बड़ी खबर-छत्तीसगढ़ में अमानक पनीर एवं गैर दुग्ध उत्पादों की बिक्री निर्माण एवं परिवहन पर लगा प्रतिबंध. 31 जुलाई को राजपत्र में हो गया प्रकाशन. प्रदेश में धड़ल्ले से चल रहा है नकली पनीर एवं खोवे का गोरख धंधा. डेयरी एवं होटलो पर होगा अब सुरक्षा मानकों का नियम सख्ती से लागू

बड़ी खबर-छत्तीसगढ़ में अमानक पनीर एवं गैर दुग्ध उत्पादों की बिक्री निर्माण एवं परिवहन पर लगा प्रतिबंध. 31 जुलाई को राजपत्र में हो गया प्रकाशन. प्रदेश में धड़ल्ले से चल रहा है नकली पनीर एवं खोवे का गोरख धंधा. डेयरी एवं होटलो पर होगा अब सुरक्षा मानकों का नियम सख्ती से लागू kshititech

छत्तीसगढ़ में अमानक पनीर एवं गैर दुग्ध उत्पादों की बिक्री निर्माण एवं परिवहन पर लगा प्रतिबंध. 31 जुलाई को राजपत्र में हो गया प्रकाशन. प्रदेश में धड़ल्ले से चल रहा है नकली पनीर एवं खोवे का गोरख धंधा. डेयरी एवं होटलो पर चलेगा अब प्रशासन का डंडा

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ की सरकार ने प्रदेश में धड़ल्ले से बिक रहे अमानक खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध का डंडा चला दिया है। 31 जुलाई 2026 को इसके लिए राजपत्र में प्रशासन भी हो गया है।
छत्तीसगढ़ राजपत्र नवा रायपुर, शुक्रवार, दिनांक 31 जुलाई 2026 श्रवण 9, शक 1948लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 31 जुलाई 2026 के आदेश के अंतर्गत File No. GENCOR/19887/2026-HEALTH SECTION-2. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (2006 का 34) की धारा 30 की उप-धारा (2) के खण्ड (क) सहपठित धारा 18 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, तथा विभागीय प्रवर्तन अनुभव, प्रयोगशाला विश्लेषण, निष्पक्ष व्यापार व्यवहार, उपभोक्ता हितों, जोखिम मूल्यांकन के समग्र परीक्षण उपरांत एवं डेयरी एनालॉग से संबंधित जोखिमपूर्ण मूल्यांकन-विशेष तया एनालॉग पनीर एवं “अन्य गैर-दुग्ध किन्तु दुग्धउत्पाद-सदृश खाद्य उत्पादों” और इस बात से संतुष्ट होते हुए कि लोक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से ऐसे अमानकीकृत गैर-दुग्ध उत्पादों के उपभोग के विषय में उपभोक्ता भ्रम व अनुचित व्यापार व्यवहार को रोकने हेतु आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ सरकार, एतद्वारा निम्नलिखित प्रतिषेधात्मक आदेश जारी किया जाता है।छत्तीसगढ़ राज्य की सम्पूर्ण भौगोलिक सीमा के भीतर, ऐसे अमानकीकृत ‘डेयरी एनालॉग’ अथवा ‘गैर-दुग्ध किन्तु दुग्धउत्पाद-सदृश खाद्या, जो विशेषकर पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों को वास्तविक दुग्ध-उत्पाद होने का आभास कराते हों, उनके विनिर्माण, प्रसंस्करण, भण्डारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय, एतद्वारा, तत्काल प्रभाव से प्रतिषिद्ध किया जाता है।”यह प्रतिषेध, विशेष रूप से निम्न गैर-मानकीकृत खाद्य उत्पादों (फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ एवं मिक्स्ड फेट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पादों को छोड़कर) पर लागू होगा।उत्पाद, जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद नहीं हैं।उत्पाद, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया गया है।उत्पाद, जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग, प्रदर्शन अथवा विक्रय का तरीका उपभोक्ता को भ्रमित करता है।यह प्रतिषेध, इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगा तथा प्रकाशन की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा इस विषय में अंतिम नियामकीय मानक/विनियम अधिसूचित किए जाने अथवा खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा पूर्व में जारी आदेश निरस्त, संशोधित अथवा प्रतिस्थापित किए जाने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 जुलाई 2026.इस अधिसूचना के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जारी विस्तृत प्रतिषेधात्मक आदेश क्रमांक GENS /42304/ 2026-SECTION (CFDA) दिनाँक 22-07-2026 का पालन, राज्य के समस्त संबंधित प्राधिकारी एवं समस्त खाद्य कारोबार संचालकों द्वारा किया जाएगा।छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,अमित कटारिया, सचिव. नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 31 जुलाई 2026

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading