कैंसर मरीजों को नया जीवन डेरा बीएमसी-बालको मेडिकल सेंटर कैंसर के खिलाफ जंग में मरीजों की नई उम्मीद.बीएमसी में एडवांस सर्जिकल टेक्नोलॉजी के प्रयोग से इलाज हुआ किफायती और आसान. 67000 कैंसर मरीजों का उपचार करने वाला छत्तीसगढ़ का विश्वसनीय चिकित्सा संस्थान

कैंसर मरीजों को नया जीवन डेरा बीएमसी-बालको मेडिकल सेंटर कैंसर के खिलाफ जंग में मरीजों की नई उम्मीद.बीएमसी में एडवांस सर्जिकल टेक्नोलॉजी के प्रयोग से इलाज हुआ किफायती और आसान. 67000 कैंसर मरीजों का उपचार करने वाला छत्तीसगढ़ का विश्वसनीय चिकित्सा संस्थान kshititech
रायपुर स्थित कैंसर का बड़ा अस्पताल बाल्को मेडिकल सेंटर
कैंसर मरीजों को नया जीवन डेरा बीएमसी-बालको मेडिकल सेंटर कैंसर के खिलाफ जंग में मरीजों की नई उम्मीद.बीएमसी में एडवांस सर्जिकल टेक्नोलॉजी के प्रयोग से इलाज हुआ किफायती और आसान. 67000 कैंसर मरीजों का उपचार करने वाला छत्तीसगढ़ का विश्वसनीय चिकित्सा संस्थान kshititech
रायपुर स्थित कैंसर का बड़ा अस्पताल बाल्को मेडिकल सेंटर
कैंसर मरीजों को नया जीवन डेरा बीएमसी-बालको मेडिकल सेंटर कैंसर के खिलाफ जंग में मरीजों की नई उम्मीद.बीएमसी में एडवांस सर्जिकल टेक्नोलॉजी के प्रयोग से इलाज हुआ किफायती और आसान. 67000 कैंसर मरीजों का उपचार करने वाला छत्तीसगढ़ का विश्वसनीय चिकित्सा संस्थान kshititech
रायपुर स्थित कैंसर का बड़ा अस्पताल बाल्को मेडिकल सेंटर

कैंसर मरीजों को नया जीवन डेरा बीएमसी-बालको मेडिकल सेंटर कैंसर के खिलाफ जंग में मरीजों की नई उम्मीद.बीएमसी में एडवांस सर्जिकल टेक्नोलॉजी के प्रयोग से इलाज हुआ किफायती और आसान

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -कैंसर का पता चलना किसी भी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए बड़ा आघात होता है। इससे उनकी पूरी जिंदगी बदल जाती है। मध्य भारत के लिए यह संकट इसलिए और गहरा हो जाता है क्योंकि यहां कैंसर संबंधी अत्याधुनिक केंद्र की उपलब्धता हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। सालों से कैंसर का विशेष इलाज, अत्याधुनिक सर्जिकल सिस्टम और तकनीक-आधारित स्वास्थ्य सेवाएं बड़े महानगरों के प्रसिद्ध अस्पतालों या बेहद महंगे निजी संस्थानों तक सीमित रहे हैं। ऐसे में मजबूर होकर मरीजों और उनके परिवारों को दूर का सफर तय करना पड़ता था जहां अस्पतालों के चक्कर लगाने, इलाज के लंबे इंतजार, मानसिक तनाव और लगातार बढ़ते भारी-भरकम आर्थिक बोझ के कारण परिवार टूट जाता था।राहत की बात यह है कि छोटे और बड़े शहरों में उपलब्ध सुविधाओं का ये अंतर अब सिमट रहा है। कैंसर के इलाज के लिए भटकने की मजबूरी अब खत्म हो रही है। वेदांता के बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने अत्याधुनिक कैंसर केयर टेक्नोलॉजी और विशेष सर्जिकल सुविधाओं की उपलब्धता मध्य भारत में सुनिश्चित कर मरीजों की बड़ी दुविधा दूर कर दी है। ‘वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन’ के तहत एक बड़े संकल्प के साथ बना 170 बिस्तरों वाला गैर-लाभकारी अस्पताल उस दूरी को मिटा रहा है जो मरीजों और बेहतरीन इलाज सुविधाओं के बीच सालों से बनी हुई थी। इसका एकमात्र मकसद समाज के जरूरतमंद लोगों तक उत्कृष्ट क्लीनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस ऑपरेशन थिएटर पहुंचाना है।पिछले आठ वर्षों के सफर को देखें तो बीएमसी ने अब तक 67,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया है। यहां की ओपीडी में 4.4 लाख से अधिक मरीज परामर्श के लिए आए। 12,500 से अधिक कैंसर के ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए। इसके अलावा मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई गई। इन कोशिशों का बड़ा फायदा यह हुआ है कि प्रारंभिक चरण में ही कैंसर की पहचान हो पा रही है। मरीजों को सही समय पर इलाज मिल पा रहा है।

