ऑनलाइन डिस्काउंट के नाम पर ठगी! Zepto, BookMyShow समेत 9 दिग्गजों पर सरकार का तगड़ा एक्शन




ऑनलाइन डिस्काउंट के नाम पर ठगी! Zepto, BookMyShow समेत 9 दिग्गजों पर सरकार का तगड़ा एक्शन
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -क्या आपने कभी नोटिस किया है कि किसी ऐप पर 500 रुपये का सामान कार्ट में डालते ही बिल 550 रुपये का हो जाता है? या फिर एयरलाइन टिकट बुक करते समय ‘No I will take risk’ जैसा इमोशनल ऑप्शन दिखाकर आपसे जबरदस्ती पैसे वसूले जाते हैं? इसे डिजिटल दुनिया में ‘डार्क पैटर्न’ कहा जाता है. भारत सरकार की कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ऐसे ही धोखेबाज़ पैटर्न्स का पर्दाफाश करते हुए Zepto, BookMyShow, Physics Wallah और IndiGo जैसी 9 दिग्गज कंपनियों पर 20 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है. डिजाइन का ऐसा चालाक तरीका जो ग्राहकों को उनकी मर्जी के बिना पैसे खर्च करने या डेटा शेयर करने के लिए उकसाता है, उसे डार्क पैटर्न कहते हैं. CCPA की 2023 की गाइडलाइन्स में 13 तरह के डार्क पैटर्न्स की पहचान की गई है. इनमें झूठी अर्जेंसी दिखाना, बिल में चुपके से चार्ज जोड़ना और जबरन सब्सक्रिप्शन बेचना शामिल है.
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.क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto पर शुरुआत में कम कीमत दिखाकर बाद में हैंडलिंग चार्ज और मेंबरशिप फीस जोड़ने के आरोप में 7 लाख का जुर्माना लगा है. वहीं ऑनलाइन एजुकेशन ऐप Physics Wallah पर 5 लाख का जुर्माना ठोका गया है. यह ऐप यूजर की सहमति के बिना बिल में 10 रुपये का डोनेशन जोड़ देता था और फ्री कोर्स के नाम पर जबरन पर्सनल डेटा मांगता था. टिकट बुकिंग ऐप BookMyShow पर ऑटोमैटिक 1 रुपये का चैरिटी डोनेशन जोड़ने यानी ‘बास्केट स्नीकिंग’ के लिए एक्शन लिया गया है. दूसरी तरफ IndiGo ऐप पर ‘Confirm Shaming’ का इस्तेमाल हो रहा था, जहां इंश्योरेंस न लेने पर ‘No I will take risk’ जैसा मैसेज दिखाकर यूजर को डराया जाता था. CCPA की फटकार के बाद IndiGo ने इसे बदलकर न्यूट्रल मैसेज में बदला है. CCPA ने इसके अलावा FirstCry पर 2 लाख, Anuj Jindal पर 3 लाख, PharmaEasy पर 1 लाख, McAfee पर 1 लाख और SpiceJet पर 1 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है. इन सभी कंपनियों पर हिडन चार्ज वसूलने, जबरन सब्सक्रिप्शन रिन्यू करने और झूठे डिस्काउंट टाइमर दिखाने का आरोप साबित हुआ है. संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक सभी कंपनियों ने जुर्माना भर दिया है और अपने ऐप्स से इन धोखेबाज़ फीचर्स को हटा लिया है. सरकार का कहना है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को लगातार सेल्फ-ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भारतीय कंज्यूमर्स के अधिकारों की रक्षा की जा सके







