15 खबरें एक साथ-शक्ति जिले के भूमिहीन मजदूरों को 11 करोड रुपए की राशि वितरण. जिले में खनिज विभाग ने फिर करी बड़ी कार्रवाई। खाद्य औषधि विभाग ने बर्फ फैक्ट्रीयो में लिए सैंपल. जिले में होगा राजस्व पखवाड़ा का आयोजन,। कलेक्टर तोपनों के निर्देशन में राजस्व अधिकारियों को दिए गए निर्देश. स्वास्थ्य विभाग ने बाल मधुमेह के लिए चलाया जागरूकता अभियान



15 खबरें एक साथ-शक्ति जिले के भूमिहीन मजदूरों को 11 करोड रुपए की राशि वितरण. जिले में खनिज विभाग ने फिर करी बड़ी कार्रवाई। खाद्य औषधि विभाग ने बर्फ फैक्ट्रीयो में लिए सैंपल. जिले में होगा राजस्व पखवाड़ा का आयोजन,। कलेक्टर तोपनों के निर्देशन में राजस्व अधिकारियों को दिए गए निर्देश
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय आदान राशि वितरण कार्यक्रम में रिमोट का बटन दबाकर राज्य के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों के खाते में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये हस्तांतरित किए। इस योजना से सक्ती जिले के 10766 हितग्राहियों के खाते में 10 करोड़ 76 लाख 60 हजार रुपये की राशि अंतरित हुई। जिनमें ग्रामीण क्षेत्र के 8551 और नगरीय निकाय क्षेत्र के 2215 हितग्राही शामिल हैं। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कमल किशोर पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती विद्या सिदार उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री कमल किशोर पटेल ने कहा कि यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए आर्थिक संबल साबित हो रही है। इससे जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आयेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती विद्या सिदार ने कहा कि शासन की यह पहल ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हितग्राहियों को इस सहायता राशि का सही उपयोग कर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन ने कहा कि शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा है। इससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने हितग्राहियों से अपील की कि वे प्राप्त राशि का उपयोग अपनी आवश्यकताओं एवं आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने में करें, ताकि उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार आ सके। जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री बालेश्वर राम, अपर कलेक्टर श्री के एस पैंकरा, जनपद पंचायत सक्ती सीईओ श्री निखिल कश्यप सहित जनप्रतिनिधि, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है
पीएम-आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन फसलों की खरीद के लिए पंजीयन 31 मार्च 2026 तक
शक्ति -प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान” (पीएम-आशा) के तहत दलहन-तिलहन फसल के उपार्जन हेतु प्राइस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत शासन द्वारा अधिसूचित समितियों के द्वारा दलहन एवं तिलहन के फसलों की खरीदी की जायेगी। प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) अंतर्गत दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन हेतु सक्ती जिले में केंद्रीय एजेंसी नाफेड के माध्यम से समितियों (रगजा, मालखरौदा, बेल्हाडीह, पीहरिद, जैजैपुर एवं कोटमी) को अधिसूचित किया गया है। इन समितियों के माध्यम से कृषक दलहन व तिलहन फसलों के उपार्जन समर्थन मूल्य में विक्रय कर सकेंगे। योजनान्तर्गत कृषकों का पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल में पंजीयन होना अनिवार्य है। पंजीयन के दौरान आधारकार्ड, ऋण पुस्तिका की फोटोकॉपी, बी 1, खसरा, फसल विवरण, बैंक पास बुक की फोटोकॉपी, इत्यादि पंजीयन आवश्यक है। जिन कृषकों के बैंक में निर्यातक दलहन व तिलहन फसल का पंजीयन हुआ है वही कृषक इस योजना में उपार्जन कर सकेंगे। कृषकों का पंजीयन दिनांक 31 मार्च 2026 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। अधिसूचित फसल चना, मसूर एवं सरसों खरीद केन्द्र समिति में जाकर पंजीयन समय पर करावें। योजना से संबंधित ज्यादा जानकारी के लिए क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या विकासखंड कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत अधिसूचित फसलों में मूंग के लिए अधिकतम सीमा 3.00 क्विंटल प्रति एकड़ एवं समर्थन मूल्य 8768.00 रुपये, उड़द के लिए अधिकतम सीमा 3.00 क्विंटल प्रति एकड़ एवं समर्थन मूल्य 7800.00 रुपये तथा मूंगफली के लिए अधिकतम सीमा 7.00 क्विंटल प्रति एकड़ एवं समर्थन मूल्य 7263.00 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं रबी विपणन वर्ष 2026-27 अंतर्गत चना के लिए अधिकतम सीमा 6.00 क्विंटल प्रति एकड़ एवं समर्थन मूल्य 5875.00 रुपये, सरसों के लिए अधिकतम सीमा 5.00 क्विंटल प्रति एकड़ एवं समर्थन मूल्य 6200.00 रुपये तथा मसूर के लिए अधिकतम सीमा 2.00 क्विंटल प्रति एकड़ एवं समर्थन मूल्य 7000.00 रुपये निर्धारित किया गया है