बालको मेडिकल सेंटर की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘इंटीग्रेटेड ऑन्कोलॉजी इकोसिस्टम’ यानी कैंसर इलाज का एक साझा और व्यवस्थित मॉडल है। यहां मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के विशेषज्ञ अलग-अलग काम करने के बजाय एक ही छत के नीचे एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं। कैंसर के सभी विभागों को इस तरह एक साथ लाने से मरीजों के इलाज की प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आती। खासकर उन मरीजों के मामलों में जहां बीमारी गंभीर स्थिति में हो और डॉक्टरों की राय जरूरी होती है। ऐसी स्थिति में सभी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर सही समय पर निर्णय ले पाते हैं। इस इंटीग्रेटेड व्यवस्था से न केवल इलाज की योजना बेहतर होती है और मरीजों को अच्छे परिणाम मिलते हैं बल्कि एक से दूसरे अस्पताल भटकने की परेशानी और देरी खत्म हो जाती है। यह मुश्किल दौर से गुजर रहे मरीजों और उनके परिवारों के मानसिक, शारीरिक और आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम कर देता है।कैंसर के आधुनिक इलाज के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए बीएमसी ने अब ‘डा विंची एक्स आई’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की शुरुआत की है। इसके साथ ही यह इस पूरे क्षेत्र का ऐसा पहला अस्पताल बन गया है जो रोबोट की मदद से न्यूनतम चीरा लगाने वाली कैंसर सर्जरी की सुविधा प्रदान कर रहा है। ये सिस्टम हाई-डेफिनिशन 3डी इमेजिंग और बेहतरीन कंट्रोल की मदद से डॉक्टरों को बेहद जटिल ऑपरेशन पूरी सटीकता के साथ करने की सुविधा देता है। मरीजों को इसका सीधा लाभ यह होता है कि ऑपरेशन में कम खून बहता है, अस्पताल में कम समय रुकना पड़ता है और वे जल्दी स्वस्थ होकर घर लौट पाते हैं।कैंसर के विशेष ऑपरेशनों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर में 6 एडवांस ऑपरेशन थिएटर (ओटी) शामिल किए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर तैयार किए गए ये सभी ओटी पूरी तरह से मॉड्युलर हैं जो ‘हेपा-फिल्टर्ड’ हवा और पूरी तरह से नियंत्रित वातावरण से लैस हैं। इनमें लगे आधुनिक डिजिटल सिस्टम ऑपरेशनों को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वस्तरीय बनाने में मदद करते हैं।अस्पताल में हुए इन बड़े बदलावों के महत्व को रेखांकित करते हुए ‘वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन’ की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने कहा, ‘बीएमसी को कैंसर इलाज के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हम विश्वस्तरीय संस्थानों से प्रेरणा लेते हैं और इस क्षेत्र के लोगों को इलाज का बेहतरीन स्तर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत और छठे ऑपरेशन थिएटर के जुड़ने से अब बीएमसी के पास जटिल कैंसर मामलों के इलाज के लिए अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। हम इसे इस क्षेत्र के अन्य अस्पतालों और डॉक्टरों के साथ मिलकर काम करने के एक बड़े मौके के रूप में देखते हैं ताकि हम आपस में जानकारी साझा कर सकें और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों में डॉक्टरों को और बेहतर बना सकें। छत्तीसगढ़ राज्य और पूरे देश में कैंसर के इलाज की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कैंसर विशेषज्ञों की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करना बेहद महत्वपूर्ण होगा

चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के साथ बीएमसी ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सौर ऊर्जा प्रणाली अपनाई है ताकि स्वास्थ्य सेवाएं पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बनी रहें।मरीजों और उनके परिवारों के लिए यह बदलाव सिर्फ अस्पताल की सुविधाएं मिलने तक सीमित नहीं है बल्कि अत्याधुनिक चिकित्सा के प्रति नई उम्मीद हैं। अपने घर के पास ही कैंसर का बेहतरीन इलाज मिलने से जरूरतमंदों को सही समय पर बीमारी का पता चल पाता है साथ ही डॉक्टरों की देखरेख में मरीजों का इलाज बिना किसी रुकावट पूरा होता है। दूरदराज के सफर से होने वाला मानसिक, शारीरिक और आर्थिक तनाव भी कम कर पाने में मदद मिली है। इंटीग्रेटेड ऑन्कोलॉजी केयर, एडवांस सर्जिकल टेक्नोलॉजी और लगातार बढ़ती सुविधाओं से बालको मेडिकल सेंटर देश के बड़े महानगरों से बाहर विश्वस्तरीय कैंसर इलाज को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।

कैंसर मरीजों को नया जीवन डेरा बीएमसी-बालको मेडिकल सेंटर कैंसर के खिलाफ जंग में मरीजों की नई उम्मीद.बीएमसी में एडवांस सर्जिकल टेक्नोलॉजी के प्रयोग से इलाज हुआ किफायती और आसान. 67000 कैंसर मरीजों का उपचार करने वाला छत्तीसगढ़ का विश्वसनीय चिकित्सा संस्थान kshititech
रायपुर स्थित कैंसर का बड़ा अस्पताल बाल्को मेडिकल सेंटर
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