ष्य 4836 रखा गया है। इसके लिये संबंधित छात्र-छात्राओं को फार्म वितरीत करने चर्चा किया गया साथ ही जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामो पर चर्चा की गई जिसमे हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी के परीक्षा परिणामो में गतवर्ष की अपेक्षा 2.4 प्रतिशत वृध्दि हुई है। निः शुल्क पाठ्य पुस्तक स्कैनिंग कार्य, निः शुल्क गणवेश वितरण व सायकल वितरण की प्रगति पर एवं अपार आई.डी. में छात्रो के पंजीयन में आने वाले समस्याओं पर चर्चा की गई। आर.टी.ई के तहत प्रथम चरण में जिले में 70 प्रतिशत सीट में प्रवेश लिया गया व द्वितीय चरण के लिए आवेदन 01 जुलाई से 12 जुलाई 2025 आमंत्रित किये जा रहे है। कलेक्टर ने जर्जर भवनों में शाला संचालन ना किये जाने एवं शालाओं में चल रहे निर्माण कार्यों के प्रगति में वृध्दि लाने के निर्देश दिये गये। पेंशन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने व बोर्ड परीक्षाओं में जिले में परीक्षा परिणामो में वृध्दि हेतु सत्र के शुरूआत से ही योजना बना कर कार्य करने, शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिये गये।

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