सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ-अनिल अग्रवाल चेयरमैन वेदांता ग्रुप. एथेना प्लांट घटना को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त की अनिल जी ने. अनिल जी ने कहा- एथेना प्लांट के सभी पीड़ितों को दिया जा चुका है मुआवजा. आगे हमसे जो भी बनेगा करेंगे जरूर

सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ-अनिल अग्रवाल चेयरमैन वेदांता ग्रुप. एथेना प्लांट घटना को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त की अनिल जी ने. अनिल जी ने कहा- एथेना प्लांट के सभी पीड़ितों को दिया जा चुका है मुआवजा. आगे हमसे जो भी बनेगा करेंगे जरूर kshititech
सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ-अनिल अग्रवाल चेयरमैन वेदांता ग्रुप. एथेना प्लांट घटना को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त की अनिल जी ने. अनिल जी ने कहा- एथेना प्लांट के सभी पीड़ितों को दिया जा चुका है मुआवजा. आगे हमसे जो भी बनेगा करेंगे जरूर kshititech
वेदांता ग्रुप के संस्थापक अनिल अग्रवाल

सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ-अनिल अग्रवाल चेयरमैन वेदांता ग्रुप. एथेना प्लांट घटना को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त की अनिल जी ने

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति देश दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक घराने वेदांता ग्रुप के संस्थापक अनिल अग्रवाल जहां लगातार उद्योग के क्षेत्र में अथक परिश्रम एवं कुशल प्रबंधन से जाने जाते हैं। तो वहीं अनिल जी ने विगत महीनो एक बड़ा फैसला लेते हुए अपनी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा सेवा के कामों में भी लगाने का निर्णय लिया था। तथा अनिल जी के कुशल नेतृत्व में जहां वेदांता ग्रुप में काम करने वाले लोग भी एक परिवार के सदस्य की तरह रहते हैं।किंतु इसके बावजूद औद्योगिक इकाइयों में पूर्ण सावधानी के बावजूद ऐसी अप्रिय घटनाएं हो जाती हैं। जो की झकझोर कर रख देती है। कुछ इसी तरह से शक्ति जिले के सिंघी तराई में हुई विद्युत संयंत्र की घटना ने भी अनिल जी के दिलों दिमाग पर इस घटना को लेकर प्रभाव डाला है। जिस पर स्वयं अनिल जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना पर अपने शब्दों के माध्यम से भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा है कि साल की शुरुआत में ही, मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर, इस महीने, 14 अप्रैल को सिंधीतराईप्लांट में हुए अफसोस जनक हादसे ने, मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली भाँति जानता हूँ।

अनिल जी ने लिखा है कि दोनों ही हादसे, इतने unnatural से, पीड़ा से भरे लगते हैं, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।मुझे दुख और हैरत होती है सोचकर कि हमारे इस एथेना प्लांट में हमने सर्वोच्च सावधानी बरती, इस प्लांट की पूरी जिम्मेदारी भी हमने हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी एनटीपीसी जीई की पार्टनरशिप एनजीसीएल को सौंपी। निर्माण और कर्मचारी भी उनके थे। लंबा अनुभव भी उनका था। और इसी भरोसे पे निश्चिंत होकर हमने इस प्लांट का रखरखाव और ऑपरेशन आउटसोर्स किया था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।यह वैसा ही है जैसे अक्सर वाहन मालिक, अपना वाहन किसी भरोसेमंद ड्राइवर को दे देते हैं। और उम्मीद करते हैं कि वाहन चालक और वाहन, नियमों के साथ चलकर सलामत रहेंगे। वेदांता के हर कॉन्ट्रैक्ट में सुरक्षा पे सबसे ज़्यादा ध्यान केंद्रित रहता है। और एनटीपीसी और जीई की भी यही पॉलिसी रही है। उसके बाद भी इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाए तो दिल टूट जाता है।मेरे बेटे अग्निवेश सहित, जो 25 प्रियजन हमने खोए हैं, उन सभी जनों को मैं वेदांता परिवार और अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। सच है कि होनी पर तो कोई बस नहीं है। एथेना प्लांट के सारे के सारे पीड़ितों को मुआवज़ा मिल चुका है और आगे भी हमसे वेदांता ग्रुप चेयरमैन के रूप में जो भी हो पाएगा, वो हम ज़रूर करेंगे।

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