कमल ने तो कमाल कर दिया -सरकार बदलते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जूड़ने 25 लाख लोगों ने दिया आवेदन- बंगाल में आरएसएस के प्रति बढ़ा लोगों का जुड़ाव. बंगाल में अब दिखेगी राष्ट्र भक्तों की सेना. लगेंगे भारत माता की जय के जयकारें


सरकार बदलते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जूड़ने 25 लाख लोगों ने दिया आवेदन- बंगाल में आरएसएस के प्रति बढ़ा लोगों का जुड़ाव
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ने की लोगों की रुचि तेजी से बढ़ी है।
संघ सूत्रों के अनुसार, पिछले एक महीने में केवल बंगाल से ही करीब 25 लाख आनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग नौ लाख आवेदन उत्तर बंगाल से आए हैं।बड़ी संख्या में आवेदन मिलने के बाद आरएसएस अब संगठन के विस्तार और सदस्यता प्रक्रिया को लेकर नई रणनीति तैयार कर रहा है।संघ सूत्रों के मुताबिक, 28 जून को होने वाली अखिल भारतीय बैठक में बंगाल के हालात पर विशेष चर्चा होगी। इसके बाद सदस्यता को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।आरएसएस का कहना है कि आवेदन करने मात्र से किसी को सदस्य नहीं बनाया जाएगा। संगठन का मानना है कि कई लोग आरएसएस को केवल एक राजनीतिक संगठन समझ रहे हैं, जबकि उसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार तथा युवाओं में चरित्र निर्माण की भावना विकसित करना है।इसी कारण सदस्यता देने से पहले प्रत्येक आवेदन की सावधानीपूर्वक जांच की जाएगी, ताकि संगठन की विचारधारा से समझौता न हो।इधर, आरएसएस से जुड़े शिक्षक संगठन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) ने भी सदस्यता अभियान तेज कर दिया है।संगठन का दावा है कि बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद उसके सदस्यों की संख्या में करीब 30 हजार की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 के लिए डेढ़ लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।एबीआरएसएम ने स्पष्ट किया है कि तृणमूल शासनकाल में सक्रिय नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को सीधे सदस्य नहीं बनाया जाएगा। हालांकि, ऐसे शिक्षक और प्राध्यापक, जो पहले किसी अन्य संगठन से जुड़े थे या परिस्थितिवश जुड़े रहने को मजबूर थे, उनका स्वागत किया जाएगा।एबीआरएसएम के विद्यालय प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव बापी प्रमाणिक ने कहा कि संगठन 1992 से बंगाल में भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा व्यवस्था, योग्य नागरिक निर्माण तथा शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर कार्य कर रहा है।बापी प्रमाणिक के अनुसार, पिछले वर्ष संगठन के लगभग 10 हजार सदस्य थे, लेकिन इस बार विद्यालय खुलने के तीन दिनों के भीतर ही सदस्य संख्या बढ़कर 40 हजार पहुंच गई है। संगठन को उम्मीद है कि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग डेढ़ लाख हो जाएगी

