कड़ी सुरक्षा, भारी गहमा-गहमी के बीच आखिरकार 28 दिसंबर को संपन्न हो ही गए प्रेस क्लब के चुनाव, 3 महीने पहले संपन्न चुनाव को निरस्त कर फिर से कराए गए चुनाव




कड़ी सुरक्षा, भारी गहमा-गहमी के बीच आखिरकार 28 दिसंबर को संपन्न हो ही गए प्रेस क्लब के चुनाव
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- 28 दिसंबर को तनावपूर्ण माहौल के बीच बिलासपुर प्रेस क्लब का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सुबह 9 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 4 बजे तक चला। कुल 441 मतदाताओं में से 386 पत्रकारों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रहा।
नामांकन से मतदान तक की पूरी प्रक्रिया
बिलासपुर प्रेस क्लब के सभी पदों के लिए 19 दिसंबर को नामांकन दाखिल किए गए थे, जबकि 28 दिसंबर को मतदान और परिणाम की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी की गई। सुबह से ही क्लब परिसर में वरिष्ठ और कनिष्ठ पत्रकारों की सक्रिय मौजूदगी देखने को मिली।मतदान के बाद करीब एक घंटे के अंतराल में चुनाव अधिकारियों ने मतगणना शुरू की।चुनाव में मुख्य मुकाबला विकास पैनल और आशीर्वाद पैनल के बीच रहा। हालांकि तीसरे विकल्प के रूप में मैदान में उतरे विकलप पैनल ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। लेकिन परिणाम ने साफ कर दिया कि यह चुनाव पूरी तरह विकास पैनल के नाम रहा।
मतगणना के नतीजे: एकतरफा जीत
सबसे पहले कार्यकारिणी सदस्य पद की मतगणना हुई, जहां विकास पैनल के कैलाश यादव ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। इसके बाद सह सचिव पद के लिए पहली बार चुनाव लड़ रहे हरकिशन गंगवानी ने आशीर्वाद पैनल के प्रत्याशी को पराजित किया।कोषाध्यक्ष पद पर विकास पैनल के वरिष्ठ पत्रकार किशोर सिंह ने रिकॉर्ड मतों से शानदार जीत हासिल की।सचिव पद पर संदीप करिहार ने आशीर्वाद पैनल के प्रत्याशी रवि शुक्ला को शिकस्त दी। उपाध्यक्ष पद पर भी विकास पैनल ने जीत दर्ज की, जहां आशीर्वाद पैनल के गोपीनाथ टेक्को को पराजय का सामना करना पड़ा।वहीं अध्यक्ष पद पर अजीत मिश्रा ने आशीर्वाद पैनल के दिलीप यादव को हराकर जीत अपने नाम की।
विकास पैनल की पूरी टीम विजयी
इस तरह बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनावी इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब एक ही पैनल ने सभी पदों पर कब्ज़ा जमाया और विपक्ष का पूरी तरह सफाया हो गया।
विजयी पदाधिकारी इस प्रकार रहे
अध्यक्ष अजीत मिश्रा
उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी
सचिव संदीप करिहार
सह सचिव हरकिशन गंगवानी
कोषाध्यक्ष किशोर सिंह
कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव
पूर्व चुनाव विवाद और प्रशासकीय हस्तक्षेप
गौरतलब है कि करीब तीन महीने पहले हुए प्रेस क्लब चुनाव को लेकर आरोप लगे थे कि निवर्तमान पदाधिकारियों ने गलत मतदाता सूची तैयार कर चुनाव कराया, जिसके चलते शासन-प्रशासन ने उस चुनाव को निरस्त कर दिया था। मामले में हाईकोर्ट ने भी सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासक की देखरेख में 28 दिसंबर को निष्पक्ष चुनाव कराए गए, जिनका परिणाम ऐतिहासिक रहा।
युवाओं की जीत, नई दिशा की उम्मीद
इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि युवाओं की टीम ने बिलासपुर प्रेस क्लब की कमान संभाली है। पत्रकारों ने भारी मतों से यह संकेत दिया है कि वे नई सोच, पारदर्शिता और सक्रिय नेतृत्व चाहते हैं।



