छत्तीसगढ़ में जमीनों के उपयोग को लेकर आई बड़ी खबर- राज्य के वित्त मंत्री चौधरी ने दी जानकारी. राज्य में लैंड यूज को लेकर हुए बड़े बदलाव. छत्तीसगढ़ ने भी लागू किया सभी संशोधनो को। चौधरी जी ने प्रदेशवासियों को दी बधाई




छत्तीसगढ़ में जमीनों के उपयोग को लेकर आई बड़ी खबर- राज्य के वित्त मंत्री चौधरी ने दी जानकारी. राज्य में लैंड यूज को लेकर हुए बड़े बदलाव. छत्तीसगढ़ ने भी लागू किया सभी संशोधनो को। चौधरी जी ने प्रदेशवासियों को दी बधाई
शक्ति छत्तीसगढ़ पर कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 8 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से एक जानकारी साझा करते हुए बताया कि लैंड यूज़ के संबंध में भारत सरकार के रिफॉर्म एजेंडा को जैसे विभिन्न प्रगतिशील राज्य तेजी से लागू कर रहे हैं, वैसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया गया है।भारत दुनिया में प्रति व्यक्ति लैंड अवेलेबिलिटी के हिसाब से सबसे कम जमीन उपलब्धता वाले देशों में इसकी गिनती होती है। इसलिए जमीन का बेहतर से बेहतर उपयोग हो सके और देश की आर्थिक गति को, आर्थिक विकास की गति को तेज रफ्तार मिल सके, इस पॉइंट ऑफ़ व्यू से भारत सरकार ने बहुत सारे एक्सरसाइज किए, बहुत सारे डेलिबरेशंस किए, बहुत सारे व्यवस्थाओं को, बहुत सारे देशों का अध्ययन किया।और विशेष करके 1970, 1980 के दशक में जो नियम कानून बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट तरीके सेसोशलिस्ट कम्युनिस्ट कंट्रीज के देख करके बना लिए गए थे, उन व्यवस्थाओं में भारी परिवर्तन करने का एक रिफॉर्म एजेंडा पूरे देश के विभिन्न प्रदेशों के सामने रखा है। और आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे अनेक राज्यों में ये पहले ही लागू हो चुके हैं, उन्हीं को छत्तीसगढ़ ने भी अडॉप्ट किया है।जिसके तहत जैसे अब कोई रेजिडेंशियल जमीन हो, उस पर कमर्शियल एक्टिविटी भी परमिटेड होगी, लेकिन मान लीजिए कोई ऑलरेडी लेआउट पास कॉलोनी हो, वहां अगर कॉलोनी का लेआउट पास कराया गया हो रेजिडेंशियल के आधार पर तो उस पर कमर्शियल एक्टिविटी नहीं की जा सकेगी। लेकिन किसी की जमीन है, फ्रेश जमीन है, रेजिडेंशियल लैंड यूज़ है, मास्टर प्लान में तो उसका कमर्शियल उपयोग किया जा सकेगा, इस तरह का रिफॉर्म एजेंडा को भी पूरे देश भर में लागू किया गया है, छत्तीसगढ़ में भी लागू किया गया है।
इसी तरह से जो कमर्शियल जमीन है, उस पर कोई रेजिडेंशियल बनाना चाहे तो उसका भी परमिशन मिल सकेगा। हमारे देश में नीचे दुकान, ऊपर मकान का कांसेप्ट रहा है, तो उस पर भी लेआउट उस दिशा में पास कराया जा सकता है। लेआउट पास कराने के बाद उसको चेंज करने का या दूसरा उपयोग कोई कर रहा है, मान लीजिए रेजिडेंशियल से हम कोई कमर्शियल एक्टिविटी करने लग गया, ये संभव नहीं होगा, लेकिन इस तरह की चीजें होंगी।
इसी तरह से इंडस्ट्रियल जो एरिया होते हैं, उसमें वर्कर्स के लिए उनके आवास बनाने की जरूरत होती है, इस तरह की चीजें भी परमिटेड होंगी। इस तरह से बहुत सारे लैंड यूज़ पर एक्टिविटी को विस्तारित करने का काम किया गया है ताकि अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। यह बड़ा रिफॉर्म एजेंडा भारत सरकार के द्वारा दिए गए रिफॉर्म एजेंडा को छत्तीसगढ़ ने भी लागू किया है।
इसके अलावा एक कन्फ्यूजन इसमें फैला था कि एग्रीकल्चरल लैंड में जो नेगेटिव लिस्ट है, वो नहीं की जा सकेगी, ये बात केवल मास्टर प्लान एरिया के संबंध में है। मास्टर प्लान के बाहर के लिए एक अफवाह सा फैल गया था। मास्टर प्लान के बाहर के एग्रीकल्चरल लैंड पर कोई नियम लागू नहीं होता है। जितने भी नियम लागू हो रहे हैं, ये मास्टर प्लान एरिया के लिए ही लागू हो रहे हैं।
इसी तरह से एग्रीकल्चरल लैंड यूज़ के लिए पर सोलर हो पाएगा कि नहीं हो पाएगा, इस पर भी काफी लोगों को कन्फ्यूजन था, क्वेरी आ रही थी। तो वह भी उसे भी स्पेसिफाई कर दिया गया कि वह भी हो पाएगा। अब केवल लैंड यूज़ पर नेगेटिव लिस्ट का प्रोविजन भारत सरकार के निर्देश पर लागू किए गए हैं। जो नेगेटिव लिस्ट में शामिल है, उन गतिविधियों को छोड़कर बाकी गतिविधि लोग कर सकेंगे।
इससे देश में इकोनॉमिक गति को एक नई रफ्तार मिलेगी, लोग अपने जमीनों का बेहतर उपयोग कर सकेंगे और अर्थव्यवस्था को एक नई छलांग मिलेगी और भारत सरकार के मार्गदर्शन में विभिन्न राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ ने भी इन एजेंडाज़ को लागू किया है। इसके लिए अभी मोदी जी का रिफॉर्म का एक फेस्टिवल सा चल रहा है, तो उसमें उस कड़ी में इसे लागू किया गया है। इसके लिए मैं पूरे छत्तीसगढ़ वासियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ।






