बायपास चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण में मुआवजा तय करने के फॉर्मूले को लेकर विवाद- भाजपा नेताओं को मुआवजा ₹3 करोड़ हेक्टेयर, बाकी को ₹60.48 लाख




बायपास चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण में मुआवजा तय करने के फॉर्मूले को लेकर विवाद- भाजपा नेताओं को मुआवजा ₹3 करोड़ हेक्टेयर, बाकी को ₹60.48 लाख
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -मध्य प्रदेश राज्य के उज्जैन सिंहस्थ बायपास चौड़ीकरण (फोरलेन) के लिए जमीन अधिग्रहण में मुआवजा तय करने के फॉर्मूले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उज्जैन कस्बा में गाइडलाइन के आधार पर जमीन का मुआवजा 3 करोड़ प्रति हेक्टेयर तय है, जबकि इसी क्षेत्र में सिंहस्थ क्षेत्र वाली जमीनों के लिए किसानों को 60.48 लाख प्रति हेक्टेयर देने का प्रस्ताव है। मुआवजे में बड़े अंतर से नाराज कई किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया है। वहीं, मोहनपुरा गांव में अफसरों ने औसत रेट का फॉर्मूला अपनाया। यहां जमीन महंगी हो या सस्ती, सभी किसानों को 2.17 करोड़ प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। मोहनपुरा में सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन की गाइडलाइन दर 38.24 लाख प्रति हेक्टेयर है, फिर भी किसानों को अधिक मुआवजा मिलेगा।उज्जैन कस्बा में मोहनपुरा की तरह औसत रेट लागू नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार, ऐसा करने से कुछ प्रभावशाली लोगों की जमीन का मुआवजा कम हो सकता था।
कम मुआवजे के आरोप : किसान
मनोहर सिंह ने बताया कि सिंहस्थ-2016 में 20 लाख की गाइडलाइन पर 40 लाख रु. मुआवजा मिला था, इस बार 12 लाख की गाइडलाइन पर सिर्फ 24 लाख मिल रहे हैं। योग माता ने बताया कि पिछली बार 7500 वर्गफीट 16 लाख मुआवजा मिला था, इस बार उतनी जमीन के लिए 4 लाख दिए जा रहे हैं।
मोहनपुरा गांव में यह फॉर्मूला
मोहनपुरा में तीन गाइडलाइन दरें थीं- भद्रबाहु मार्ग 3.74 करोड़, नगर क्षेत्र 2.40 करोड़ और सिंहस्थ क्षेत्र 38.24 लाख प्रति हेक्टेयर। अधिकारियों ने तीनों का औसत निकालकर 2.17 करोड़ प्रति हेक्टेयर की समान दर तय की। इससे सबसे महंगी श्रेणी की जमीन वाले किसानों को भी करीब 1.57 करोड़ प्रति हेक्टेयर कम मुआवजा मिला।
और उज्जैन कस्बा में यह फॉर्मूला
उज्जैन कस्बा में दो गाइडलाइन दरें थीं- सामान्य जमीन 3 करोड़ और सिंहस्थ क्षेत्र 60.48 लाख प्रति हेक्टेयर। यहां औसत दर लागू नहीं है। अधिकारियों ने दोनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग मुआवजा तय किया। इससे 3 करोड़ वाली जमीन को पूरा मुआवजा मिला, जबकि सिंहस्थ क्षेत्र के किसानों को 60.48 लाख प्रति हेक्टेयर ही दिए गए।
एसडीएम गर्ग ने कहा- मुआवजे पर आपत्ति तो कोर्ट में कर सकते हैं आवेदन
मुवावजा विवाद मामले को लेकर एलएन गर्ग, एसडीएम ने कहा कि मुआवजा दर बिक्री छांट, गाइडलाइन और किसानों की सहमति के आधार पर तय की गई है। जहां सहमति बनी, वहां गाइडलाइन के आधार पर मुआवजा बनाया गया है। 7 गांवों में से 4 में गाइडलाइन के आधार पर मुआवजा तय किया गया है।एवं अवार्ड पारित होने के बाद धारा-33 के तहत लिपिकीय त्रुटि में सुधार संभव है। मुआवजा दर पर आपत्ति होने पर धारा-64 के तहत न्यायालय में रेफरेंस आवेदन किया जा सकता है।