बाल मधुमेह और बच्चों का स्वस्थ भविष्य पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम किया गया आयोजित
शक्ति -जिले में बच्चों में बढ़ते मधुमेह, विशेषकर टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार एवं समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय (दो सत्रों में) उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं मितानिन प्रशिक्षकों सहित विभिन्न प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को टाइप-1 डायबिटीज के लक्षणों की शीघ्र पहचान, समयानुकूल उपचार एवं समग्र प्रबंधन की तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि समुदाय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। प्रशिक्षण के दौरान टाइप-1 डायबिटीज की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन, काउंसलिंग एवं रोगी सहायता समूहों की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता रणनीतियां तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सहयोग के महत्व जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों एवं अनुभव साझा कर विषय की गहन समझ विकसित की. स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से बाल मधुमेह की समय पर पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित कर बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल ने कहा कि “बाल मधुमेह की समय पर पहचान एवं निरंतर प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है, जिससे बच्चों को सामान्य एवं स्वस्थ जीवन प्रदान किया जा सके। इस प्रकार के प्रशिक्षण से स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे वे समुदाय स्तर पर बेहतर परामर्श एवं उपचार सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “बच्चों का स्वस्थ भविष्य हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए जागरूकता, समय पर जांच एवं समुचित उपचार अत्यंत जरूरी है।” प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ की टीम द्वारा स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस प्रशिक्षण में सभी प्रतिभागियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही, जो भविष्य में बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री कीर्ति बारा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।
जिले में होगा राजस्व पखवाड़ा का आयोजन, कलेक्टर ने प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश।तीन चरणों में आयोजित होगा राजस्व पखवाड़ा
शक्ति -छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार जिले में राजस्व पखवाड़ा 2026 का व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन किया जाएगा। यह अभियान तीन चरणों में आयोजित होगा। यह कार्यक्रम जिले में अप्रैल माह में 01 से 15 अप्रैल तक, मई में 04 से 18 मई तक तथा जून में 01 से 15 जून तक जिले के सभी ग्रामों में शिविर लगाए जाएंगे। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व से जुड़े सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल शिविर आधारित कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम जनता को त्वरित राहत प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए कार्य में गति और गुणवत्ता दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए। कलेक्टर ने अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, वृक्ष कटाई, परिवर्तन, त्रुटि सुधार सहित लंबित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। शिविरों में प्राप्त आवेदनों की मौके पर ही जांच, पंजीयन एवं निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि हितग्राहियों को तत्काल लाभ मिल सके। साथ ही भू-स्वामियों के खातों में आधार नंबर, मोबाइल नंबर, किसान किताब एवं जेंडर संबंधी प्रविष्टियों को भी अद्यतन करने पर जोर दिया गया। जिले में जनहानि, फसल क्षति एवं पशु हानि से संबंधित आरबीसी 6-4 के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने, भू-अर्जन प्रकरणों में समय-सीमा का पालन करने तथा शुल्क प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अभिलेख शुद्धता अभियान के तहत त्रुटिपूर्ण, संदेहास्पद एवं अपूर्ण प्रविष्टियों वाले अभिलेखों को सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में कोटवारों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजने को कहा गया है।
