महामहिम राज्यपाल सह परिवार पहुंचे रायपुर के बांके बिहारी मंदिर में. 157 साल पुराने मंदिर में पूजा अर्चना की डेका साहब ने.मंदिर समिति के प्रमुख डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल भी रहे मौजूद

महामहिम राज्यपाल सह परिवार पहुंचे रायपुर के बांके बिहारी मंदिर में. 157 साल पुराने मंदिर में पूजा अर्चना की डेका साहब ने.मंदिर समिति के प्रमुख डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल भी रहे मौजूद kshititech
महामहिम राज्यपाल बांके बिहारी मंदिर में पूजा अर्चना करते हुए
महामहिम राज्यपाल सह परिवार पहुंचे रायपुर के बांके बिहारी मंदिर में. 157 साल पुराने मंदिर में पूजा अर्चना की डेका साहब ने.मंदिर समिति के प्रमुख डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल भी रहे मौजूद kshititech
महामहिम राज्यपाल बांके बिहारी मंदिर में पूजा अर्चना करते हुए
महामहिम राज्यपाल सह परिवार पहुंचे रायपुर के बांके बिहारी मंदिर में. 157 साल पुराने मंदिर में पूजा अर्चना की डेका साहब ने.मंदिर समिति के प्रमुख डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल भी रहे मौजूद kshititech
महामहिम राज्यपाल बांके बिहारी मंदिर में पूजा अर्चना करते हुए

महामहिम राज्यपाल सह परिवार पहुंचे रायपुर के बांके बिहारी मंदिर में. 157 साल पुराने मंदिर में पूजा अर्चना की डेका साहब ने.मंदिर समिति के प्रमुख डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल भी रहे मौजूद

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नयापारा, सदर बाजार स्थित लगभग 157 वर्ष प्राचीन श्री बांके बिहारी मंदिर में उस समय आध्यात्मिक वातावरण और अधिक गरिमामय हो उठा, जब छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल श्री रमेन ढेका जी सपत्नीक एवं सहपरिवार मंदिर में दर्शन एवं पूजन के लिए पधारे।मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल एवं ट्रस्टी श्री महेंद्र बागडोदिया के अनुरोध पर महामहिम राज्यपाल जी ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री बांके बिहारी जी सहित मंदिर में विराजित समस्त देवी-देवताओं एवं भगवान श्री अग्रसेन जी के दर्शन किए। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पंडित श्री नरेंद्र कौशिक एवं उनकी टीम द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।महामहिम राज्यपाल जी के मंदिर आगमन पर मंदिर ट्रस्ट के सचिव श्री सुरेश चौधरी, कोषाध्यक्ष श्री विनोद अग्रवाल तथा संचालन समिति के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, सचिव श्री संजीव अग्रवाल, कोषाध्यक्ष कमल सिंघानिया, श्री अरुण दुबे, श्रीमती शशि अग्रवाल एवं श्रीमती अनीता अग्रवाल, श्रीमती बरखा गुप्ता ने मुख्य द्वार पर बुके भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।भगवान श्रीकृष्ण की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के पश्चात छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के संरक्षक श्री सियाराम अग्रवाल ने भगवान श्रीकृष्ण का अंगवस्त्र-दुपट्टा एवं माला पहनाकर महामहिम राज्यपाल जी का अभिनंदन किया। वहीं श्रीमती अनीता अग्रवाल ने राज्य की प्रथम महिला एवं उनकी सुपुत्री का अंगवस्त्र-दुपट्टा एवं माला पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल ने महामहिम राज्यपाल जी के ओएसडी श्री हरेंद्र सिंग जडेजा एवं श्री अशोक झुनझुनवाला का भी भगवान श्री बांके बिहारी जी के “राधे-राधे” नाम अंकित अंगवस्त्र-दुपट्टा पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया।

प्राचीन विरासत और आधुनिक स्थापत्य का अद्भुत संगम

पूजा-अर्चना के पश्चात महामहिम राज्यपाल जी ने मंदिर के भूतल स्थित कार्यालय में मंदिर ट्रस्ट एवं संस्था के पदाधिकारीगण के साथ आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्हें श्री बांके बिहारी मंदिर के गौरवशाली 157 वर्षीय इतिहास, धार्मिक परंपराओं, सेवा गतिविधियों तथा नवनिर्मित मंदिर की संकल्पना एवं निर्माण कार्य के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।महामहिम राज्यपाल जी ने मंदिर की प्राचीन विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए किए गए नवनिर्माण तथा उसकी भव्य एवं अद्भुत स्थापत्य कला की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ शताब्दी से अधिक समय से आस्था का केंद्र रहा यह मंदिर आने वाले समय में सनातन धर्म, सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम बनेगा।उन्होंने मंदिर की भव्यता एवं आध्यात्मिक स्वरूप की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र हमारी गौरवशाली परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आस्था के साथ सेवा का संकल्प

श्री बांके बिहारी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के साथ मां दुर्गा, शिव दरबार, भगवान श्री हनुमान जी, माता महालक्ष्मी एवं भगवान श्री अग्रसेन जी की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। यहां नित्य पूजा-अर्चना एवं आरती की परंपरा निरंतर चली आ रही है। मंदिर ट्रस्ट द्वारा प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ सेवा एवं सामाजिक सरोकारों को भी निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।महामहिम राज्यपाल जी का जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर आगमन मंदिर परिवार एवं श्रद्धालु समाज के लिए अत्यंत भावपूर्ण, गौरवपूर्ण एवं अविस्मरणीय क्षण रहा। उनके स्नेहपूर्ण आगमन से मंदिर परिसर में विशेष उत्साह और आनंद का वातावरण निर्मित हुआ।मंदिर ट्रस्ट परिवार ने महामहिम राज्यपाल श्री रमेन ढेका जी एवं उनके परिवार के प्रति हृदय से आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर महामहिम का आगमन श्री बांके बिहारी मंदिर की आध्यात्मिक यात्रा में एक स्मरणीय अध्याय के रूप में सदैव अंकित रहेगा।

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