अस्त व्यस्त हुआ सराफा बाजार-नागपुर सहित देशभर का सराफा कारोबार संकट में. सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही सराफा से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट. सराफा दुकानदारों को गोल्ड कंट्रोल एक्ट लागू होने का खतरा. सराफा बाजार को हिलाकर रख दिया मोदी की एक अपील ने



अस्त व्यस्त हुआ सराफा बाजार-नागपुर सहित देशभर का सराफा कारोबार संकट में. सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही सराफा से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट. सराफा दुकानदारों को गोल्ड कंट्रोल एक्ट लागू होने का खतरा
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को हैदराबाद की जनसभा में देश की जनता से आगामी एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील कर नागपुर सहित देशभर के सराफा कारोबार को जबरदस्त सकते में डाल दिया है। रोकड़े ज्वेलर्स के संचालक राजेश रोकड़े ने बताया कि अगर प्रधानमंत्री की इस अपील का आम जनता के दिलो दिमाग पर व्यापक असर हुआ तो इस व्यवसाय से जुड़े लगभग 01 करोड़ लोग बेरोजगार हो सकते हैं। प्रधानमंत्री की इस देशहित में कि गई अपील का शेयर बाजार पर भी असर दिखाई दे रहा है और सराफा कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयर्स में बाजार खुलते ही गिरावट देखी जा रही है। इन दिनों अमेरिका और ईरान केबीच जारी तनातनी का व्यापक असर शेष विश्व पर पड़ रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना हर देश के सामने गंभीर चुनौती बन गया है और इसी चुनौती का सामना करने के मकसद से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने के अलावा अन्य कई अपील की है। पीएम मोदी ने हैदराबाद की जनसभा में कल अपील की कि देश की जनता कहा 01 साल तक सोना न खरीदे।पीएम ने देशवासियों से अपील की कि जरूरी न हो तो अगले 01 साल तक सोना बिल्कुल न खरीदें, चाहे घर में शादी-ब्याह या कोई भी समारोह क्यों न हो। उन्होंने कहा कि दुनिया में युद्ध और अस्थिरता के कारण कच्चे तेल, गैस और खाद की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। सोना खरीदने में बहुत विदेशी मुद्रा खर्च होती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। विदेशी मुद्रा बचाना आज देशभकित की नई चुनौती है।
कोरोना वाली आदतें फिर अपनाएं
प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की कि कोरोना काल वाली आदतें फिर से अपनाएं। वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता दें। पेट्रोल-डीजल का कम से कम इस्तेमाल करें। मेट्रो-पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करें, कार पूलिंग करें। सामान रेलवे से भेजें ताकि डीजल बचे। १ साल तक विदेश घूमने और शादियों में जाने से बचें, देश में ही पर्यटन करें।
पहले क्या होता था ?
पीएम ने कहा कि पहले संकट या युद्ध के समय लोग देश के लिए सोना दान कर देते थे,नागपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स लिमिटेड (एनसीसीएल) के अध्यक्ष सीए कैलाश जोगानी ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस अपील का देश की जनता पर व्यापक असर पड़ सकता है। सराफा कारोबार भी प्रभावित हो सकता है। देशहित में प्रधानमंत्री की अपील को जोगानी ने उचित बताया कि भारत में बड़े पैमाने पर कच्चे में सोना खरीदा जाता है। अब लोगों को यह डर भी लगेगा कि सरकार सोने की खरीदी या स्टॉक पर अचानक प्रतिबंध न लगा दे।1968 में सरकार ने ऐसा किया था। लोगों को गोल्ड कंट्रोल एक्ट लागू होने की आशंका भी सता सकती है।
ज्वेलरी खरीद पर न हो अंकुश : रोकड़े
शहर के विख्यात सराफा कारोबारी राजेश रोकड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का व्यापक असर हुआ तो एक करोड़ लोगों पर बेरोजगारी का संकट आ सकता है। ७० लाख तो कारागीर हैं और ३० लाख अन्य कर्मचारी। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाए जा रहे कदम जायज हैं लेकिन प्रतिबंध सोना खरीदने पर भले ही लगाएं लेकिन सोने के आभूषण खरीदी पर नहीं। यह इंडस्ट्री जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देती है और हमारे यहां की कारागिरी विश्वभर में प्रसिद्ध और बेजोड़ है। रोकड़े में कहा कि देशप्रेम से बड़ा कुछ भी नहीं है, इसलिए हम प्रधानमंत्री की अपील का विरोध नहीं करेंगे लेकिन अपील करेंगे कि सरकार इस उद्योग को केवल सोने के रूप में नहीं बल्कि एक इंडस्ट्री के रूप में देखे।
याद आती है नोटबंदी
उल्लेखनीय है कि 08 नवंबर 2016 की रात 08 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता को संबोधित करते हुए 500 तथा 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने का ऐलान किया था। लोगों को डर है कि प्रधानमंत्री उसी प्रकार एक दिन देश में गोल्ड कंट्रोल एक्ट न लागू कर दें। 1968 में सरकार ने यह कानून लागू किया था जो 1990 तक प्रभावी रहा था।