सफलता की कहानी-दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सुलोचना सिदार को मिल रहा आर्थिक सहारा
शक्ति -सरकार की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना भूमिहीन मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।इसी योजना का लाभ विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम पंचायत अमलडीहा की निवासी श्रीमती सुलोचना सिदार को भी मिल रहा है। एक साधारण कृषक मजदूर परिवार से जुड़ी सुलोचना सिदार के पास स्वयं की कृषि भूमि नहीं है और उनका परिवार मजदूरी पर निर्भर है। ऐसे में यह योजना उनके लिए एक बड़ा सहारा साबित हुई है। श्रीमती सुलोचना सिदार बताती हैं कि उन्हें हर वर्ष मिलने वाली 10,000 रुपए की राशि से घरेलू खर्चों में काफी मदद मिलती है। वे इस राशि का उपयोग रोजमर्रा की आवश्यकताओं, बच्चों की जरूरतों तथा छोटे-मोटे घरेलू कार्यों में करती हैं। श्रीमती सुलोचना सिदार ने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना भूमिहीन मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा साबित हो रही है।
विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिले में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का किया गया शुभारंभ।कलेक्टर के निर्देशन में विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
शक्ति -कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पूजा अग्रवाल के मार्गदर्शन में विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिले में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट कार्यालय सभाकक्ष में किया गया। इस वर्ष की थीम “यस वी कैन एंड टीबी, लीड बाई कंट्री, पावर्ड बाय प्यूपल” रही। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका समय पर इलाज संभव है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में इसकी नि:शुल्क जांच और उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच कराएं और टीबी मुक्त अभियान में सहयोग करें। इस अवसर पर वर्ष 2023 एवं 2024 में टीबी मुक्त पंचायत घोषित ग्रामों के सरपंचों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही वेदांता पावर प्लांट के सहयोग से टीबी मरीजों को पोषण किट का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन, अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर श्री बालेश्वर राम, अपर कलेक्टर श्री के एस पैंकरा तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता रथ रवाना
शक्ति -विश्व क्षय दिवस पर टीबी मुक्त भारत अभियान (100 दिवसीय द्वितीय चरण) का शुभारंभ नगर पालिका परिषद सक्ती अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी, समय पर जांच और सही उपचार से टीबी को समाप्त किया जा सकता है तथा नागरिकों से लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त सक्ती के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में सघन स्क्रीनिंग, घर-घर सर्वे, संदिग्ध मरीजों की पहचान, त्वरित जांच व उपचार की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही टीबी मरीजों को पोषण सहायता, निक्षय मित्रों से सहयोग तथा जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला क्षय अधिकारी डॉ. संत राम सिदार, डॉ. सुदर्शन भारद्वाज, पीएमटीबीएम कंसल्टेंट दीक्षा पुरी, जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री विनोद राठौर, एस्टेब्लिशमेंट शाखा के प्रतिनिधि, जिला आयुष्मान समन्वयक श्री सलमान खान, एसटीएस श्रीमती मीना मरकाम, टीबी निरीक्षक श्री ओम प्रकाश धीवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे
शैक्षणिक सत्र 2025–26 अंतर्गत ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु नवीन और नवीनीकरण आवेदन आमंत्रित, अंतिम तिथि 27 मार्च 2026 तक
शक्ति -अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्र 2025–26 में ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है। छत्तीसगढ़ में संचालित शासकीय व अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों सहित अन्य शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत योग्य विद्यार्थी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के पंजीयन, स्वीकृत एवं वितरण की कार्यवाही https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ के माध्यम से ऑनलाइन की जा रही है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने हेतु नवीन और नवीनीकरण आवेदन की अंतिम तिथि 27 मार्च 2026 तक निर्धारित की गई हैं। निर्धारित तिथि के बाद शिक्षा सत्र 2025-26 के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए विभागीय पोर्टल को बंद किया जाएगा। इसका भुगतान हेतु जिला कार्यालय द्वारा राज्य कार्यालय को प्रेषित करने की तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं, तो इसके लिए संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे।
छात्रवृत्ति हेतु पात्रता
शक्ति -अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालक की आय सीमा रू. 2.50 लाख और अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु आय सीमा 1 लाख रूपये प्रतिवर्ष होना चाहिए। सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छ.ग. का मूल निवास प्रमाण पत्र, विद्यार्थी के अध्ययनरत् पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम संलग्न करना होगा। पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। सभी विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन करते समय ध्यान रखे कि उनका बचत खाता एक्टिव हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नम्बर की प्रविष्टि करना सुनिश्चित करें। अधिक जानकारी के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ती से संपर्क किया जा सकता है
कलेक्टर के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत किया जा रहा विशेष जाँच निरीक्षण अभियान
शक्ति -कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशनुसार तथा आयुक्त खाद्य संरक्षण, खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में गर्मी मौसम को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विशेष जाँच निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में पैक्ड पानी पाउच, पैक्ड पानी बोतल, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, सॉफ्ट ड्रिंक एवं आइस कैंडी जैसे पेय एवं खाद्य पदार्थों का उपयोग आमजन द्वारा अधिक मात्रा में किया जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा जिला सक्ती के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा सघन जाँच एवं निरीक्षण किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान मेसर्स आरती आइस फैक्ट्री बाराद्वार से ड्रीम बेर वैनिला मीडियम फैट फ्रोजन डेजर्ट (पैक्ड), मेसर्स जायसवाल किराना स्टोर ग्राम खैरा से क्वालिटी क्रीम ऑरेंज आइस कैंडी (पैक्ड) तथा मेसर्स महेंद्र आइसक्रीम एंड आइस फैक्ट्री ग्राम सोंठी सक्ती से खाद्य पदार्थ (आइस) के विधिवत नमूने संकलित कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजे गए हैं। जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने पर यदि किसी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत न्यायालयीन प्रक्रिया अनुसार प्रकरण तैयार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम एवं नियमों का पालन करने, अमानक, मिथ्याछाप एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों का विक्रय नहीं करने, विक्रय स्थल में साफ-सफाई बनाए रखने तथा अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन के साथ ही खाद्य कारोबार संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर विभाग द्वारा कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।खाद्य कारोबारकर्ताओं को जागरूक करने हेतु विशेष अभियान के अंतर्गत अग्रसेन भवन, सक्ती में दिनांक 30 मार्च 2026 को खाद्य अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन हेतु शिविर का आयोजन किया गया है। जिन कारोबारकर्ताओं के पास अनुज्ञप्ति अथवा पंजीयन नहीं है, वे इस शिविर में शामिल होकर अपना पंजीयन करा सकते हैं
कलेक्टर के निर्देशन में कलमा में अवैध रेत उत्खनन पर आधी रात बड़ी कार्रवाई, 2 पोकलेन व 8 डंपर जब्त
शक्ति -कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में डभरा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री विनय कुमार कश्यप एवं तहसीलदार श्री मनमोहन प्रताप सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने 24 मार्च की मध्य रात्रि ग्राम कलमा (महानदी तट) पर अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध उत्खनन करते पाए जाने पर 2 पोकलेन मशीन एवं 8 डंपर जब्त कर चंद्रपुर थाने में सुपुर्द किया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में राजस्व अमला एवं पुलिस की टीम शामिल रही। टीम में पटवारी देव कश्यप, हरिशंकर पटेल, हरमेंद्र वारे, लखनपुरी, मुकेश रमन, अंकितेश पटेल, लोकेश पटेल, चितरंजन महिलांगे एवं रामकुमार रात्रे उपस्थित रहे।


